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Hisar News: जीएसटी के नौ वर्ष पूरे, करदाताओं के योगदान को सराहा
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हिसार। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के नौ वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से सीसीएस एचएयू के ऑडिटोरियम में जीएसटी दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने करदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए विभाग और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
कार्यक्रम में संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त (रेंज) कृष्ण कुमार और उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (एसटी/बिक्री कर) तरुणा लांबा मुख्य वक्ता रहे।
वक्ताओं ने जीएसटी व्यवस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे देश की कर प्रणाली को नई दिशा मिली है और एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा को मजबूती मिली है। जिला कर निरीक्षक कुलदीप शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों ने कहा कि स्वैच्छिक कर अनुपालन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन से जीएसटी व्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है।
टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता अजय कुमार भारद्वाज ने कहा कि टैक्स बार विभाग और करदाताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने निरंतर संवाद और सहयोग से करदाताओं की समस्याओं के समाधान की बात कही।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ कर विशेषज्ञ, हांसी टैक्स बार के प्रधान राजेंद्र प्रसाद गर्ग, हिसार से भारत भूषण कथूरिया, मनीष कुमार, भारत भूषण शर्मा, सुनील ऐलावादी आदि मौजूद रहे।
व्यापारियों को कर संग्राहक की श्रेणी में शामिल करने की मांग
हिसार। जीएसटी अधिनियम के 9वें वार्षिक दिवस पर सामाजिक संस्था सजग के अध्यक्ष सत्यपाल अग्रवाल, पदाधिकारी संजय सिंगल और रत्न बंसल खेड़ा वाले ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जीएसटी अधिनियम में व्यापारी की परिभाषा में बदलाव की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि व्यापारियों को करदाता के बजाय कर संग्राहक के रूप में स्पष्ट किया जाए। सत्यपाल अग्रवाल ने बताया कि 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ जीएसटी देश की कर व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार है। उन्होंने कहा कि व्यापारी केवल उपभोक्ताओं से कर एकत्र कर सरकार को जमा करने का माध्यम है, जबकि वास्तविक करदाता उपभोक्ता होता है। ब्यूरो
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कार्यक्रम में संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त (रेंज) कृष्ण कुमार और उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (एसटी/बिक्री कर) तरुणा लांबा मुख्य वक्ता रहे।
वक्ताओं ने जीएसटी व्यवस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे देश की कर प्रणाली को नई दिशा मिली है और एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा को मजबूती मिली है। जिला कर निरीक्षक कुलदीप शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों ने कहा कि स्वैच्छिक कर अनुपालन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन से जीएसटी व्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है।
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टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता अजय कुमार भारद्वाज ने कहा कि टैक्स बार विभाग और करदाताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने निरंतर संवाद और सहयोग से करदाताओं की समस्याओं के समाधान की बात कही।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ कर विशेषज्ञ, हांसी टैक्स बार के प्रधान राजेंद्र प्रसाद गर्ग, हिसार से भारत भूषण कथूरिया, मनीष कुमार, भारत भूषण शर्मा, सुनील ऐलावादी आदि मौजूद रहे।
व्यापारियों को कर संग्राहक की श्रेणी में शामिल करने की मांग
हिसार। जीएसटी अधिनियम के 9वें वार्षिक दिवस पर सामाजिक संस्था सजग के अध्यक्ष सत्यपाल अग्रवाल, पदाधिकारी संजय सिंगल और रत्न बंसल खेड़ा वाले ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जीएसटी अधिनियम में व्यापारी की परिभाषा में बदलाव की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि व्यापारियों को करदाता के बजाय कर संग्राहक के रूप में स्पष्ट किया जाए। सत्यपाल अग्रवाल ने बताया कि 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ जीएसटी देश की कर व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार है। उन्होंने कहा कि व्यापारी केवल उपभोक्ताओं से कर एकत्र कर सरकार को जमा करने का माध्यम है, जबकि वास्तविक करदाता उपभोक्ता होता है। ब्यूरो