{"_id":"5ff75d958ebc3e31881229ea","slug":"fraud-case-take-insaurance-rupees-case-file-hisar-news-rtk589856362","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में पिता की मौत बताकर ली 15 लाख की बीमा राशि, डॉक्टर सहित चार पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में पिता की मौत बताकर ली 15 लाख की बीमा राशि, डॉक्टर सहित चार पर केस
विज्ञापन
हिसार। कैंसर पीड़ितों की हादसे में मौत दिखाकर बीमा राशि हड़पने जैसा एक और मामला उजागर हुआ है। इस मामले में एक व्यक्ति की प्राकृतिक मौत हुई, लेकिन मृतक के बेटे ने हांसी के एक अस्पताल के चिकित्सक के साथ मिलीभगत करके इसे खेत में काम करते समय गिरकर चोट लगने से मौत दिखाकर बीमे की 15 लाख रुपये की राशि हड़प ली। इस संबंध में बीमा कंपनी के मैनेजर डॉ. बृजेश कुमार राजपूत ने हांसी के शहर थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक डॉक्टर सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में एचडीएफसी एग्रो इंश्योरेंस कंपनी के लॉस एंड रिस्क जांच अधिकारी मैनेजर डॉ. बृजेश कुमार राजपूत ने बताया कि हांसी के छोटूराम की मौत खेत में काम करते समय गिरने से हुई बताई गई। उसके बेटे बिजेंद्र के कहने पर हांसी के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय स्वरूप ने 26 अप्रैल 2018 को मौत का कारण सदमा दिखा दिया। इसके बाद बिजेंद्र ने 9 अगस्त 2018 को अपने पिता के बीमे की 15 लाख रुपये की राशि अपने खाते में डलवा ली। मैनेजर डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि रैकेट का पता चलने पर मौत के कारणों की जांच की गई तो उसमें छोटूराम की मौत गांव में प्राकृतिक तौर पर हुई बताई गई। इसमें नारनौंद व जींद के भी कई अस्पताल शामिल हैं। इस रैकेट के पीछे सुनील खरब, संदीप खरब, मनोज और सलीम हैं। इनके अधिकांश टारगेट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रमिक, किसान आदि होते हैं। मामले में जांच करते हुए पुलिस ने डॉ. बृजेश कुमार की शिकायत पर बिजेंद्र, अमित, संदीप व डॉ. विजय स्वरूप के खिलाफ धारा 120बी, 193, 201, 205, 297, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पुलिस को दी शिकायत में एचडीएफसी एग्रो इंश्योरेंस कंपनी के लॉस एंड रिस्क जांच अधिकारी मैनेजर डॉ. बृजेश कुमार राजपूत ने बताया कि हांसी के छोटूराम की मौत खेत में काम करते समय गिरने से हुई बताई गई। उसके बेटे बिजेंद्र के कहने पर हांसी के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय स्वरूप ने 26 अप्रैल 2018 को मौत का कारण सदमा दिखा दिया। इसके बाद बिजेंद्र ने 9 अगस्त 2018 को अपने पिता के बीमे की 15 लाख रुपये की राशि अपने खाते में डलवा ली। मैनेजर डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि रैकेट का पता चलने पर मौत के कारणों की जांच की गई तो उसमें छोटूराम की मौत गांव में प्राकृतिक तौर पर हुई बताई गई। इसमें नारनौंद व जींद के भी कई अस्पताल शामिल हैं। इस रैकेट के पीछे सुनील खरब, संदीप खरब, मनोज और सलीम हैं। इनके अधिकांश टारगेट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रमिक, किसान आदि होते हैं। मामले में जांच करते हुए पुलिस ने डॉ. बृजेश कुमार की शिकायत पर बिजेंद्र, अमित, संदीप व डॉ. विजय स्वरूप के खिलाफ धारा 120बी, 193, 201, 205, 297, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन