{"_id":"69177bee2cb730454b0d6017","slug":"hisar-hisar-news-dost-police-hisar-news-c-21-hsr1020-750263-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: पुलिस की सीख...डरें नहीं, साहसी बनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: पुलिस की सीख...डरें नहीं, साहसी बनें
विज्ञापन
अमर उजाला दोबारा आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में महिला थाना के स्टाफ और स्कूल के बच्चे भाग लेत
हिसार। महिला थाने के भ्रमण पर पहुंचीं छात्राओं को हेड कांस्टेबल अनिता ने संदेश दिया कि यदि किसी के साथ छेड़छाड़ हो तो डरकर चुप रहने के बजाय उसका खुलकर विरोध करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि उसे अपना दोस्त समझें। किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर को याद रखें और घरेलू हिंसा हो या अन्य किसी भी तरह की समस्या पुलिस को बताएं।
अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुलखनी की 76 छात्राओं ने महिला थाने का दौरा किया। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों व कानून से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल की। छात्राओं को थाने के शिकायत कक्ष, हवालात, महिला हेल्प डेस्क और कार्यालय का अवलोकन करवाया गया।
कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल अनिता ने छात्राओं को बताया कि थाने में प्रवेश के बाद रजिस्टर में एंट्री कैसे की जाती है, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है और पुलिस आपात स्थिति में कैसे तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है। सेल्फ डिफेंस हर लड़की में आत्मविश्वास बढ़ाता है। वहीं हेड कांस्टेबल सुमन ने कहा कि पुलिस 24 घंटे महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है और किसी भी परेशानी में तुरंत मदद ली जा सकती है।
विज्ञापन
हेल्पलाइन नंबर याद रखने की सलाह दी
जिला संरक्षक एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं जिला मुख्यालय पर 24 घंटे खुले वन स्टॉप सेंटर में आश्रय ले सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को 112, 1098 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबर याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें और बुरी संगति से दूरी बनाएं। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए या अभद्र भाषा का प्रयोग करे तो तुरंत परिजनों या पुलिस को बताएं।
छात्राओं के मन से पुलिस का डर हुआ दूर
स्कूल के प्राचार्य राज कुमार श्योराण ने कहा कि महिला थाने के भ्रमण से छात्राओं के मन से पुलिस का डर दूर हुआ है। छात्राओं ने जाना कि पुलिस उनकी प्रत्येक समस्या में सहयोग करने के लिए तैयार रहती है। अपराध होने पर चुप रहने के बजाय शिकायत कर दोषी को सजा दिलानी चाहिए, क्योंकि चुप्पी अपराधी को और बढ़ावा देती है। कार्यक्रम में टीजीटी रीटा, पीजीटी शशि, कंप्यूटर शिक्षक अनिल कुमार, फिजिक्स शिक्षक अनिल कुमार और टीजीटी सुमन मौजूद रहीं।
कानूनी अधिकारों के बारे में बताया
शिक्षक सुमन ने कहा कि छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न व अपहरण जैसे अपराधों की शिकायत प्रक्रिया तथा कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी लड़की को अपनी बात कहने से कभी डरना नहीं चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुलखनी की 76 छात्राओं ने महिला थाने का दौरा किया। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों व कानून से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल की। छात्राओं को थाने के शिकायत कक्ष, हवालात, महिला हेल्प डेस्क और कार्यालय का अवलोकन करवाया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल अनिता ने छात्राओं को बताया कि थाने में प्रवेश के बाद रजिस्टर में एंट्री कैसे की जाती है, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है और पुलिस आपात स्थिति में कैसे तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है। सेल्फ डिफेंस हर लड़की में आत्मविश्वास बढ़ाता है। वहीं हेड कांस्टेबल सुमन ने कहा कि पुलिस 24 घंटे महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है और किसी भी परेशानी में तुरंत मदद ली जा सकती है।
विज्ञापन
हेल्पलाइन नंबर याद रखने की सलाह दी
जिला संरक्षक एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं जिला मुख्यालय पर 24 घंटे खुले वन स्टॉप सेंटर में आश्रय ले सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को 112, 1098 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबर याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें और बुरी संगति से दूरी बनाएं। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए या अभद्र भाषा का प्रयोग करे तो तुरंत परिजनों या पुलिस को बताएं।
छात्राओं के मन से पुलिस का डर हुआ दूर
स्कूल के प्राचार्य राज कुमार श्योराण ने कहा कि महिला थाने के भ्रमण से छात्राओं के मन से पुलिस का डर दूर हुआ है। छात्राओं ने जाना कि पुलिस उनकी प्रत्येक समस्या में सहयोग करने के लिए तैयार रहती है। अपराध होने पर चुप रहने के बजाय शिकायत कर दोषी को सजा दिलानी चाहिए, क्योंकि चुप्पी अपराधी को और बढ़ावा देती है। कार्यक्रम में टीजीटी रीटा, पीजीटी शशि, कंप्यूटर शिक्षक अनिल कुमार, फिजिक्स शिक्षक अनिल कुमार और टीजीटी सुमन मौजूद रहीं।
कानूनी अधिकारों के बारे में बताया
शिक्षक सुमन ने कहा कि छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न व अपहरण जैसे अपराधों की शिकायत प्रक्रिया तथा कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी लड़की को अपनी बात कहने से कभी डरना नहीं चाहिए।