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अगले माह से शहर की सड़कों पर कम हो जाएंगे 55 हजार वाहन
अमर उजाला/ब्यूराो/हिसार
Updated Sat, 13 May 2017 11:06 PM IST
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अगले माह से शहर की सड़कों पर करीब 55 हजार वाहन कम हो जाएंगे। यह वाहन एनएच 52 पर बन रहे बाईपास का उपयोग करते हुए शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। तलवंडी राणा से लेकर गंगवा तक बनाया जा रहा बाईपास एक जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
एनएच 52 बनाया जा रहा करीब 25.90 किलोमीटर लंबा बाईपास बनकर तैयार हो गया है। इस बाईपास के सर्वे का काम शुरू हो गया है। अगले दो सप्ताह में सर्वे का काम पूरा होने के बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। एक जून से बाईपास शुरू होने से शहर पर करीब 55 हजार वाहनों की दबाव कम हो जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में भारी वाहन शामिल हैं। एनएच 52 पर करीब ढाई साल पहले काम शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के समय इसका शिलान्यास किया था। जिसमें कैथल से लेकर राजस्थान बार्डर तक इस हाईवे को फोरलेन बनाया जा रहा है। हिसार जिले में इस हाइवे पर दो बाईपास बनाए जाने हैं। जिसमें बरवाला बाईपास तथा हिसार बाईपास का काम करीब पूरा हो गया है। सबसे पहले हिसार में बने 25.90 किलोमीटर लंबे बाईपास को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। जिसमें बरवाला की ओर से आने वाले वाहन तलवंडी राणा के पास से बाईपास पर जाएंगे। ऐसे वाहन शहर के बाहर बाहर होते हुए गंगवा-मुकलान के बीच पहुंच जाएंगे।
एक आरओबी, दो फ्लाईओवर, पांच अडंरपास
इस बाईपास पर एक रेलवे ओवर ब्रिज बनाया गया है। हिसार से सिरसा की ओर जाने वाली रेलवे लाइन को क्रास करने के लिए यह आरओबी है। सिरसा-दिल्ली नेशनल हाईवे को क्रासिंग के लिए ढंढूर के पास फ्लाईओवर बनाया गया है। इसके अलावा हिसार-भादरा स्टेट हाइवे को क्रास करने के लिए आर्यनगर के पास भी फ्लाईओवर बनाया गया है। गांव के लोगों व खेतों में किसानों को रास्ता देने के लिए 5 अंडरपास बनाए गए हैं।
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नहीं होगी शहर में जाने की मजबूरी
पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, अंबाला, करनाल, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद सहित अन्य क्षेत्र से राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अब हिसार शहर में जाने की मजबूरी नहीं होगी। ऐसे वाहन चालक सीधे बाईपास से निकल जाएंगे। राजस्थान की ओर से आकर इन शहरों की जाने वाले भी इस बाईपास का उपयोग करेंगे।
शहर के यातायात में मिलेगी राहत
हिसार के लोगों को भी इस बाईपास से सीधा फायदा होगा। शहर में वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। शहर के बीचों बीच से गुजरने वाले इस हाइवे पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पीक आवर में पूरे शहर का ट्रैफिक बाधित होता है। खासतौर पर बस अड्डा, तलाकी गेट, नागोरी गेट, पारिजात चौक, लक्ष्मीबाई चौक, फव्वारा चौक एरिया में दिक्कत रहती है।
वर्जन
करीब 26 किलोमीटर लंबे बाईपास का काम पूरा हो गया है। फिलहाल बाईपास का सर्वे कराया जा रहा है। जिसमें नेशनल हाइवे के मानकों की जांच की जा रही है। इसे एक जून तक खोलने की तैयारी है।
- आरके राठी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, हिसार।
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एनएच 52 बनाया जा रहा करीब 25.90 किलोमीटर लंबा बाईपास बनकर तैयार हो गया है। इस बाईपास के सर्वे का काम शुरू हो गया है। अगले दो सप्ताह में सर्वे का काम पूरा होने के बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। एक जून से बाईपास शुरू होने से शहर पर करीब 55 हजार वाहनों की दबाव कम हो जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में भारी वाहन शामिल हैं। एनएच 52 पर करीब ढाई साल पहले काम शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के समय इसका शिलान्यास किया था। जिसमें कैथल से लेकर राजस्थान बार्डर तक इस हाईवे को फोरलेन बनाया जा रहा है। हिसार जिले में इस हाइवे पर दो बाईपास बनाए जाने हैं। जिसमें बरवाला बाईपास तथा हिसार बाईपास का काम करीब पूरा हो गया है। सबसे पहले हिसार में बने 25.90 किलोमीटर लंबे बाईपास को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। जिसमें बरवाला की ओर से आने वाले वाहन तलवंडी राणा के पास से बाईपास पर जाएंगे। ऐसे वाहन शहर के बाहर बाहर होते हुए गंगवा-मुकलान के बीच पहुंच जाएंगे।
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एक आरओबी, दो फ्लाईओवर, पांच अडंरपास
इस बाईपास पर एक रेलवे ओवर ब्रिज बनाया गया है। हिसार से सिरसा की ओर जाने वाली रेलवे लाइन को क्रास करने के लिए यह आरओबी है। सिरसा-दिल्ली नेशनल हाईवे को क्रासिंग के लिए ढंढूर के पास फ्लाईओवर बनाया गया है। इसके अलावा हिसार-भादरा स्टेट हाइवे को क्रास करने के लिए आर्यनगर के पास भी फ्लाईओवर बनाया गया है। गांव के लोगों व खेतों में किसानों को रास्ता देने के लिए 5 अंडरपास बनाए गए हैं।
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नहीं होगी शहर में जाने की मजबूरी
पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, अंबाला, करनाल, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद सहित अन्य क्षेत्र से राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अब हिसार शहर में जाने की मजबूरी नहीं होगी। ऐसे वाहन चालक सीधे बाईपास से निकल जाएंगे। राजस्थान की ओर से आकर इन शहरों की जाने वाले भी इस बाईपास का उपयोग करेंगे।
शहर के यातायात में मिलेगी राहत
हिसार के लोगों को भी इस बाईपास से सीधा फायदा होगा। शहर में वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। शहर के बीचों बीच से गुजरने वाले इस हाइवे पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पीक आवर में पूरे शहर का ट्रैफिक बाधित होता है। खासतौर पर बस अड्डा, तलाकी गेट, नागोरी गेट, पारिजात चौक, लक्ष्मीबाई चौक, फव्वारा चौक एरिया में दिक्कत रहती है।
वर्जन
करीब 26 किलोमीटर लंबे बाईपास का काम पूरा हो गया है। फिलहाल बाईपास का सर्वे कराया जा रहा है। जिसमें नेशनल हाइवे के मानकों की जांच की जा रही है। इसे एक जून तक खोलने की तैयारी है।
- आरके राठी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, हिसार।