हरियाणा: सीएम के हिसार दौरे के बाद हुआ था बवाल, अब 350 किसानों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हिसार दौरे का किसानों ने विरोध किया था। सीएम के हिसार दौरे के बाद उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया था। इस दौरान कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को यहां अस्थायी कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
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चौधरी देवीलाल संजीवनी कोविड अस्पताल के बाहर आंदोलनरत किसानों और पुलिसकर्मियों में टकराव की स्थिति के बाद पुलिस ने करीब साढ़े 300 किसानों पर हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
ये केस अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ है। मामले में हिसार पुलिस प्रवक्ता विकास कुमार ने बताया कि करीब साढ़े तीन सौ किसानों पर धारा 307, 109, 147, 148, 149, 186, 188, 283, 307, 332, 353 और 427 के तहत अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है।
हिसार पुलिस की ओर से बुधवार देर रात जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार किसानों व पुलिस के बीच टकराव में पांच महिला पुलिसकर्मियों सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनका नागरिक अस्पताल में उपचार किया गया।
पुलिस का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि हमला करने वाले शरारती तत्वों ने मुख्यमंत्री के हिसार से प्रस्थान के 45 मिनिट बाद घटना को अंजाम दिया, जबकि साउथ बाईपास पर आंदोलनरत किसान नहर पुल पर लगे नाके को तोड़कर शहर के अंदर की तरफ आ रहे थे। उस वक्त डीआईजी बार-बार अनाउंसमेंट कर किसानों को यह सूचना दे रहे थे कि मुख्यमंत्री जा चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि यही बात डीएसपी अभिमन्यु और डीएसपी हरप्रीत द्वारा जब आंदोलनरत किसान जिंदल पुल के नीचे से अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ रहे थे, तब भी बार बार कही गई और उनको आगे बढ़ने से रोकने का भरसक प्रयत्न किया गया।
पुलिस का कहना है कि यह बात भी सही है कि वरिष्ठ किसान नेताओं द्वारा भी आंदोलरत किसान भाइयों में सम्मिलित शरारती तत्वों और नवयुवकों को उस रास्ते पर जाने से रोकने का बहुत प्रयास किया था, लेकिन आंदोलन में सम्मिलित नौजवान आंदोलनकारियों ने किसी की नहीं सुनी।
उन्होंने जिंदल पुल के पास लगाए नाके को तहस-नहस करते हुए आगे बढ़ते हुए वहां पर नियुक्त डीएसपी और अन्य पुलिस बल के साथ धक्कामुक्की की और नवनिर्मित चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल के प्रवेश द्वार तक पहुंच गए।
पुलिस कर्मियों को गाड़ियों से टक्कर मारने का आरोप
पुलिस का कहना है कि वहां पर जब आंदोलनरत नौजवान शरारती तत्वों को डीआईजी, एएसपी और डीएसपी ने अन्य पुलिस बल सहित रोकने का प्रयास किया तो शरारती तत्वों ने पुलिस अधिकारियों व पुलिस बल पर कई बार गाड़ियों और ट्रैक्टर से टक्कर मारकर घायल करने का प्रयास किया और पुलिस कर्मचारियों पर भारी पथराव कर दिया।
अस्पताल को तोड़फोड़ से बचाने के लिए व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन शरारती तत्वों को अस्पताल के अंदर घुसने से रोकने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रथम आंसू गैस का प्रयोग किया गया और उसके बाद हल्का बल प्रयोग किया गया।
पुलिस का कहना है कि शरारती तत्वों ने किसी की भी न सुनते हुए कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा की। पुलिस ने कहा कि आंदोलनरत किसान नेताओं द्वारा अधिकारियों से शाम को 7:00 बजे के बाद बात हुई, जबकि यह घटना दोपहर 12:30 बजे की है।
पुलिस द्वारा ऑनलाइन किसी भी हिंसक घटना व अपराध से संबंधित सभी गतिविधियां स्वत ही रियल टाइम पर कंप्यूटर में दर्ज की जाती है और इस घटना से संबंधित सभी प्रविष्टियां भी कंप्यूटर में दर्ज की जा रही थीं और एफआईआर से संबंधित सभी प्रविष्टियां दर्ज की जा चुकी थीं। वहीं किसानों के साथ हुई बैठक के दौरान आईजी ने एफआईआर नहीं होगी, इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया था।