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Hisar News: कंवारी के सरपंच संजय की हत्या के चार आरोपी गिरफ्तार
Sun, 10 Mar 2024 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 10 Mar 2024 02:07 AM IST
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हांसी। गांव कंवारी के सरपंच संजय दूहन की तीन मार्च को हत्या चुनाव और जमीन की रंजिश को लेकर की गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से तीन पिस्टल व पांच कारतूस बरामद किए हैं। वारदात के मुख्य साजिशकर्ता पूर्व सरपंच महावीर का बेटा कर्णपाल उर्फ कर्ण व सुमित है।
पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने बताया कि मामले में गठित एसआईटी व हिसार की एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव कंवारी निवासी कर्णपाल, सुमित उर्फ छाबड़ा, सचिन उर्फ चुचु व गांव उमरा निवासी अमन को गिरफ्तार किया है। सुमित, सचिन व अमन को मुजादपुर-कंवारी रोड से गिरफ्तार किया गया है। तीनों वारदात के बाद राजस्थान चले गए थे। रुपये खत्म होने के बाद वह वापस आ गए थे। वहीं कर्णपाल को पुलिस ने धमाना से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश करके पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
सुमित व अमन ने ही फायरिंग कर सरपंच संजय की हत्या की थी। दोनों ने आठ गोलियां चलाई थी। जिसमें से छह गोलियां संजय को लगी। हत्या की योजना सुमित व कर्णपाल ने बनाई थी। अमन की सुमित व सचिन से दोस्ती थी। रुपये के लालच में वह वारदात में शामिल हुआ था।
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पांच महीने से बना रहे थे हत्या की योजना
प्रारंभिक पूछताछ में कर्णपाल उर्फ कर्ण व सुमित ने पुलिस को बताया कि दोनों 4-5 महीने से वारदात की योजना बना रहे थे। हत्या से एक दिन पहले भी हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुए। अगले दिन संजय जब विवाह समारोह में गया था तो वहां पर भी हमले की योजना बनाई थी लेकिन वहां भीड़ ज्यादा होने के कारण सफल नहीं हुए। उसके बाद कंवारी गांव में जाकर संजय की हत्या की।
कर्णपाल ने ही फोन कर दी थी सूचना
संजय की हत्या के बाद कर्णपाल ने डायल 112 पर फोन किया था। सीसीटीवी कैमरों के जरिए उसने अपनी लोकेशन घर पर ही दर्शाई थी। वह पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था कि वारदात में शामिल नहीं है। लेकिन पूछताछ में आरोपियों ने उनका नाम लिया।
कर्णपाल पर सरपंच के बेटे ने चलाई थी गोली
आरोपियों ने बदला लेने के लिए संजय उर्फ नरसिंह की हत्या की थी। क्योंकि मृतक संजय के लड़के पुनीत व आरोपी कर्णपाल की शादी समारोह में डीजे पर गाने बजाने को लेकर कहासुनी व मारपीट हो गई थी। इसी रंजिश में संजय के लड़के पुनीत ने कर्णपाल पर गोलियां चलाई थी। जिस पर पुनीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। दोनों के बीच पहले भी चुनावी रंजिश रही है।
पिता को पंचायत में थप्पड़ मारने का बदला लेने के लिए की हत्या
आरोपी सुमित उर्फ छाबड़ा भी संजय के परिवार से है। इसकी पहले से जमीन के विवाद के कारण रंजिश है। सुमित के अनुसार संजय ने उसके पिता से नशे की हालत में जमीन अपने नाम करवा कर कब्जा कर लिया था। उस पर लोन भी ले लिया। सुमित इस जमीन को वापिस चाहता था। एक वर्ष पहले जमीन के विवाद को लेकर दोनों परिवारों में पंचायत हुई थी। पंचायत में संजय ने सुमित के पिता राजेश को थप्पड़ मारा था। सुमित इसका बदला लेना चाहता था। आरोपी सचिन उर्फ चूचु कर्णपाल व सुमित छाबड़ा का बचपन का दोस्त है। जिस वजह से वह इस वारदात में शामिल हुआ है।
जनवरी मेंं भी पुलिस ने दी थी सुरक्षा बाद में वापस ले ली
