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किसानों को नहीं मिला डीएपी खाद, सवा घंटा जाम रखा हांसी-हिसार मार्ग
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हांसी- डीएपी की मांग को लेकर हांसी- हिसार रोड़ को जाम करते किसान
- फोटो : Hisar
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हांसी। डीएपी खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने सोमवार को हांसी-हिसार मार्ग पर जाम लगा दिया। काली देवी मंदिर के पास करीब सवा घंटे तक रोष प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तीन दिन में खाद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने रास्ता खोल दिया।
पिछले एक महीने से डीएपी की उपलब्धता को लेकर किसान लगातार मांग उठा रहे हैं। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ ने अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में तीन दिन तक लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे थे। कृषि विभाग के अधिकारियों व पुलिस बल के साथ मिल कर खाद की काला बाजारी को रोकने को लेकर खाद के गोदामों पर छापे मारे थे। हांसी क्षेत्र के लिए डीएपी के 9 हजार बैग उपलब्ध कराए गए थे। पिछले तीन दिन से किसानों को खाद नहीं मिल रहा था। किसानों को सोमवार को डीएपी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन खाद नहीं मिली। इससे गुस्साए किसानों ने रोड जाम कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दशरथ मलिक भी समर्थन देने के पहुंचे।
डीएपी खाद के लिए डिमांड भेजी हुई है। दो से तीन दिन में आईपीएल का रैक आने की संभावना है। इसमें हिसार के लिए खाद आएगा। खाद की उपलब्धता होते ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। - जागीर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, हांसी
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डीएपी खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़, शाम तक 800 बैग बांटे
नई अनाज मंडी में सोमवार को डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। सुबह पांच बजे ही से किसान मंडी में पहुंचना शुरू हो गए। हालांकि काफी किसानों को खाद नहीं मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से डीएपी खाद को लेकर मारामारी चल रही है।
सोमवार को नई अनाजमंडी में इफको किसान सेवा केंद्र पर डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान केंद्र पर किसानों को खाद के 800 बैग बांटे गए। उधर, एरिया मैनेजर पवन कुमार का कहना है कि सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे से ही किसानों को डीएपी खाद के बैग बांटने शुरू कर दिए गए थे।
डीएपी के अलावा यूरिया, जिंक कोटिड एसएसपी, जिंक सल्फेट का उपयोग कारगर
गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद की जगह यूरिया, जिंक कोटिड एसएसपी व जिंक सल्फेट (21 प्रतिशत) का प्रयोग करके औसत से अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार ही उन्नत किस्मों के बीज का चुनाव, सिंचाई, उर्वरक खाद का प्रयोग करना होगा। यह कहना है उपमंडल कृषि अधिकारी पवन ढीगड़ा का।
उन्होंने अगेती किस्मों के लिए बीज की मात्रा 40 किलोग्राम प्रति एकड़, समय पर बिजाई वाली किस्मों के लिए 45 किलोग्राम प्रति एकड़ और पछेती गेहूं की किस्मों के लिए 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ की सिफारिश की गई है। पछेती किस्मों की दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक बिजाई की जा सकती है।
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पिछले एक महीने से डीएपी की उपलब्धता को लेकर किसान लगातार मांग उठा रहे हैं। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ ने अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में तीन दिन तक लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे थे। कृषि विभाग के अधिकारियों व पुलिस बल के साथ मिल कर खाद की काला बाजारी को रोकने को लेकर खाद के गोदामों पर छापे मारे थे। हांसी क्षेत्र के लिए डीएपी के 9 हजार बैग उपलब्ध कराए गए थे। पिछले तीन दिन से किसानों को खाद नहीं मिल रहा था। किसानों को सोमवार को डीएपी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन खाद नहीं मिली। इससे गुस्साए किसानों ने रोड जाम कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दशरथ मलिक भी समर्थन देने के पहुंचे।
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डीएपी खाद के लिए डिमांड भेजी हुई है। दो से तीन दिन में आईपीएल का रैक आने की संभावना है। इसमें हिसार के लिए खाद आएगा। खाद की उपलब्धता होते ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। - जागीर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, हांसी
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डीएपी खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़, शाम तक 800 बैग बांटे
नई अनाज मंडी में सोमवार को डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। सुबह पांच बजे ही से किसान मंडी में पहुंचना शुरू हो गए। हालांकि काफी किसानों को खाद नहीं मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से डीएपी खाद को लेकर मारामारी चल रही है।
सोमवार को नई अनाजमंडी में इफको किसान सेवा केंद्र पर डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान केंद्र पर किसानों को खाद के 800 बैग बांटे गए। उधर, एरिया मैनेजर पवन कुमार का कहना है कि सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे से ही किसानों को डीएपी खाद के बैग बांटने शुरू कर दिए गए थे।
डीएपी के अलावा यूरिया, जिंक कोटिड एसएसपी, जिंक सल्फेट का उपयोग कारगर
गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद की जगह यूरिया, जिंक कोटिड एसएसपी व जिंक सल्फेट (21 प्रतिशत) का प्रयोग करके औसत से अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार ही उन्नत किस्मों के बीज का चुनाव, सिंचाई, उर्वरक खाद का प्रयोग करना होगा। यह कहना है उपमंडल कृषि अधिकारी पवन ढीगड़ा का।
उन्होंने अगेती किस्मों के लिए बीज की मात्रा 40 किलोग्राम प्रति एकड़, समय पर बिजाई वाली किस्मों के लिए 45 किलोग्राम प्रति एकड़ और पछेती गेहूं की किस्मों के लिए 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ की सिफारिश की गई है। पछेती किस्मों की दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक बिजाई की जा सकती है।