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वाट्सएप के जरिए जुड़ेंगी महिला सरपंच और पुलिस
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:51 AM IST
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पुलिस जीओ मैस में मंगलवार को नवनिर्वाचित महिला सरपंचों के लिए एक दिवसिय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में करीब 51 सरपंच मौजूद रही।
वर्कशॉप में सरपंचों का पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखने और पंचायती राज एक्ट के बारे में बारीकी से बताया गया। आईजी ने कहा कि आज तकनीक का जमाना है।
महिला सरपंच पुलिस के साथ व्हाट्स ऐप नंबर से जुड़े। उन्हें इस व्हाट्स ऐप नंबर से कानूनी जानकारी भी मिलती रहेगी।
वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए हिसार रेंज के आईजी अनिल राव ने महिला सरपंचों को उनकी शक्तियों और उनके कर्त्तव्य के बारे में बताया।
उन्होंने क्हा कि एक सरपंच के पास इतनी शक्ति होती है कि वह किसी व्यक्ति को सजा तक दे सकता है। सजा को लागू करवाने के लिए उसे पटवारी, एसडीएम वगैरह से मिलना पड़ता है।
सरपंच और पुलिस के बीच संबंधों पर उन्होंने कहा कि महिला सरपंचों और पुलिस के बीच जो पर्दा है उस पर्दे को हटाना होगा और अपने सामाजिक व्यावहारिक ज्ञान में बढोतरी करनी होगी।
इस दौरान एचएयू की रिटायरर्ड प्रोफेसरडा. स्वराज कुमारी और प्रोफेसर डा. सुनीता जैन ने भी सरपंच महिलाओं को प्रोत्साहित किया।
सामान्य अस्पताल की डा. अनीता बंसल और डा. पी दहिया ने महिला सरपंचों को साफ-सफाई और महिलाओं के स्वास्थय को लेकर जागरूक किया।
डीएसपी भगवान दास ने जातिवाद, रोड़ जाम, क्राइम आदि पर होने वाली पुलिसिया कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डा. अजय कुमार ने सरपंचों के कर्त्तव्य उनकी शक्तियों और पंचायती राज कानून के बारे में बताया। इस दौरान एसपी अश्विनी शैणवी भी मौजूद रहे।
वर्कशॉप के दौरान कुछ महिला सरपंच अपने छोटे और नवजात बच्चों को साथ लेकर आई। जिससें महिलाओं को कुछ परेशानी हुई। बच्चों के रोने पर बार-बार उनको बाहर जाना पड़ रहा था।
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सरपंच कर सकती पुलिस का सहयोग
आईजी राव ने महिला सरपंचों को बताया कि यदि गांव में कोई वारदात हो जाती है तो सरपंच उस जगह पर जाकर उस जगह को सेफ करे और किसी अन्य व्यक्ति को घटनास्थल के मुख्य बिंदु पर न जाने दे। यदि ऐसा होता है तो अज्ञात आरोपी को पुलिस किसी माध्यम से खोज कर गिरफ्तार कर सकती है। और उसे सजा दिलवाई जा सकती है।
स्टूडेंटस को न लगाने दें जाम, हो सकता है कैरियर खराब
कई बार कोई घटना हो जाने पर गांव के कुछ लोग रोड़ जाम कर देते हैं। इस काम के लिए कुछ असामाजिक तत्व हमेशा तैयार रहते हैं। वे विद्यार्थियों को आगे कर देते हैं। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने पर उनका कैरियर खराब हो जाता है। उन्हें सरकारी नौकरी भी नहीं मिलती। इसलिए गांव में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश करें।
मदद करें और 1000 रुपये का इनाम और सर्टीफीकेट लें: आईजी
सड़क पर किसी भी तरह का कोई हादसा हो जाने पर लोग गवाही देने से कतराते हैं । वे किसी लफड़े में नहीं पडना चाहते। लेकिन आपको आगे आना होगा। माना कि सड़क हादसे में कोई घायल हो जाता है तो आप उसकी सहायता करें। तुरंत उसकी सूचना एंबुलेंस और पुलिस को दें। मदद करने वाला व्यक्ति मुझसे 1000 रुपये का इनाम और सर्टीफीकेट ले जाए।
13 महिला सरपंच चला रही हैं व्हाट्स एप, 2 की हैं मेल आईडी
पुलिस ने महिला सरपंचों को व्हाट्स ऐप से जोड़ने के लिए उनके मोबाइल नंबर भी लिए। पुलिस का नंबर भी उन्हें दिया गया। हालांकि वर्कशॉप में पहुंची 51 महिलाओं में से 13 महिला सरपंचों के पास ही व्हाट्स ऐप मोबाइल मिले। हालांकि दो महिला सरपंच ऐसी भी मिली जिनकी मेल आइडी अकाउंट थे। बाकी 49 की मेल आइडी भी नहीं हैं।
