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निर्माणाधीन आरओबी में गार्डर रखना शुरू, सूर्यनगर में लगा जाम
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निर्माणाधीन सूर्य नगर आरओबी के पिलरों पर गार्डर रखने के कारण सूर्य नगर की गलियों से निकलते वाहन व
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर के सूर्य नगर स्थित रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज पर रविवार से गार्डर रखने का काम शुरू कर दिया गया। ऐसे में रूट डायवर्ट कर वाहनों को सूर्य नगर की गलियों से होकर गुजारा गया। इस कारण जाम की स्थिति भी पैदा हो गई। अभी आने वाले 10 दिन में लोगों को जाम का सामना करना पड़ेगा।
बता दें कि निर्माणाधीन सूर्य नगर स्थित आरओबी में बीएंडआर के हिस्से में 23 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही इन पर रखे जाने वाले गार्डर भी तैयार हैं। इन्हीं गार्डर को रखने की प्रक्रिया रविवार से शुरू की गई। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
निर्माण एजेंसी की मानें तो तीन पिलरों पर 10 गार्डर रखे जाने हैं। इसके बाद इन्हें लॉक भी किया जाना है। इस प्रक्रिया में सात से 10 दिन का समय लगेगा। इस दौरान वाहनों को डायवर्ट रूट से ही गुजारा जाएगा।
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तंग गलियों के कारण लगा जाम
रूट डायवर्जन के कारण जिंदल चौक से सेक्टर 1-4 और सेक्टर 1-4 से जिंदल चौक की ओर से जाने वाले वाहनों को सूर्य नगर की गलियों में से गुजारा गया। हालांकि गलियां तंग होने और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में वाहन चालकों को कई घंटों तक परेशानी उठानी पड़ी।
एक गार्डर का वजन 85 टन
पिलरों पर रखे जाने वाले गार्डर का वजन करीब 85 टन और लंबाई करीब 30 मीटर है। गार्डर को रखने के लिए 350 टन व 250 टन वजन उठाने की क्षमता वाली दो क्रेनों की मदद ली जा रही है। वजन अधिक होने के कारण रविवार दोपहर दो बजे तक महज एक ही गार्डर रखा जा सका।
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बता दें कि निर्माणाधीन सूर्य नगर स्थित आरओबी में बीएंडआर के हिस्से में 23 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही इन पर रखे जाने वाले गार्डर भी तैयार हैं। इन्हीं गार्डर को रखने की प्रक्रिया रविवार से शुरू की गई। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
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निर्माण एजेंसी की मानें तो तीन पिलरों पर 10 गार्डर रखे जाने हैं। इसके बाद इन्हें लॉक भी किया जाना है। इस प्रक्रिया में सात से 10 दिन का समय लगेगा। इस दौरान वाहनों को डायवर्ट रूट से ही गुजारा जाएगा।
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तंग गलियों के कारण लगा जाम
रूट डायवर्जन के कारण जिंदल चौक से सेक्टर 1-4 और सेक्टर 1-4 से जिंदल चौक की ओर से जाने वाले वाहनों को सूर्य नगर की गलियों में से गुजारा गया। हालांकि गलियां तंग होने और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में वाहन चालकों को कई घंटों तक परेशानी उठानी पड़ी।
एक गार्डर का वजन 85 टन
पिलरों पर रखे जाने वाले गार्डर का वजन करीब 85 टन और लंबाई करीब 30 मीटर है। गार्डर को रखने के लिए 350 टन व 250 टन वजन उठाने की क्षमता वाली दो क्रेनों की मदद ली जा रही है। वजन अधिक होने के कारण रविवार दोपहर दो बजे तक महज एक ही गार्डर रखा जा सका।