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बास नगर पालिका का दर्जा हुआ खत्म, सरकारी आदेश हुए जारी
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बास। बास गांव की नगर पालिका को समाप्त करके दोबारा से ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया गया है। इसे लेकर सोमवार को प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई। बास गांव में 13 हजार वोटर हैं।
बता दें कि ग्रामीणों के अनुरोध पर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने तीन साल पहले इस गांव को नगर पालिका का दर्जा दिलवा दिया था। मगर दो महीने पहले गांव के ही कुछ लोगों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि काफी ऐसी सुविधाएं हैं, जो कि गांव के लोगों को ज्यादा मिलती है और हम ग्रामीण आंचल के लोग हैं। इस वजह से नगर पालिका का दर्जा खत्म करके हमारे गांव को दोबारा से पंचायत का दर्जा दिया जाए। हलके के विधायक राम कुमार गौतम ने धरने पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया था कि वह नगर पालिका के दर्जे को समाप्त करवा देंगे और उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत करके करीब 15 दिन पहले ही शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को जायज मानते हुए यह घोषणा कर दी थी कि नगर पालिका का दर्जा समाप्त करके दोबारा से आपके गांव को पंचायत का दर्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद गांव के ही कुछ लोग इनके विरोध में धरने पर बैठ गए कि वह गांव के विकास के लिए नगरपालिका ही बनाए रखना चाहते हैं। मगर सोमवार को सरकार की तरफ से एक पत्र जारी हो गया कि बास के ग्रामीणों की मांग पर नगरपालिका का दर्जा समाप्त करके दोबारा से बास गांव को पंचायत का दर्जा दे दिया गया है।
नगर पालिका में जो भी वोटर थे उनका सर्वे करवाया गया था और उस सर्वे में करीब 80 प्रतिशत लोगों ने दोबारा से ग्राम पंचायत बनाने पर अपनी सहमति जताई थी। पूरे सर्वे की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी गई थी और उसके बाद ही सरकार ने यह फैसला लिया है कि बास नगरपालिका को भंग करके दोबारा से इस को ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया गया है। - विकास यादव, एसडीएम
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बता दें कि ग्रामीणों के अनुरोध पर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने तीन साल पहले इस गांव को नगर पालिका का दर्जा दिलवा दिया था। मगर दो महीने पहले गांव के ही कुछ लोगों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि काफी ऐसी सुविधाएं हैं, जो कि गांव के लोगों को ज्यादा मिलती है और हम ग्रामीण आंचल के लोग हैं। इस वजह से नगर पालिका का दर्जा खत्म करके हमारे गांव को दोबारा से पंचायत का दर्जा दिया जाए। हलके के विधायक राम कुमार गौतम ने धरने पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया था कि वह नगर पालिका के दर्जे को समाप्त करवा देंगे और उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत करके करीब 15 दिन पहले ही शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को जायज मानते हुए यह घोषणा कर दी थी कि नगर पालिका का दर्जा समाप्त करके दोबारा से आपके गांव को पंचायत का दर्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद गांव के ही कुछ लोग इनके विरोध में धरने पर बैठ गए कि वह गांव के विकास के लिए नगरपालिका ही बनाए रखना चाहते हैं। मगर सोमवार को सरकार की तरफ से एक पत्र जारी हो गया कि बास के ग्रामीणों की मांग पर नगरपालिका का दर्जा समाप्त करके दोबारा से बास गांव को पंचायत का दर्जा दे दिया गया है।
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नगर पालिका में जो भी वोटर थे उनका सर्वे करवाया गया था और उस सर्वे में करीब 80 प्रतिशत लोगों ने दोबारा से ग्राम पंचायत बनाने पर अपनी सहमति जताई थी। पूरे सर्वे की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी गई थी और उसके बाद ही सरकार ने यह फैसला लिया है कि बास नगरपालिका को भंग करके दोबारा से इस को ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया गया है। - विकास यादव, एसडीएम
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