{"_id":"695bfb5be31595d0e30a527a","slug":"future-maker-cmd-appears-before-the-vice-chancellor-the-next-hearing-is-on-january-19-hisar-news-c-21-hsr1020-784656-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: फ्यूचर मेकर सीएमडी की वीसी से पेशी, अगली सुनवाई 19 जनवरी को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: फ्यूचर मेकर सीएमडी की वीसी से पेशी, अगली सुनवाई 19 जनवरी को
Tue, 06 Jan 2026 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हिसार। फ्यूचर मेकर कंपनी से जुड़े 54 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी गड़बड़ी मामले में सोमवार को कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और उनके पार्टनर एमडी बंसीलाल मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। दोनों आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नरेश कुमार सचदेवा ने बताया कि अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
हिसार अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी विभाग की गवाही अभी अदालत में पेश नहीं हो पाई है। आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में पता चला कि फ्यूचर मेकर कंपनी देशभर में सदस्यता के लिए 3,750 रुपये प्रति सदस्य लेती थी, जिससे करोड़ों रुपये की राशि एकत्र हुई, लेकिन इसके लिए जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार, कंपनी पर 54 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी बकाया है।
नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी ने न तो भुगतान किया और न ही जवाब दिया, जिसके बाद जमानती वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने के बाद राधेश्याम और बंसीलाल ने 10 नवंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने गंभीर आरोपों और भारी बकाया राशि को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों फिलहाल हिसार की सेंट्रल जेल नंबर दो में न्यायिक हिरासत में हैं।
विज्ञापन
हिसार अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी विभाग की गवाही अभी अदालत में पेश नहीं हो पाई है। आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में पता चला कि फ्यूचर मेकर कंपनी देशभर में सदस्यता के लिए 3,750 रुपये प्रति सदस्य लेती थी, जिससे करोड़ों रुपये की राशि एकत्र हुई, लेकिन इसके लिए जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार, कंपनी पर 54 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी बकाया है।
विज्ञापन
नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी ने न तो भुगतान किया और न ही जवाब दिया, जिसके बाद जमानती वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने के बाद राधेश्याम और बंसीलाल ने 10 नवंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने गंभीर आरोपों और भारी बकाया राशि को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों फिलहाल हिसार की सेंट्रल जेल नंबर दो में न्यायिक हिरासत में हैं।
विज्ञापन