एसपी ने बताया कि छह महीने पहले संजय ने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। तब हमने 2-3 महीने के लिए सुरक्षा दी थी। बाद में खतरे की कोई बात नहीं लगी तो सुरक्षा वापस ले ली। जनवरी में फिर से सुरक्षा दी गई थी। एक महीने बाद फिर से सुरक्षा वापस ले ली थी। अभी कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी।
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पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने बताया कि मामले में गठित एसआईटी व हिसार की एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव कंवारी निवासी कर्णपाल, सुमित उर्फ छाबड़ा, सचिन उर्फ चुचु व गांव उमरा निवासी अमन को गिरफ्तार किया है। सुमित, सचिन व अमन को मुजादपुर-कंवारी रोड से गिरफ्तार किया गया है। तीनों वारदात के बाद राजस्थान चले गए थे। रुपये खत्म होने के बाद वह वापस आ गए थे। वहीं कर्णपाल को पुलिस ने धमाना से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश करके पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
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सुमित व अमन ने ही फायरिंग कर सरपंच संजय की हत्या की थी। दोनों ने आठ गोलियां चलाई थी। जिसमें से छह गोलियां संजय को लगी। हत्या की योजना सुमित व कर्णपाल ने बनाई थी। अमन की सुमित व सचिन से दोस्ती थी। रुपये के लालच में वह वारदात में शामिल हुआ था।
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पांच महीने से बना रहे थे हत्या की योजना
प्रारंभिक पूछताछ में कर्णपाल उर्फ कर्ण व सुमित ने पुलिस को बताया कि दोनों 4-5 महीने से वारदात की योजना बना रहे थे। हत्या से एक दिन पहले भी हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुए। अगले दिन संजय जब विवाह समारोह में गया था तो वहां पर भी हमले की योजना बनाई थी लेकिन वहां भीड़ ज्यादा होने के कारण सफल नहीं हुए। उसके बाद कंवारी गांव में जाकर संजय की हत्या की।
कर्णपाल ने ही फोन कर दी थी सूचना
संजय की हत्या के बाद कर्णपाल ने डायल 112 पर फोन किया था। सीसीटीवी कैमरों के जरिए उसने अपनी लोकेशन घर पर ही दर्शाई थी। वह पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था कि वारदात में शामिल नहीं है। लेकिन पूछताछ में आरोपियों ने उनका नाम लिया।
कर्णपाल पर सरपंच के बेटे ने चलाई थी गोली
आरोपियों ने बदला लेने के लिए संजय उर्फ नरसिंह की हत्या की थी। क्योंकि मृतक संजय के लड़के पुनीत व आरोपी कर्णपाल की शादी समारोह में डीजे पर गाने बजाने को लेकर कहासुनी व मारपीट हो गई थी। इसी रंजिश में संजय के लड़के पुनीत ने कर्णपाल पर गोलियां चलाई थी। जिस पर पुनीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। दोनों के बीच पहले भी चुनावी रंजिश रही है।
पिता को पंचायत में थप्पड़ मारने का बदला लेने के लिए की हत्या
आरोपी सुमित उर्फ छाबड़ा भी संजय के परिवार से है। इसकी पहले से जमीन के विवाद के कारण रंजिश है। सुमित के अनुसार संजय ने उसके पिता से नशे की हालत में जमीन अपने नाम करवा कर कब्जा कर लिया था। उस पर लोन भी ले लिया। सुमित इस जमीन को वापिस चाहता था। एक वर्ष पहले जमीन के विवाद को लेकर दोनों परिवारों में पंचायत हुई थी। पंचायत में संजय ने सुमित के पिता राजेश को थप्पड़ मारा था। सुमित इसका बदला लेना चाहता था। आरोपी सचिन उर्फ चूचु कर्णपाल व सुमित छाबड़ा का बचपन का दोस्त है। जिस वजह से वह इस वारदात में शामिल हुआ है।
जनवरी मेंं भी पुलिस ने दी थी सुरक्षा बाद में वापस ले ली
एसपी ने बताया कि छह महीने पहले संजय ने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। तब हमने 2-3 महीने के लिए सुरक्षा दी थी। बाद में खतरे की कोई बात नहीं लगी तो सुरक्षा वापस ले ली। जनवरी में फिर से सुरक्षा दी गई थी। एक महीने बाद फिर से सुरक्षा वापस ले ली थी। अभी कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी।