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नई तकनीकः बेहोश होने पर एईडी मशीन बताएगी, होश में लाने के लिए छाती को कितनी बार दबाना है
Wed, 04 Dec 2019 10:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2019 10:25 AM IST
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बेहोश शख्स को सीपीआर देता युवक
- फोटो : फाइल फोटो
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अब एईडी (हृदय रिदम) मशीन बताएगी कि बेसुध पड़े व्यक्ति को होश में लाने के लिए उसके सीने को कितनी बार और दबाना है। यह मशीन नागरिक अस्पताल की सभी एंबुलेंस में लगाई गई है। इस मशीन को लेकर अस्पताल के सभी ईएमटी व नर्सिंग स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग देने के लिए जयपुर की एक कंपनी की एक टीम मंगलवार केे अस्पताल पहुंची।
इस दौरान टीम ने अस्पताल के स्टाफ को बताया कि उन्हें किस तरह से इस मशीन का इस्तेमाल करना है। बता दें कि इससे पहले एईडी मशीन की सुविधा केवल एएलएस मशीन में ही होती थी। मगर अब नई एंबुलेंस में भी इस एईडी मशीन की सुविधा दे दी गई है। जिससे अब सभी एंबुलेंस में यह सुविधा उपलब्ध हो गई है।
इस तरह काम करेगी मशीन
अगर कोई व्यक्ति बेसुध हो जाता है तो उसके सीने को पांच बार के स्टैप में 30 बार दबाया जाता है और फिर अपने मुंह से उसे सांस दी जाती है। इसके बाद भी अगर उस व्यक्ति को होश नहीं आता है तो यह एईडी मशीन ही बताएगी कि कितनी बार और सीने को दबाना है, जिससे कि उस व्यक्ति का दिल दोबारा काम करना शुरू कर देगा।
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मशीन का किया जा चुका है इस्तेमाल
ईएमटी सुशील ने बताया कि इस मशीन से एक बार पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है। दो दिन पहले ही मिलगेट निवासी एक व्यक्ति बेसुध हो गया था, तब उस व्यक्ति की छाती को दबाया गया था और इस मशीन के अनुसार इस्तेमाल किया गया था। उसके बाद उसे अस्पताल पहुंचा दिया था।
इस एईडी मशीन के बारे में जयपुर की कंपनी की टीम ने ईएमटी को जानकारी दी कि बेसुध होने पर यह मशीन स्वयं ही बताएगी कि कब तक दिल को दबाते रहना है।
- प्रदीप कुुमार, एंबुलेंस मैनेजर, नागरिक अस्पताल, हिसार
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इस दौरान टीम ने अस्पताल के स्टाफ को बताया कि उन्हें किस तरह से इस मशीन का इस्तेमाल करना है। बता दें कि इससे पहले एईडी मशीन की सुविधा केवल एएलएस मशीन में ही होती थी। मगर अब नई एंबुलेंस में भी इस एईडी मशीन की सुविधा दे दी गई है। जिससे अब सभी एंबुलेंस में यह सुविधा उपलब्ध हो गई है।
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इस तरह काम करेगी मशीन
अगर कोई व्यक्ति बेसुध हो जाता है तो उसके सीने को पांच बार के स्टैप में 30 बार दबाया जाता है और फिर अपने मुंह से उसे सांस दी जाती है। इसके बाद भी अगर उस व्यक्ति को होश नहीं आता है तो यह एईडी मशीन ही बताएगी कि कितनी बार और सीने को दबाना है, जिससे कि उस व्यक्ति का दिल दोबारा काम करना शुरू कर देगा।
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मशीन का किया जा चुका है इस्तेमाल
ईएमटी सुशील ने बताया कि इस मशीन से एक बार पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है। दो दिन पहले ही मिलगेट निवासी एक व्यक्ति बेसुध हो गया था, तब उस व्यक्ति की छाती को दबाया गया था और इस मशीन के अनुसार इस्तेमाल किया गया था। उसके बाद उसे अस्पताल पहुंचा दिया था।
इस एईडी मशीन के बारे में जयपुर की कंपनी की टीम ने ईएमटी को जानकारी दी कि बेसुध होने पर यह मशीन स्वयं ही बताएगी कि कब तक दिल को दबाते रहना है।
- प्रदीप कुुमार, एंबुलेंस मैनेजर, नागरिक अस्पताल, हिसार