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दर्द: मैम...कॉलेज चेयरमैन रात में शराब पीकर कमरों में आ जाते हैं? शौचालयों की न छत है और न दरवाजों पर कुंडियां

Sat, 13 Dec 2025 03:41 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 13 Dec 2025 03:41 PM IST
सार

हरियाणा के हिसार के नारनौद स्थित खुशी एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने महिला आयोग की चेयरपर्सन को आपबीती सुनाई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज चेयरमैन रात में शराब पीकर कमरों में आ जाते हैं? शौचालयों की न तो छत है और न दरवाजों पर कुंडियां हैं। कॉलेज में पढ़ाने के लिए टीचर नहीं है। पार्टी, फिल्म और गानों से काम चल रहा है।

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Haryana Nursing College Complaint Students Allege Harassment and Poor Hostel Facilities State Women Commission
Haryana Nursing College Complaint - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मैम...कॉलेज चेयरमैन रात में शराब पीकर कमरों में आ जाते हैं, शौचालयों की न तो छत है और न दरवाजों पर कुंडियां और जो शिकायत करता है उसका कमरा बदल दिया जाता है...। नारनौंद स्थित खुशी एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने शुक्रवार हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनु भाटिया के सामने अपनी पीड़ा बयां की। 
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भाटिया ने कॉलेज प्रबंधन और छात्राओं को अपनी-अपनी बात रखने के लिए लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुलाया था। करीब ढाई घंटे तक चली सुनवाई के दौरान छात्राओं ने जो आरोप लगाए उन्हें सुनकर सभी हैरान रह गए। भाटिया ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 दिनों में पंचकूला में कराने का कहा।
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रेनु भाटिया ने जब छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए बुलाया तो उनमें से कुछ आगे आईं और बताया कि कॉलेज में टीचर बेहद कम हैं, बिजली-पानी की समस्या लगातार बनी रहती है। खाने में कीड़े मिलते हैं। अक्सर फिल्में, पार्टी और गाने चलाकर काम चलाया जाता है। छात्राओं के आरोपों पर कॉलेज प्रबंधन पक्ष ने अपना जवाब दिया।
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भाटिया ने दोनों पक्षों को जवाब देने के लिए बराबर मौका दिया। छात्राओं ने कहा कि कॉलेज चेयरमैन रात में शराब पीकर हॉस्टल के कमरों में आते हैं। उन्होंने जब हड़ताल की तो गंदा खून तक कहा और छात्राओं के चरित्र पर सवाल उठाए। 

इस पर चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने कहा कि 25 साल से कॉलेज चला रहा हूं। पांच हजार रुपये प्रति माह में रहने के लिए हॉस्टल और तीन समय का खाना दे रहा हूं। फीस बढ़ाने पर हड़ताल कर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है।
 

पहले किया था कॉलेज का निरीक्षण
रेनु भाटिया को कॉलेज की छात्राओं ने शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने वीरवार को कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं थीं। उन्होंने शुक्रवार को छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए लघु सचिवालय बुलाया। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज व हॉस्टल संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं करने पर उन्होंने हड़ताल की और अपनी बात प्रशासन के सामने रखने के लिए मीडिया का सहारा लिया।

कॉलेज में 10 दिन तक मौजूद रहेगी पुलिस
छात्राओं की बात सुनने के बाद चेयरमैन रेनु भाटिया ने कहा कि पंचकूला में होने वाली सुनवाई में तय किया जाएगा कि जो छात्राएं माइग्रेशन चाहती हैं उन्हें किस कॉलेज में ट्रांसफर किया जाए। हालांकि, माइग्रेशन के लिए कॉलेज प्रबंधन तैयार नहीं दिखा। भाटिया ने कहा कि 10 दिन बाद पंचकूला में होने वाली सुनवाई तक कॉलेज में पुलिस की टीम मौजूद रहेगी।

 

स्ट्राइक के बाद बोला... गंदा खून
छात्राओं ने कहा कि हड़ताल करने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें गंदा खून बोला और कहा कि ये लड़कियां झूठी हैं और आप पर झूठा आरोप लगा देंगी। छात्राओं के माता-पिता को भी गालियां दी गईं।

 

हड़ताल करने पर चेयरमैन ने कहा- तुम कॉलेज का गंद हो
छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने हड़ताल करने से पहले कॉलेज प्रबंधन से मुलाकात करनी चाही, लेकिन उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया गया। जब हड़ताल की तो चेयरमैन सर ने कहा कि तुम इस कॉलेज का गंद हो। कॉलेज से निकलो...। फीस कम करने के बजाय हमारे चरित्र पर उंगली उठाई। छात्राओं ने बताया कि इतना ही नहीं कॉलेज में लेने के लिए भाई आता है तो कहा जाता है कि बॉयफ्रेंड होगा।
 

बहन की मौत पर भी नहीं मिली छुट्टी
नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने बताया कि उसकी बहन की मौत हो गई थी। आईसीयू में भर्ती होने की फोटो भी दिखाई। इसके बावजूद उसे छुट्टी नहीं दी। उसे आज तक इस बात का दुख है कि वह अपनी बहन की मौत पर भी समय से नहीं पहुंच सकी।

