केंद्र सरकार के तीन साल: संसद में हाजिरी में आगे, सवाल पूछने व बहस में पिछड़े हरियाणा के सांसद, देखिए पूरा रिपोर्ट कार्ड
केंद्र सरकार के तीन साल के कार्यकाल में हमारे सांसदों ने 869 सवाल पूछे। सांसद रमेश कौशिक ने सबसे अधिक 199 सवाल पूछे। आपकी लोकसभा के सांसद की संसद में उपस्थिति और पूछे गए सवाल का पूरा रिपोर्ट कार्ड जानिए।
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केंद्र में भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल के तीन साल पूरे हो गए हैं। लोकसभा वेबसाइट पर डाले गए ब्योरा के मुताबिक इन तीन सालों में हरियाणा के सांसदों ने 869 सवाल पूछे। सबसे अधिक सवाल पूछने वाले सांसद रमेश कौशिक रहे। जिन्होंने केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल में 199 सवाल पूछे। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया सवाल पूछने में फिसड्डी रहे। उन्होंने तीन साल में केवल 38 सवाल ही पूछे। हालांकि उपस्थिति के मामले में हरियाणा के सांसद पूरे देश के सांसदों में बेहतर रहे।
सांसद राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर केंद्र सरकार में मंत्री, नहीं पूछ सकते सवाल
हरियाणा में लोकसभा के कुल 10 सांसद हैं। इनमें गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत तथा फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर केंद्र सरकार में मंत्री हैं। जिस कारण वह लोकसभा में सवाल नहीं पूछ सकते। प्रदेश के 8 सांसद ही सवाल पूछते हैं। सबसे अधिक आयु के सांसद 72 वर्षीय राव इंद्रजीत पांचवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। भाजपा की केंद्र सरकार में लगातार दूसरी बार मंत्री हैं।
सबसे कम आयु के सांसद 49 वर्षीय बृजेंद्र सिंह हैं। आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए बृजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। सबसे अधिक हाजिरी की बात करें तो बृजेंद्र सिंह, सुनीता दुग्गल, रमेश कौशिक 99 प्रतिशत पर रहे। सबसे कम हाजिरी रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा की 69 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय स्तर पर सांसदों की हाजिरी का औसत 79 था। हरियाणा के सांसदों की औसत हाजिरी 91 रही।
हाजिरी में आगे, सवाल पूछने और बहस में पिछड़े....
राष्ट्रीय स्तर पर सवाल पूछने का औसत 130 रहा यानी हर एक सांसद ने तीन साल में औसतन 130 सवाल पूछे। हरियाणा के सांसदों का सवाल पूछने का औसत 114 रहा। यानी हमारे सांसद सवाल पूछने के औसत में पीछे रहे। राष्ट्रीय स्तर पर सांसदों का बहस में हिस्सा लेने का औसत 34.8 प्रतिशत रहा। हरियाणा के सांसदों का डिबेट में हिस्सा लेने का औसत 21.1 प्रतिशत रहा यानी हमारे सांसद डिबेट में हिस्सा लेने में भी पिछड़े। आठ सांसदों, दो मंत्रियों ने तीन साल में केवल एक प्राइवेट बिल रखा, जो करनाल के सांसद संजय भाटिया ने प्रस्तुत किया। 4 फरवरी 2021 को लोकसभा में यह बिल रखा गया, जो वक्फ संशोधन के बारे में था।
सांसद लोकसभा क्षेत्र सवाल डिबेट प्राइवेट बिल हाजिरी प्रतिशत
- रमेश कौशिक सोनीपत 199 8 0 99
- धर्मबीर सिंह भिवानी 150 13 0 97
- अरविंद शर्मा रोहतक 134 13 0 69
- नायब सैनी कुरुक्षेत्र 104 29 0 91
- संजय भाटिया करनाल 94 11 1 75
- सुनीता दुग्गल सिरसा 78 33 0 99
- बृजेंद्र सिंह हिसार 72 14 0 99
- रतनलाल कटारिया अंबाला 38 19 0 98
- राष्ट्रीय स्तर पर सांसदों की उपस्थिति का औसत प्रतिशत 79 रहा
- हरियाणा के सांसदों का उपस्थिति औसत प्रतिशत 91 रहा
- राष्ट्रीय स्तर पर सांसदों की ओर से पूछे गए सवाल का औसत 130 रहा
- हरियाणा के सांसदों का सवाल पूछने का औसत 114 रहा
- राष्ट्रीय स्तर पर प्राइवेट बिल रखने का औसत प्रतिशत 0.9 रहा
- हरियाणा के सांसदों का प्राइवेट बिल रखने का प्रतिशत 0.1 रहा
- राष्ट्रीय स्तर पर सांसदों का डिबेट में हिस्सा लेने का प्रतिशत 34.8 रहा
- हरियाणा के सांसदों का डिबेट में हिस्सा लेने का प्रतिशत 21.1 रहा
पिछली लोकसभा में था दुष्यंत चौटाला का रिकॉर्ड
14वीं लोकसभा में 2014 से 2019 तक हिसार के सांसद के तौर पर दुष्यंत चौटाला ने पांच साल में 677 सवाल पूछे थे। उन्होंने 21 प्राइवेट बिल संसद में रखे थे। 239 डिबेट में हिस्सा लिया था। संसद में उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड 82 प्रतिशत था। पिछली लोकसभा में सबसे कम सवाल पूछने वाले सांसद राजकुमार सैनी थे। उन्होंने 5 साल में केवल 57 सवाल ही पूछे, 23 डिबेट में हिस्सा लिया।
मैंने अपनी शत प्रतिशत हाजिरी संसद में दर्ज कराई है। हर सांसद को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। एक महिला होकर शत प्रतिशत हाजिरी का खिताब मेरे लिए गौरव का विषय है। अगर हम वहां उपस्थित होंगे तो नए विषय पर बात कर सकेंगे। नए विषयों को जान सकेंगे। मैंने अपने क्षेत्र के सवाल भी उठाए, बहस में हिस्सा भी लिया। गोरखधाम एक्सप्रेस को सिरसा तक बढ़ाने की मांग को लेकर संसद में आवाज उठाऊंगी। -सुनीता दुग्गल, सांसद, सिरसा