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हामनै दुलारी लागण लाग्यी लाडो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:41 AM IST
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ऑनर किलिंग तथा रोहतक के नेपाली गैंग रेप व डाबड़ा गैंग रेप के लिए बदनाम हरियाणा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का असर दिखने लगा है।
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जिले के एक साल के जन्म दर लिंग अनुपात के आंकड़ों से समाज के लिये खुशनुमा खबर निकलकर आई है। आंकलन में निष्कर्ष निकला है कि एक साल में औसतन 1000 लड़कों पर करीब 924 लड़कियों ने जन्म लिया।
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इस हिसाब से एक वर्ष पूर्व की तुलना में करीब 45 लाडो घणी जन्मी। स्वास्थ्य विभाग के ऑफिस में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि एक साल में 1000 लड़कों के पीछे लगभग 45 लाड़लियां ज्यादा पैदा हुईं।
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साल 2014 के रिकॉर्ड पर नजर डालने पर निष्कर्ष निकला कि उस साल औसतन 1000 लड़कों पर 878.95 लाडो जन्मीं।
जबकि साल 2015 के पूरे साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चला कि हर 1000 लड़कों के पीछे औसतन 923.72 लाडो ज्यादा पैदा हुईं।
इसकी तुलना करने पर पता चलता है कि साल 2014 की तुलना में साल 2015 में लगभग 45 लड़कियां ज्यादा पैदा हुईं। पिछले साल 18709 लड़के और 17282 लड़कियां पैदा हुईं।
इससे उम्मीद बंधती है कि आने वाले समय में इसके और सुखद परिणाम सामने आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल इसी दिन 22 जनवरी को पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी।
राज्य सरकार ने इस अभियान को खास तवज्जो दी। इसके तहत राज्य भर में विभिन्न समारोहों का आयोजन किया गया। समाज में संदेश गया कि बेटियों को बचाया जाए।
लिंग अनुपात की हालत इतनी बिगड़ गई है कि प्रदेशभर में हर शहर या गांवों में काफी युवकों के रिश्ते नहीं हो रहे। उम्र बढ़ने या घर संभालने की जरूरत के दबाव के चलते युवक यूूपी, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल तक में शादियां करवा रहे हैं। वे बोलचाल समझ में न आने पर भी बाहरी राज्यों से बहू ला रहे हैं।
अमर उजाला ने भी दी आहुति
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर सामाजिक सहभागिता के तहत अमर उजाला ने भी बल दिया। बेटी पैदा होने पर महिला के जलवा पूजन के कार्यक्रमों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया, जिसने जागरूकता फैलाने में सहायता की। इस अभियान में हर वर्ग ने अपना सहयोग दिया। यही वजह है कि अब इसका रिजल्ट आना शुरू हो गया है।
आने लगे हैं सकारात्मक परिणाम
हमारी टीम इस दिशा में पूरी तन्मयता से ड्यूटी कर रही है। सभी के प्रयास के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। कन्या भ्रूण हत्या या लिंग जांच की शिकायत आने पर हम तुरंत कार्रवाई करते हैं।
हमने कई लोगों को पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर पकड़ा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई है। समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम भी चलाते रहते हैं।
यह अच्छी बात है कि लड़कियों का जन्म दर अनुपात सुधरा है। यह और सुधरे इसके लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं।
- डॉ. जया गोयल, डिप्टी सीएमओ, जिला परिवार कल्याण विभाग