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सपने देखिए, उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा दें : वीना
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राजकीय कॉलेज नलवा में अपराजिता के तहत बेटियों को सम्मानित करतीं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब?
- फोटो : Hisar
हिसार। सपने देखिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा दें। आपको अपनी मंजिल हासिल करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक पाएगी। यह कहना है प्रदेश सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर वीना अरोड़ा का। वह मंगलवार को राजकीय कॉलेज नलवा में 100 मिलियन स्माइल्स अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। इस दौरान उन्होंने अभियान के तहत शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली दस बेटियों को सम्मानित किया।
वीना अरोड़ा ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 38 साल की उम्र में लॉ की डिग्री हासिल की। किसी भी काम के लिए कोई सीमा नहीं होती। अपने लक्ष्य को तय करें। उसके बाद लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करें। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की धरती से ही शुरू किया था। हरियाणा की बेटियां धरती से लेकर आसमान तक अपना नाम रोशन कर रही हैं।
उन्होंने कहा मैं जहां भी हूं अपने शिक्षकों की वजह से हूं। खेल में हरियाणा नंबर वन खिलाड़ियों की मेहनत के दम पर है। हर एक सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, संघर्ष छिपा हुआ है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत उन्होंने एक लाख किलोमीटर की यात्रा की। अपनी शिक्षा को कभी न छिपाएं। शिक्षा को जितना बांटेंगे उतना ही आप आगे बढ़ेंगे। अगर आपको किसी कोर्स में दाखिले के लिए फीस अधिक वसूलने की शिकायत मिले तो मुझसे संपर्क करें। बेटियों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए। हर बेटी को उच्च शिक्षा हासिल करनी चाहिए। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्या लीना काजल, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अनिल, डॉ. सुदेश राठी, डॉ. सुनीता, डॉ. विनोद गिल, डॉ. गीता मौजूद रही।
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बेटियों को अपने हक के लिए आगे आना होगा। सबसे अधिक खिलाड़ी हमारे गांव की बेटियां हैं। ग्रामीण आंचल की बेटियां खुद को किसी स्तर पर कम न आंकें। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उड़ान भरें। शिक्षा, साहित्य, खेल किसी भी क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करें। अपने परिवार की उम्मीदों को पूरा करें। शादी के बाद भी अपने सपनों को न छोड़ें। अपने परिवार को भरोसे में लेकर आप आगे बढ़ते रहेंगे। - लीना काजल, प्राचार्या, राजकीय कॉलेज, नलवा
छात्राओं को हर स्पर्धा में भाग लेना चाहिए। आप किसी भी मुकाबले में उतरेंगी या तो जीतेंगी या सीखेंगी। यह दोनों ही आपके लिए जीत है। कल्पना चावला ने आसमान में अपना नाम अमर कर दिया। इस तरह से आप भी अपना लक्ष्य तय करें, उस लक्ष्य को पूरा करने लिए दिन-रात मेहनत करें। अपने आसपास की दूसरी महिलाओं को प्रेरित करें। शिक्षित युवतियों का दायित्व है कि ज्ञान का अधिक से अधिक प्रसार करें। - डॉ. कविता खरींटा, महिला सेल, राजकीय कॉलेज, नलवा
इन बेटियों को मिला सम्मान
प्रीति, बीए द्वितीय वर्ष
भारती, बीए तृतीय वर्ष
मोनिका, बीए द्वितीय वर्ष
पूनम, बीए द्वितीय वर्ष
मोनिका, बीए द्वितीय वर्ष
बंटी, बीएसी तृतीय वर्ष
सपना, बीए द्वितीय वष
शर्मिला, बीए तृतीय वर्ष
ज्योति, बीए प्रथम वर्ष
प्रियंका, बीएसी तृतीय वर्ष
आज का यह कार्यक्रम काफी प्रेरणादायक रहा। इस तरह के आयोजन से हौसला मिलता है। मैं शिक्षा में उच्च स्थान हासिल कर देश सेवा करना चाहती हूं। मैंने जिला स्तरीय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता सहित कई अन्य प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। - सपना, छात्रा, बीए सेकेंड ईयर
खेलों में हरियाणा की बेटियां आगे हैं। खेलों में अपने कॉलेज का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। आज मंच पर सम्मान हासिल कर खुशी महसूस हो रही है। खेलों में अपना करिअर बनाना चाहती हूं। - मोनिका, छात्रा, बीए सेेकेंड ईयर
लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें उनके अधिकारों के बारे में अवगत करवाना जरूरी है। हर एक सम्मान हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मैंने भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया था। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान के तहत यह कार्यक्रम अच्छा रहा। - प्रीती, छात्रा, बीए सेकंड ईयर
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वीना अरोड़ा ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 38 साल की उम्र में लॉ की डिग्री हासिल की। किसी भी काम के लिए कोई सीमा नहीं होती। अपने लक्ष्य को तय करें। उसके बाद लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करें। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की धरती से ही शुरू किया था। हरियाणा की बेटियां धरती से लेकर आसमान तक अपना नाम रोशन कर रही हैं।
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उन्होंने कहा मैं जहां भी हूं अपने शिक्षकों की वजह से हूं। खेल में हरियाणा नंबर वन खिलाड़ियों की मेहनत के दम पर है। हर एक सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, संघर्ष छिपा हुआ है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत उन्होंने एक लाख किलोमीटर की यात्रा की। अपनी शिक्षा को कभी न छिपाएं। शिक्षा को जितना बांटेंगे उतना ही आप आगे बढ़ेंगे। अगर आपको किसी कोर्स में दाखिले के लिए फीस अधिक वसूलने की शिकायत मिले तो मुझसे संपर्क करें। बेटियों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए। हर बेटी को उच्च शिक्षा हासिल करनी चाहिए। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्या लीना काजल, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अनिल, डॉ. सुदेश राठी, डॉ. सुनीता, डॉ. विनोद गिल, डॉ. गीता मौजूद रही।
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बेटियों को अपने हक के लिए आगे आना होगा। सबसे अधिक खिलाड़ी हमारे गांव की बेटियां हैं। ग्रामीण आंचल की बेटियां खुद को किसी स्तर पर कम न आंकें। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उड़ान भरें। शिक्षा, साहित्य, खेल किसी भी क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करें। अपने परिवार की उम्मीदों को पूरा करें। शादी के बाद भी अपने सपनों को न छोड़ें। अपने परिवार को भरोसे में लेकर आप आगे बढ़ते रहेंगे। - लीना काजल, प्राचार्या, राजकीय कॉलेज, नलवा
छात्राओं को हर स्पर्धा में भाग लेना चाहिए। आप किसी भी मुकाबले में उतरेंगी या तो जीतेंगी या सीखेंगी। यह दोनों ही आपके लिए जीत है। कल्पना चावला ने आसमान में अपना नाम अमर कर दिया। इस तरह से आप भी अपना लक्ष्य तय करें, उस लक्ष्य को पूरा करने लिए दिन-रात मेहनत करें। अपने आसपास की दूसरी महिलाओं को प्रेरित करें। शिक्षित युवतियों का दायित्व है कि ज्ञान का अधिक से अधिक प्रसार करें। - डॉ. कविता खरींटा, महिला सेल, राजकीय कॉलेज, नलवा
इन बेटियों को मिला सम्मान
प्रीति, बीए द्वितीय वर्ष
भारती, बीए तृतीय वर्ष
मोनिका, बीए द्वितीय वर्ष
पूनम, बीए द्वितीय वर्ष
मोनिका, बीए द्वितीय वर्ष
बंटी, बीएसी तृतीय वर्ष
सपना, बीए द्वितीय वष
शर्मिला, बीए तृतीय वर्ष
ज्योति, बीए प्रथम वर्ष
प्रियंका, बीएसी तृतीय वर्ष
आज का यह कार्यक्रम काफी प्रेरणादायक रहा। इस तरह के आयोजन से हौसला मिलता है। मैं शिक्षा में उच्च स्थान हासिल कर देश सेवा करना चाहती हूं। मैंने जिला स्तरीय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता सहित कई अन्य प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। - सपना, छात्रा, बीए सेकेंड ईयर
खेलों में हरियाणा की बेटियां आगे हैं। खेलों में अपने कॉलेज का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। आज मंच पर सम्मान हासिल कर खुशी महसूस हो रही है। खेलों में अपना करिअर बनाना चाहती हूं। - मोनिका, छात्रा, बीए सेेकेंड ईयर
लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें उनके अधिकारों के बारे में अवगत करवाना जरूरी है। हर एक सम्मान हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मैंने भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया था। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान के तहत यह कार्यक्रम अच्छा रहा। - प्रीती, छात्रा, बीए सेकंड ईयर