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घी फैक्टरी पर छापा, 594 लीटर प्रीमियम घी बरामद
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हिसार। हिसार मंडल आईजी राकेश कुमार आर्य के निर्देश पर हिसार सीआईए ने मिर्जापुर रोड स्थित घी की फैक्टरी पर सोमवार देर रात करीब दो बजे छापा मारा। आठ घंटे चली कार्रवाई के दौरान सीआईए के साथ सदर थाना पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान 594 लीटर प्रीमियम घी बरामद किया। टीम ने प्रत्येक ब्रांड के चार-चार सैंपल भरे।
टीम पहुंची तो मजदूर कर रहे थे पैकिंग
मिर्जापुर रोड पर पेट्रोल पंप के पास स्थित श्री बालाजी इंडस्ट्री में टीम ने कार्रवाई की। उस दौरान मौके पर करीब 15 मजदूर वनस्पति घी बनाते मिले। फैक्टरी में करीब 1500 किलो रिफाइंड व रिफाइंड से तैयार वनस्पति घी बरामद हुआ। उस दौरान घी तैयार करके पैक किया जा रहा था। टीम को वहां से अलग-अलग ब्रांड के घी के खाली टीन व रैपर मिले।
ये सामान किया जब्त : मधु संगम, हरियाणा-डे, पंजाब स्पेशल, मधु, कान्हा घी ब्रांड के घी के टीन मौके से बरामद हुए। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर भंवर सिंह ने बताया कि मधु संगम, मधु संध्या व मधु संदेश मार्का, टीनों में भरे घी व भारी मात्रा में खुले में पड़े घी के सैंपल लेकर उन्हें सील किया गया। इन सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। फैक्टरी में खुले में पड़ा मधु संगम प्रीमियम 180 लीटर, एक लीटर की पैकिंग में श्री मधु संध्या 144 लीटर, दो लीटर की पैकिंग में मधु संध्या प्रीमियम 90 लीटर व भुज वनस्पति 180 लीटर बरामद हुआ।
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नहीं आई कोई शिकायत : मामले में सदर थाने में तैनात जांचकर्ता फूल कुमार ने कहा कि इस संबंध में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
फैक्टरी मालिक के पास लाइसेंस, कागजात मिले पूरे
मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि उन्हें पुलिस ने सूचित कर जांच के लिए बुलाया था। सैंपल जब्त किए गए हैं और चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। सैंपल में किसी तरह की कमी आती है तो पुलिस केस दर्ज करेगी। फैक्टरी मालिक सेक्टर-14 निवासी दिनेश के पास लाइसेंस है। उसके पास फैक्टरी के पूरे कागजात थे। दिनेश ने बताया कि उसने दिवाली के बाद से ही काम शुरू किया था।
सितंबर में पकड़ा गया था नकली घी
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सितंबर में भी सीएम फ्लाइंग टीम ने गुप्ता सूचना के आधार मिर्जापुर रोड पर स्थित घी की फैक्टरी में कार्रवाई की थी। मिर्जापुर रोड स्थित श्रीराम फूड प्रोडक्ट्स फैक्टरी के मालिक के पास घी बनाने का लाइसेंस और कागजात नहीं थे। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। टीम ने वहां से भारी मात्रा में घी, सिलिंडर व अन्य सामान जब्त किया था।
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कुछ इस तरह बनाया जाता है नकली घी
कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए नकली घी तैयार किया जाता है। इसे तैयार करने में करीब 60 रुपये की लागत लगती है और मार्केट में 250 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेचा जाता है। पांच पीपे रिफाइंड ऑयल और 10 पीपे वनस्पति के मिलाकर इन्हें बड़े बर्तन में गर्म कर मिक्स किया जाता है। इसके बाद इसमें एसेंस (सेंट) डाला जाता है, जो देसी घी की खुशबू देता है। इस तरह 15 लीटर देसी घी तैयार हो जाता है। रिफाइंड की कीमत करीब 70 रुपये से शुरू होती है और वनस्पति करीब 50 रुपये प्रति लीटर मिल जाता है, जबकि एसेंस करीब 2 हजार रुपये प्रति लीटर मिलता है। इसकी 300 मिलीलीटर की शीशी एक क्विंटल घी तैयार करने के लिए पर्याप्त होती है, क्योंकि इसकी एक-दो बूंद ही डाली जाती है।
