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सरकार की गलत नीतियों की वजह से कर्ज में डूबे किसान : राकेश टिकैत
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नारनौंद। अगर किसान को एमएसपी के हिसाब से फसलों के दाम मिले तो कर्ज लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। लेकिन सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान कर्ज के जाल में फंस गए हैं। किसी भी किसान की एक इंच जमीन को नीलाम नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलन से किसानों ने लड़ना सीख लिया है। ये बातें भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत ने खेड़ी चौपटा के किसानों के धरना में शामिल होते हुए कहीं।
किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए। सरकार बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों को परेशान करने में लगी है। हरियाणा के किसान मजबूती से लड़ना जानते हैं। हरियाणा के लोगों का दिल्ली के आंदोलन में भी अहम योगदान रहा है। लोगों ने 13 महीने की कड़ी तपस्या से शांति व अहिंसा के मार्ग पर चलकर आंदोलन को सफल बनाया था। केंद्र सरकार किसानों से जमीन छीनना चाहती है, लेकिन हम सरकार को उनकी मंशा में कामयाब नहीं होने देंगे। राजस्थान और हरियाणा में कई जगह किसानों की जमीनों की नीलामी के मामले भी सामने आए हैं। किसानों को डरने की जरूरत नहीं है, किसी भी किसान की जमीन को नीलाम नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान सुरेश कोथ, जस्सी पेटवाड़, प्रेम मलिक, राजकुमार राखी, रमेश श्योराण, दिनेश राखी, रामनिवास खेड़ी, साधु खेड़ी, रणधीर मिलकपुर, रतन ठेकेदार, कुलदीप कापड़ों, विकास श्योराण, काला गामड़ा, पाल नंबरदार, ओमप्रकाश इत्यादि मौजूद रहे।
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किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए। सरकार बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों को परेशान करने में लगी है। हरियाणा के किसान मजबूती से लड़ना जानते हैं। हरियाणा के लोगों का दिल्ली के आंदोलन में भी अहम योगदान रहा है। लोगों ने 13 महीने की कड़ी तपस्या से शांति व अहिंसा के मार्ग पर चलकर आंदोलन को सफल बनाया था। केंद्र सरकार किसानों से जमीन छीनना चाहती है, लेकिन हम सरकार को उनकी मंशा में कामयाब नहीं होने देंगे। राजस्थान और हरियाणा में कई जगह किसानों की जमीनों की नीलामी के मामले भी सामने आए हैं। किसानों को डरने की जरूरत नहीं है, किसी भी किसान की जमीन को नीलाम नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान सुरेश कोथ, जस्सी पेटवाड़, प्रेम मलिक, राजकुमार राखी, रमेश श्योराण, दिनेश राखी, रामनिवास खेड़ी, साधु खेड़ी, रणधीर मिलकपुर, रतन ठेकेदार, कुलदीप कापड़ों, विकास श्योराण, काला गामड़ा, पाल नंबरदार, ओमप्रकाश इत्यादि मौजूद रहे।
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