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आरसीबी मालिक के खिलाफ दायर अवमानना याचिका मामले में अगली सुनवाई 5 मई को
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हिसार। नगर निगम प्रशासन की तरफ से राम चाट भंडार (आरसीबी) के खिलाफ अदालत में दायर की गई अवमानना याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान निगम प्रशासन ने केस के संबंध में अपने सुबूत पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि निर्धारित कर दी।
सुनवाई के दौरान निगम के वकील ने अदालत को वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलता दिखाई दे रहा था। निगम के वकील ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद बिल्डिंग मालिक निर्माण कार्य कर रहा है। यह सरासर अदालत के आदेश की अवमानना है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि बीएंडआर की तरफ से तैयार की जाने वाले बिल्डिंग स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट में अधिकारी इस बात का भी उल्लेख करेंगे कि बिल्डिंग मालिक ने कहां-कहां नवनिर्माण किया है। चूंकि बीएंडआर को 5 मई को यह रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी है तो इसी दिन मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।
यह है मामला : राम चाट भंडार बूथ नंबर 101 डी व 102 डी में 12 अप्रैल को आग लग गई थी, जिससे पांच मंजिला भवन पूरी तरह से जल गया था। आग में जिंदा जलने से एक किशोर की मौत भी हो गई थी। नगर प्रशासन ने अवैध भवन को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किये थे। नोटिस के बाद मालिक ने बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से बिल्डिंग तोड़ने का कार्य शुरू करवा दिया था। निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने सुरक्षा उपकरणों के साथ भवन तोड़ने का निर्देश दिया था। निगमायुक्त के आदेशों के बाद बिल्डिंग मालिक ने याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने बिल्डिंग की यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। 29 अप्रैल को नगर निगम की टीम ने जब मौके का निरीक्षण किया तो आरसीबी मालिक कुलदीप अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए बिल्डिंग में निर्माण कार्य करवा रहा था।
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सुनवाई के दौरान निगम के वकील ने अदालत को वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलता दिखाई दे रहा था। निगम के वकील ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद बिल्डिंग मालिक निर्माण कार्य कर रहा है। यह सरासर अदालत के आदेश की अवमानना है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि बीएंडआर की तरफ से तैयार की जाने वाले बिल्डिंग स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट में अधिकारी इस बात का भी उल्लेख करेंगे कि बिल्डिंग मालिक ने कहां-कहां नवनिर्माण किया है। चूंकि बीएंडआर को 5 मई को यह रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी है तो इसी दिन मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।
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यह है मामला : राम चाट भंडार बूथ नंबर 101 डी व 102 डी में 12 अप्रैल को आग लग गई थी, जिससे पांच मंजिला भवन पूरी तरह से जल गया था। आग में जिंदा जलने से एक किशोर की मौत भी हो गई थी। नगर प्रशासन ने अवैध भवन को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किये थे। नोटिस के बाद मालिक ने बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से बिल्डिंग तोड़ने का कार्य शुरू करवा दिया था। निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने सुरक्षा उपकरणों के साथ भवन तोड़ने का निर्देश दिया था। निगमायुक्त के आदेशों के बाद बिल्डिंग मालिक ने याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने बिल्डिंग की यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। 29 अप्रैल को नगर निगम की टीम ने जब मौके का निरीक्षण किया तो आरसीबी मालिक कुलदीप अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए बिल्डिंग में निर्माण कार्य करवा रहा था।
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