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Hisar News: नशे के खिलाफ ग्राम पंचायत ने उठाई आवाज
Wed, 23 Sep 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:45 AM IST
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नारनौंद। क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को अब गांवों से समर्थन मिल रहा है। राजथल, सुलचानी, भाटोल जाटान और भाटोल रांगड़ान के बाद लोहारी राघो ग्राम पंचायत भी इस मुहिम से जुड़ गई है। पंचायत ने थाना नारनौंद के एसएचओ को लिखित शिकायत दी है।
शिकायत में गांव में नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग की गई है। नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई। सरपंच सोनू, योगराज नंबरदार और अन्य सदस्यों ने यह शिकायत दी। डॉ. भीमराव आंबेडकर युवा क्लब लोहारी राघो भी इसमें शामिल है। पंचायत ने गांव में नशीले पदार्थों के सेवन की जानकारी सामने आने की बात कही।
उन्हें आशंका है कि नशे की गतिविधियों का असर युवाओं पर पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन से गांव में नशे की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसी भी सूरत में नशा नहीं बिकने दिया जाएगा।
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राजथल से शुरू हुई मुहिम अब कई गांवों तक पहुंची
नारनौंद क्षेत्र में नशे के खिलाफ ग्रामीण स्तर पर चल रही मुहिम लगातार बढ़ रही है। राजथल से शुरू हुई यह पहल अब करीब आधा दर्जन गांवों तक पहुंच चुकी है। सुलचानी, भाटोल जाटान और भाटोल रांगड़ान जैसे गांव इससे जुड़ गए हैं। कई अन्य गांवों के ग्रामीण भी सामूहिक रूप से आवाज उठाने को तैयार हैं। ग्रामीणों का मानना है कि सामाजिक एकजुटता से नशे का मुकाबला संभव है।
युवाओं के भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की समस्या का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर होता है। इसलिए नशे की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई आवश्यक है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाना जरूरी है। पंचायतों और ग्रामीणों के सहयोग से यह मुहिम गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस प्रशासन को भी इसमें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया है।
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शिकायत में गांव में नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग की गई है। नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई। सरपंच सोनू, योगराज नंबरदार और अन्य सदस्यों ने यह शिकायत दी। डॉ. भीमराव आंबेडकर युवा क्लब लोहारी राघो भी इसमें शामिल है। पंचायत ने गांव में नशीले पदार्थों के सेवन की जानकारी सामने आने की बात कही।
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उन्हें आशंका है कि नशे की गतिविधियों का असर युवाओं पर पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन से गांव में नशे की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसी भी सूरत में नशा नहीं बिकने दिया जाएगा।
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राजथल से शुरू हुई मुहिम अब कई गांवों तक पहुंची
नारनौंद क्षेत्र में नशे के खिलाफ ग्रामीण स्तर पर चल रही मुहिम लगातार बढ़ रही है। राजथल से शुरू हुई यह पहल अब करीब आधा दर्जन गांवों तक पहुंच चुकी है। सुलचानी, भाटोल जाटान और भाटोल रांगड़ान जैसे गांव इससे जुड़ गए हैं। कई अन्य गांवों के ग्रामीण भी सामूहिक रूप से आवाज उठाने को तैयार हैं। ग्रामीणों का मानना है कि सामाजिक एकजुटता से नशे का मुकाबला संभव है।
युवाओं के भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की समस्या का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर होता है। इसलिए नशे की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई आवश्यक है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाना जरूरी है। पंचायतों और ग्रामीणों के सहयोग से यह मुहिम गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस प्रशासन को भी इसमें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया है।