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वर्कशॉप में सरपंचों का पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखने और पंचायती राज एक्ट के बारे में बारीकी से बताया गया। आईजी ने कहा कि आज तकनीक का जमाना है।
महिला सरपंच पुलिस के साथ व्हाट्स ऐप नंबर से जुड़े। उन्हें इस व्हाट्स ऐप नंबर से कानूनी जानकारी भी मिलती रहेगी।
वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए हिसार रेंज के आईजी अनिल राव ने महिला सरपंचों को उनकी शक्तियों और उनके कर्त्तव्य के बारे में बताया।
उन्होंने क्हा कि एक सरपंच के पास इतनी शक्ति होती है कि वह किसी व्यक्ति को सजा तक दे सकता है। सजा को लागू करवाने के लिए उसे पटवारी, एसडीएम वगैरह से मिलना पड़ता है।
सरपंच और पुलिस के बीच संबंधों पर उन्होंने कहा कि महिला सरपंचों और पुलिस के बीच जो पर्दा है उस पर्दे को हटाना होगा और अपने सामाजिक व्यावहारिक ज्ञान में बढोतरी करनी होगी।
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इस दौरान एचएयू की रिटायरर्ड प्रोफेसरडा. स्वराज कुमारी और प्रोफेसर डा. सुनीता जैन ने भी सरपंच महिलाओं को प्रोत्साहित किया।
सामान्य अस्पताल की डा. अनीता बंसल और डा. पी दहिया ने महिला सरपंचों को साफ-सफाई और महिलाओं के स्वास्थय को लेकर जागरूक किया।
डीएसपी भगवान दास ने जातिवाद, रोड़ जाम, क्राइम आदि पर होने वाली पुलिसिया कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डा. अजय कुमार ने सरपंचों के कर्त्तव्य उनकी शक्तियों और पंचायती राज कानून के बारे में बताया। इस दौरान एसपी अश्विनी शैणवी भी मौजूद रहे।
वर्कशॉप के दौरान कुछ महिला सरपंच अपने छोटे और नवजात बच्चों को साथ लेकर आई। जिससें महिलाओं को कुछ परेशानी हुई। बच्चों के रोने पर बार-बार उनको बाहर जाना पड़ रहा था।
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सरपंच कर सकती पुलिस का सहयोग
आईजी राव ने महिला सरपंचों को बताया कि यदि गांव में कोई वारदात हो जाती है तो सरपंच उस जगह पर जाकर उस जगह को सेफ करे और किसी अन्य व्यक्ति को घटनास्थल के मुख्य बिंदु पर न जाने दे। यदि ऐसा होता है तो अज्ञात आरोपी को पुलिस किसी माध्यम से खोज कर गिरफ्तार कर सकती है। और उसे सजा दिलवाई जा सकती है।
स्टूडेंटस को न लगाने दें जाम, हो सकता है कैरियर खराब
कई बार कोई घटना हो जाने पर गांव के कुछ लोग रोड़ जाम कर देते हैं। इस काम के लिए कुछ असामाजिक तत्व हमेशा तैयार रहते हैं। वे विद्यार्थियों को आगे कर देते हैं। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने पर उनका कैरियर खराब हो जाता है। उन्हें सरकारी नौकरी भी नहीं मिलती। इसलिए गांव में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश करें।
मदद करें और 1000 रुपये का इनाम और सर्टीफीकेट लें: आईजी
सड़क पर किसी भी तरह का कोई हादसा हो जाने पर लोग गवाही देने से कतराते हैं । वे किसी लफड़े में नहीं पडना चाहते। लेकिन आपको आगे आना होगा। माना कि सड़क हादसे में कोई घायल हो जाता है तो आप उसकी सहायता करें। तुरंत उसकी सूचना एंबुलेंस और पुलिस को दें। मदद करने वाला व्यक्ति मुझसे 1000 रुपये का इनाम और सर्टीफीकेट ले जाए।
13 महिला सरपंच चला रही हैं व्हाट्स एप, 2 की हैं मेल आईडी
पुलिस ने महिला सरपंचों को व्हाट्स ऐप से जोड़ने के लिए उनके मोबाइल नंबर भी लिए। पुलिस का नंबर भी उन्हें दिया गया। हालांकि वर्कशॉप में पहुंची 51 महिलाओं में से 13 महिला सरपंचों के पास ही व्हाट्स ऐप मोबाइल मिले। हालांकि दो महिला सरपंच ऐसी भी मिली जिनकी मेल आइडी अकाउंट थे। बाकी 49 की मेल आइडी भी नहीं हैं।