कॉलेज की वजह से खराब हुआ कॅरिअर
एक छात्रा ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन की वजह से उसका कॅरिअर खराब हो गया है। वह एक साल से अपने घर बैठी हुई है। कॉलेज प्रबंधन के पास उसके सभी दस्तावेज हैं। इस पर चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कॉलेज प्रबंधन को छात्रा के दस्तावेज लौटाने को कहा।

कॉलेज से 5 किलोमीटर दूर है बस स्टॉप
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज से बस स्टॉप 5 किलोमीटर दूर है। आने-जाने का कोई साधन नहीं है। जब एडमिशन लिया था तो कॉलेज प्रबंधन ने बोला था कि बस स्टॉप तक छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन नहीं की। ऐसे में छात्राओं को लिफ्ट लेकर बस स्टैंड तक जाना पड़ता है।

 

दंपती में विवाद, महिला ने लगाई मदद की गुहार
सुनवाई के दौरान एक दंपती ने भी भाटिया के समक्ष अपनी बात रखी। दोनों में इंस्टाग्राम पर रील बनाने के लिए झगड़ा हुआ था। महिला का आरोप था कि वह पहले सहमति संबंध में रही और फिर शादी कर ली। शादी के बाद पति का व्यवहार बदल गया और उसे घर से निकाल दिया। अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। इस पर भाटिया ने इस मामले में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए दोनों को कोर्ट ही जाने की सलाह दी। भाटिया ने 38 शिकायतों को सुना और पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
 

प्रिंसिपल और शिक्षकों को लगाई फटकार
चेयरपर्सन रेनु भाटिया के सामने एक सरकारी स्कूल का मामला भी सामने आया। शिक्षकों ने प्रिसिंपल के खिलाफ शिकायत देते हुए कई आरोप लगाए। इस पर भाटिया ने शिक्षकों और प्रिसिंपल को फटकार लगाई और कहा कि आप लोगों का तीन महीने का वेतन रोका जाएगा। शिक्षक ही ऐसा करेंगे तो बच्चों पर क्या असर पड़ेगा। इसके लिए वे शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार को लिखेंगी और जांच कराने के लिए कहेंगी।
 

वकीलों को निकाला बाहर
सुनवाई के दौरान कॉलेज प्रबंधन की ओर से चार-पांच वकील भी बुलाए गए थे। चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने इन्हें बाहर निकाला दिया और कहा कि आप लोगों को नहीं बुलाया गया है। यहां कोई लीगल मामला नहीं है।
 

छात्राओं के आरोप
- कॉलेज के हॉस्टल में खाना अच्छा नहीं मिलता।
- खाने में कई बार कीड़े मिलते हैं।
- हॉस्टल में कई दिनों तक बिजली गायब रहती है।
- चेयरमैन हॉस्टल के कमरों में शराब पीकर आते हैं।
- शौचालयों के दरवाजों की कुंडी गायब है।
- कॉलेज के चेयरमैन छात्राओं के टॉयलेट में घुस जाते हैं।
- हॉस्टल में फिल्में दिखाई जाती हैं और गाने सुनाए जाते हैं।
- तीन महीने से हॉस्टल में सिर्फ रात में लाइट आती है।
- शौचालय पर छत नहीं है।
- कैंटीन में दूध या खाना गर्म करने के 10 रुपये देने पड़ते हैं।

कॉलेज प्रबंधन के तर्क
- केवल पांच हजार रुपये प्रतिमाह में छात्राओं को खाना और रहने के लिए जगह दे रहे हैं।
- जिस हिसाब से फीस दी जा रही है। उसी हिसाब से सुविधाएं दी जा रही हैं।
- प्रबंधन की तरफ से छात्राओं को सस्ता खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
- बिजली की समस्या हमेशा नहीं रहती है।
- चेयरमैन कभी शराब नहीं पीते और हॉस्टल जाते हैं तो महिला टीचर्स साथ रहती हैं।
- कॉलेज में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी।
- हॉस्टल में फिल्में और गाने छात्राओं की मांग पर दिखाएं जाते हैं।
- हॉस्टल की पार्टियों में चेयरमैन तब ही जाते हैं, जब उन्हें बुलाया जाता है।
- जिन शौचालयों के दरवाजों पर कुंडी नहीं है, जल्द लगवाई जाएंगी।
- सभी छात्राएं बेटी जैसी हैं और हमसे जितना हो रहा है, उतनी सुविधाएं उन्हें दे रहे हैं।

 

छात्राओं की मांग पर झुका कॉलेज प्रशासन
- छात्राएं चाहती हैं तो वे हॉस्टल छोड़ सकती हैं और अपने घरों से आना-जाना कर सकती हैं।
- छात्राओं के लिए हॉस्टल में रहना अनिवार्य नहीं है।
- शौचालयों के दरवाजों पर कुंडी लगवाई जाएगी।
- कॉलेज की ओर से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा दी जाएगी।
- जिस लड़की की बहन की मौत हुई। उसके लिए माफी चाहते हैं। इस पर महिला आयोग की चेयरमैन ने कहा कि आपकी सॉरी से कुछ नहीं होगा।
 
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