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Hisar News: किसान बोले-पूरी ट्राॅली में एक भी टिंडा ठीक मिल जाए तो नहीं मांगेंगे एक रुपया मुआवजा
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हिसार। ट्राॅली में कपास भरकर लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने कहा यह पूरी ट्राॅली देख लो, अगर एक भी टिंडा ठीक मिल जाए तो एक रुपया मुआवजा नहीं मांगेंगे। किसानाें ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पेशल गिरदावरी की मांग की। किसानों ने कहा गुलाबी सुंडी ने पूरी फसल चट कर दी है। बाद में किसान कृषि उप निदेशक गजराज नैन से मिले।
गांव रावलवास कलां के किसान ऋषि राज ट्राॅली में कपास की फसल लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि पूरी ट्राॅली भरकर लाया हूं। एक भी टिंडे में कपास मिल जाए तो बताओ। सभी टिंडे में गुलाबी सुंडी बैठी है। किसान नेता सतीश बेनीवाल ने कहा कि कपास की फसल में प्रति एकड़ 20 हजार रुपये का खर्चा होता है। गुलाबी सुंडी से 70-80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। स्पेशल गिरदावरी करवाकर तुरंत प्रभाव से किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
किसान नेता संदीप धीरणवास ने बताया कि बालसमंद क्षेत्र में 19 गांव में गुलाबी सुंडी से कपास की फसल का 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हो चुका है। किसान नेता कुरड़ाराम ने कहा कि फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। 50 हजार का मुआवजा दिया जाए।
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कपास के लिए प्रदेश सरकार ने बीमा योजना शुरू की है। किसान 27 सितंबर तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रति एकड़ 1500 रुपये देकर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा ले सकते हैं। किसानों को इस योजना का फायदा लेना चाहिए। जिन एरिया में कपास में नुकसान हुआ उन सभी किसानों को प्राथमिकता से आवेदन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 5 जिलों में कुछ विवाद के फसल बीमा योजना के तहत कंपनी नहीं आई। ऐसे में सरकार की ओर से किसानों को बीमा दिया जा रहा है। बैंकों के जरिए काटा गया प्रीमियम लौटाया जाएगा। - गजराज नैन, उप निदेशक, कृषि विभाग
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गांव रावलवास कलां के किसान ऋषि राज ट्राॅली में कपास की फसल लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि पूरी ट्राॅली भरकर लाया हूं। एक भी टिंडे में कपास मिल जाए तो बताओ। सभी टिंडे में गुलाबी सुंडी बैठी है। किसान नेता सतीश बेनीवाल ने कहा कि कपास की फसल में प्रति एकड़ 20 हजार रुपये का खर्चा होता है। गुलाबी सुंडी से 70-80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। स्पेशल गिरदावरी करवाकर तुरंत प्रभाव से किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
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किसान नेता संदीप धीरणवास ने बताया कि बालसमंद क्षेत्र में 19 गांव में गुलाबी सुंडी से कपास की फसल का 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हो चुका है। किसान नेता कुरड़ाराम ने कहा कि फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। 50 हजार का मुआवजा दिया जाए।
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कपास के लिए प्रदेश सरकार ने बीमा योजना शुरू की है। किसान 27 सितंबर तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रति एकड़ 1500 रुपये देकर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा ले सकते हैं। किसानों को इस योजना का फायदा लेना चाहिए। जिन एरिया में कपास में नुकसान हुआ उन सभी किसानों को प्राथमिकता से आवेदन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 5 जिलों में कुछ विवाद के फसल बीमा योजना के तहत कंपनी नहीं आई। ऐसे में सरकार की ओर से किसानों को बीमा दिया जा रहा है। बैंकों के जरिए काटा गया प्रीमियम लौटाया जाएगा। - गजराज नैन, उप निदेशक, कृषि विभाग