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दिल्ली कूच: रतिया, टोहाना, डबवाली में पंजाब बॉर्डर पर शांति, गांवों के रास्ते पंजाब पहुंचे सिरसा के किसान
Tue, 13 Feb 2024 10:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 13 Feb 2024 10:54 PM IST
सार
दोपहर बाद रतिया से दिल्ली के लिए किसानों ने कूच किया, फतेहाबाद-अयाल्की मार्ग पर गड्ढे खोदे गए हैं। टोहाना में किसान संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पांच घंटे इंतजार के बाद सिरसा हाईवे छोड़ लिंक रोड से किसान बप्पां पहुंचे।
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हाईवे पर गांव खरेकां के पास पुलिस द्वारा लगाया गया नाका।
- फोटो : संवाद
विस्तार
दिल्ली कूच के आह्वान के बीच मंगलवार को रतिया, टोहाना और डबवाली में पंजाब बाॅर्डर पर शांति रही। दोपहर बाद रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर में जुटे हरियाणा के लगभग 500 किसान 10 ट्रैक्टर-ट्रालियों, निजी वाहनों व बाइकों पर सवार होकर दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े।
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इसकी भनक लगते ही प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए अयाल्की के पास स्थित सेम नाले पर पुलिस ने गहरी खाई खोद दी। किसान आगे न बढ़ सकें, इसलिए सड़क पर तारकोल व ग्रीस भी डाल दिया। यहां किसानाें और प्रशासन के बीच नोकझोंक हुई और किसानाें ने फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास ही जमावड़ा लगा दिया है।
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वहीं टोहाना में भी भारतीय किसान यूनियन से जुड़े संगठनों के किसान सीमा पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फतेहाबाद के उपायुक्त अजय तोमर व एसपी आस्था मोदी ने टोहाना बॉर्डर का दौरा किया है। डीसी के सामने किसानों ने नारेबाजी भी की। किसान संगठनों ने कहा है कि पंजाब से किसान आते हैं तो उनके लिए हेल्प सेंटर खोला गया है। हालांकि टोहाना, रतिया के रोझांवाली, हांसपुर नाके पर पंजाब से किसानों की कोई हलचल नजर नहीं आई है।
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500 के करीब किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर पंजुआना नहर पर पहुंचे
वहीं सिरसा डबवाली हाईवे पर पंजुआना नहर के पास किसानों ने सुबह 11 बजे डेरा डालना शुरू कर दिया। आसपास के गांवों के 500 के करीब किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर पंजुआना नहर पर पहुंचे। जहां पर राष्ट्रीय किसान एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख मौजूद थे। पांच घंटे तक पंजाब से आगामी आदेशों का इंतजार करने के बाद किसान हाईवे छोड़कर गांव बप्पा की ओर लिंक रोड से रवाना हो गए। लिंक रोड होते हुए ये किसान पंजाब के सरदुलगढ़ पहुंच गए हैं। यहां से किसान शंभु बार्डर अंबाला की ओर रवाना होंगे।
सिरसा के सीमावर्ती किसान भी पंजाब के रास्ते शंभु बाॅर्डर अंबाला के लिए कूच कर गए हैं। हालांकि निर्णय में देरी के कारण कुछ युवा किसान नाराज होकर वापस भी चले गए। किसानों के अचानक लिंक रोड पकड़ने के कारण प्रशासन अचानक हरकत में आ गया। प्रशासन ने गांव मल्लेआना और गांव नेजाडेला कलां के नाकों को हाई अलर्ट जारी कर दिया।
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा है कि पंजाब क्षेत्र के किसान पंजाब के खनौरी से दिल्ली कूच के लिए रवाना हो चुके हैं। सिरसा से सिर्फ जिले के किसान ही हिसार के रास्ते रवाना होंगे। पंजाब के किसान सिरसा नहीं आएंगे।
किसान नेता ने कहा कि वो शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते है। किसी प्रकार की कोई धक्का मुक्की नहीं की जाएगी। पहले भी किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपने भाइयों को खोया है। जिला प्रशासन से अपील है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की कोई जबरदस्ती न की जाए।
डबवाली में रही शांति
डबवाली नाके में पंजाब से आने वाले किसानों को लेकर मलौठ और बठिंडा रोड को बंद किया गया था। आठ विभिन्न कंपनियां दोनों नाकों तैनात थी। लेकिन किसान इस ओर नहीं आए और खनौरी व शंभू बॉर्डर की ओर से चले गए। वहीं, कालांवाली व रोड़ी में अभी तक कोई हलचल नहीं है।
कूच का आह्वान दादरी जिले में बेअसर रहा
26 किसान संगठनों का दिल्ली कूच का आह्वान दादरी जिले में बेअसर रहा। जिले में मुख्य मार्गाें से सामान्य दिनों की तरह वाहनों की आवाजाही रही। हालांकि चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर चलने वाली सभी 21 बसें बीच रास्ते से वापस लौटीं।
भिवानी से बस सेवा पर लगा ब्रेक
किसानों का दिल्ली कूच को लेकर मंगलवार सुबह 11 बजकर 20 मिनट के बाद चंडीगढ़ के लिए रोडवेज बस सेवा पर ब्रेक लग गया। भिवानी से अल सुबह साढ़े चार बजे से सात बजकर 20 मिनट पर ही रोडवेज बस चंडीगढ़ के लिए चली। यही हाल दिल्ली रूट का भी बना। भिवानी से दिल्ली के लिए चली बसें बीच रास्ते जाम में फंस गई जबकि भिवानी से दिल्ली गई दो रोडवेज बस बहादुरगढ़ से ही वापस लौट आई।
खनौरी बॉर्डर पहुंचे हांसी के किसान
हांसी-हिसार के किसान हरियाणा पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर पहुंच गए। करीब 100-150 किसान वहां पहुंचे व पंजाब में दाखिल हुए। पंजाब से आ रहे किसानों के साथ वह हरियाणा के रास्ते दिल्ली में दाखिल होंगे। इस दौरान हांसी के किसान नेताओं से बात की गई तो उन्होंने खनौरी पर किसानों व पुलिस प्रशासन के बीच में चल रहे संघर्ष की स्थिति बताई।
वहीं, किसानों के दिल्ली कूच के मद्देनजर मय्यड़ नाके पर फोर्स बढ़ा दी गई है। हाईवे की एक साइड पर पुलिस प्रशासन ने कब्जा कर लिया है। वनवे होने से मय्यड़ गांव में भी दिन भर हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही।