{"_id":"570ffd314f1c1b483f4a6d10","slug":"hindi-story-water-problem-budak-village-rajasthan-border-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने टैंक सूखे राजस्थान बॉर्डर से मंगवाया जा रहा है पानी, जलघर को जड़ा ताला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने टैंक सूखे राजस्थान बॉर्डर से मंगवाया जा रहा है पानी, जलघर को जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार।
Updated Fri, 15 Apr 2016 01:57 AM IST
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पानीसमस्या
- फोटो : ब्यूरो
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जिले भर में पानी को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। बुड़ाक गांव में राजस्थान बॉर्डर से पानी के वाटर टैंक मंगवाकर ग्रामीण प्यास बुझा रहे हैं। पानी की इतनी किल्लत अब लोगों से सहन नहीं हो रही। गुस्साए बुड़ाक के लोगों ने वीरवार दोपहर को जलघर पर ताला लगा दिया। लोगों ने रोष जताया है कि कई दिनों से गांव में पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा।
पिछले चार दिनों से तो पानी सप्लाई में बूंद तक नहीं आ रही। ताला खुलवाने के लिए मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ बलवंत पूनिया पहुंचे। उन्होंने 18 अप्रैल तक पानी की सप्लाई किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई किए जाने को लेकर यह दिक्कत आ रही थी।
दोनों टैंक हो गए खाली, राजस्थान बॉर्डर से 700 रुपये का मंगवाया जा रहा है टैंकर
ग्रामीणों ने कहा है कि उनके गांव में पानी की जबरदस्त किल्लत है। फिलहाल राजस्थान बॉर्डर से पानी मंगवाया जा रहा है। जो 700 रुपये खर्च कर लाया जा रहा है। गांव के दोनों वाटर टैंक खाली हो गए हैं।
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पानी की समस्या पर किया था विधानसभा चुनावों का बहिष्कार
पिछले चार दिनों से तो पानी सप्लाई में बूंद तक नहीं आ रही। ताला खुलवाने के लिए मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ बलवंत पूनिया पहुंचे। उन्होंने 18 अप्रैल तक पानी की सप्लाई किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई किए जाने को लेकर यह दिक्कत आ रही थी।
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दोनों टैंक हो गए खाली, राजस्थान बॉर्डर से 700 रुपये का मंगवाया जा रहा है टैंकर
ग्रामीणों ने कहा है कि उनके गांव में पानी की जबरदस्त किल्लत है। फिलहाल राजस्थान बॉर्डर से पानी मंगवाया जा रहा है। जो 700 रुपये खर्च कर लाया जा रहा है। गांव के दोनों वाटर टैंक खाली हो गए हैं।
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पानी की समस्या पर किया था विधानसभा चुनावों का बहिष्कार
गांव में पानी की बड़ी समस्या है। पूरे गांव ने विधानसभा चुनावों का बहिष्कार कर दिया था। किसी ग्रामीण ने एक वोट तक नहीं डाला। कई दिनों से जिला मुख्यालय पर ग्रमीणों ने धरना भी दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने मांग पूरी करवाने का आश्वासन दिया था। उनकी मांग थी कि रजवाहे को रिमॉडलिंग किया जाए, पानी की अलग से लाइन बिछाई जाए। भाजपा के आश्वासन के बाद अब तक कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी कार्यों को लेकर वे जब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिले तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया है कि उनके पास इस तरह के काम की कोई सूची नहीं है।