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Hisar: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक बनीं ढाणा खुर्द की निशा, बिन कोचिंग घर बैठ पढ़ाई कर पाया मुकाम
Thu, 27 Jun 2024 10:27 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 27 Jun 2024 10:27 PM IST
सार
ढाणा खुर्द की निशा ने बिना कोचिंग घर बैठ पढ़ाई कर मुकाम पाया है। वह अब मानव जाति सहित प्रकृति को परमाणु उर्जा के दुष्प्रभावों और लाभ पर शोध करेंगी।
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निशा
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के हिसार के ढाणा खुर्द की बेटी निशा भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई में वैज्ञानिक बन गई हैं। अब वह परमाणु ऊर्जा से मानव जाति सहित प्रकृति को होने वाले लाभ व दुष्परिणामों पर शोध करेंगी। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में जश्न सा माहौल है।
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निशा को खुद को अंदाजा नहीं था कि वह वैज्ञानिक बनेंगी। वह शिक्षक बनना चाहती थीं। निशा ने बताया कि उसके पिता जयभगवान सीआरपीएफ में हैं और फिलहाल झारखंड में तैनात हैं।
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उनकी मां सविता गृहिणी हैं। छोटा भाई पढ़ाई करता है। निशा ने बताया कि उन्होंने बिना कोचिंग घर बैठकर पढ़ाई की। इंटरनेट के सहारे केमिस्ट्री एप से कोचिंग ली। जीजेयू के प्रोफेसर डॉ. सीपी कौशिक ने उनका मार्गदर्शन किया। इसके बाद बीएआरसी में साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत सुनील सेवटा ने साक्षात्कार में सहयोग किया।
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प्राथमिक शिक्षा गांव में की
वैज्ञानिक निशा ने बताया कि दसवीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में करने के बाद 12वीं कक्षा की पढ़ाई गांव सिकंदरपुर से पूरी की। एसडी महिला महाविद्यालय हांसी से बीएससी की। बाद में जीजेयू में एमएससी केमिस्ट्री में दाखिला लिया। एमएससी के बाद सीएसआईआर नेट जेआरएफ के लिए तैयारी में जुट गई। नेट की कोचिंग ऑनलाइन घर पर करती थी। फरवरी 2023 में यूट्यूब के माध्यम से बर्क साइंटिफिक ऑफिसर की वैकेंसी के बारे में पता चला तो आवेदन कर दिया। परीक्षा पास होने पर वह अब वैज्ञानिक के रूप में शोध करेंगी।