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टीम पहुंची तो मजदूर कर रहे थे पैकिंग
मिर्जापुर रोड पर पेट्रोल पंप के पास स्थित श्री बालाजी इंडस्ट्री में टीम ने कार्रवाई की। उस दौरान मौके पर करीब 15 मजदूर वनस्पति घी बनाते मिले। फैक्टरी में करीब 1500 किलो रिफाइंड व रिफाइंड से तैयार वनस्पति घी बरामद हुआ। उस दौरान घी तैयार करके पैक किया जा रहा था। टीम को वहां से अलग-अलग ब्रांड के घी के खाली टीन व रैपर मिले।
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ये सामान किया जब्त : मधु संगम, हरियाणा-डे, पंजाब स्पेशल, मधु, कान्हा घी ब्रांड के घी के टीन मौके से बरामद हुए। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर भंवर सिंह ने बताया कि मधु संगम, मधु संध्या व मधु संदेश मार्का, टीनों में भरे घी व भारी मात्रा में खुले में पड़े घी के सैंपल लेकर उन्हें सील किया गया। इन सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। फैक्टरी में खुले में पड़ा मधु संगम प्रीमियम 180 लीटर, एक लीटर की पैकिंग में श्री मधु संध्या 144 लीटर, दो लीटर की पैकिंग में मधु संध्या प्रीमियम 90 लीटर व भुज वनस्पति 180 लीटर बरामद हुआ।
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नहीं आई कोई शिकायत : मामले में सदर थाने में तैनात जांचकर्ता फूल कुमार ने कहा कि इस संबंध में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
फैक्टरी मालिक के पास लाइसेंस, कागजात मिले पूरे
मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि उन्हें पुलिस ने सूचित कर जांच के लिए बुलाया था। सैंपल जब्त किए गए हैं और चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। सैंपल में किसी तरह की कमी आती है तो पुलिस केस दर्ज करेगी। फैक्टरी मालिक सेक्टर-14 निवासी दिनेश के पास लाइसेंस है। उसके पास फैक्टरी के पूरे कागजात थे। दिनेश ने बताया कि उसने दिवाली के बाद से ही काम शुरू किया था।
सितंबर में पकड़ा गया था नकली घी
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सितंबर में भी सीएम फ्लाइंग टीम ने गुप्ता सूचना के आधार मिर्जापुर रोड पर स्थित घी की फैक्टरी में कार्रवाई की थी। मिर्जापुर रोड स्थित श्रीराम फूड प्रोडक्ट्स फैक्टरी के मालिक के पास घी बनाने का लाइसेंस और कागजात नहीं थे। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। टीम ने वहां से भारी मात्रा में घी, सिलिंडर व अन्य सामान जब्त किया था।
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कुछ इस तरह बनाया जाता है नकली घी
कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए नकली घी तैयार किया जाता है। इसे तैयार करने में करीब 60 रुपये की लागत लगती है और मार्केट में 250 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेचा जाता है। पांच पीपे रिफाइंड ऑयल और 10 पीपे वनस्पति के मिलाकर इन्हें बड़े बर्तन में गर्म कर मिक्स किया जाता है। इसके बाद इसमें एसेंस (सेंट) डाला जाता है, जो देसी घी की खुशबू देता है। इस तरह 15 लीटर देसी घी तैयार हो जाता है। रिफाइंड की कीमत करीब 70 रुपये से शुरू होती है और वनस्पति करीब 50 रुपये प्रति लीटर मिल जाता है, जबकि एसेंस करीब 2 हजार रुपये प्रति लीटर मिलता है। इसकी 300 मिलीलीटर की शीशी एक क्विंटल घी तैयार करने के लिए पर्याप्त होती है, क्योंकि इसकी एक-दो बूंद ही डाली जाती है।