डीएपी की किल्लत: किसान आधी रात को लगे लाइन में, फिर भी 7 घंटे बाद ज्यादातर को लौटना पड़ा खाली हाथ
घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी नहीं मिल पा रही। हरियाणा के हिसार में किसान 7 घंटे लाइन में रहे लेकिन 146 को ही डीएपी खाद मिली।महिलाओं से लेकर बच्चे भी खाद लेने के लिए कतार में लगे रहे।
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हरियाणा के हिसार जिले में मंगलवार को डीएपी वितरित किए जाने की सूचना मिलने के बाद सुबह 3 बजे से ही किसान इफ्को केंद्र के बाहर लाइन में लगना शुरू हो गए। महिलाओं से लेकर बच्चे भी खाद लेने के लिए कतार में नजर आए। करीब 450 किसान खाद लेने पहुंचे, जिसमें से 146 किसानों को ही खाद मिल सकी। पांच से सात घंटे लाइन में रहने के बाद भी करीब 300 किसानों को खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
नई अनाज मंडी में स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र के बाहर सुबह 3 बजे से ही किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। सुबह होते-होते किसानों की लंबी कतार लग गई। किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस की मौजदूगी में खाद के बैग वितरित किए।
मंगलवार को बिक्री केंद्र पर खाद के 730 बैग किसानों को बांटे गए। करीब 450 किसान खाद लेने के लिए मंडी में लाइन में लगे हुए थे। काफी किसानों को खाद नहीं मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा। अधिकारियों की ओर से बुधवार को बिक्री केंद्र पर खाद आने की बात कही जा रही है।
खाद लेने के लिए पहुंचे किसानों का कहना है कि फसल बिजाई का समय शुरू हो गया है। वह कई दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उसके बावजूद खाद नहीं मिल रही है। गांव से हिसार आने में उन्हें काफी परेशानी भी उठानी पड़ रही है। खाद नहीं मिलने पर किसानों ने विरोध भी जताया।
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खाद लेने के लिए पहुंचे किसानों को आधार कार्ड दिखाकर खाद के बैग दिए जा रहे हैं। एक किसान को खाद के पांच बैग देने का प्रावधान है। किसानों ने कहा कि आधार कार्ड दिखाकर तो कोई भी खाद ले सकता है। ऐसे में खाद लेने के दौरान किसानों की जमीन की फर्द भी देखी जाए।
अभी हमारे पास खाद के 130 बैग रखे हुए हैं। आज रात तक केंद्र पर खाद आने की उम्मीद है। खाद को लेकर किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। बुधवार या वीरवार को खाद आने पर जिले में कमी नहीं रहेगी। -पवन, फील्ड असिस्टेंट, इफ्को किसान सेवा केंद्र, हिसार
सुबह चार बजे गांव से आकर खाद लेने के लिए लाइन में खड़ी हुई थी। दोपहर को नंबर आया। खाद लेने के लिए काफी परेशानी हो रही है। पहले तो गांव में ही खाद मिल जाती थी। अब हिसार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। - संतोष, किसान, कुलेरी निवासी
खाद लेने के लिए अलसुबह से ही घर से चल पड़े थे। सुबह तीन बजे यहां पहुंचे तो भीड़ लगी हुई थी। भूखे प्यासे लाइन में खड़े रहे। शाम को चार बजे खाद के लिए नंबर आया। खाद के लिए पहले ही व्यवस्था करनी चाहिए थी। -शमशेर, किसान, काजला निवासी
सुबह छह बजे खाद लेने के लिए पहुंचे तो किसानों की भीड़ लगी हुई थी। शाम तक भी खाद नहीं मिल पाई। अब बुधवार को दोबारा खाद लेने के लिए केंद्र पर पहुंचेंगे। तीन दिन से वापस लौट रहा हूं। सरकार को खाद के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। - वेद सिंह, किसान, मिर्जापुर निवासी
खाद के बैग देने का कोई सिस्टम नहीं है। घर पर सब कामकाज छोड़कर खाद लेने के लिए महिलाएं आई हुईं हैं। बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल रही है। दो दिन खाद नहीं मिली तो बिजाई में देरी हो जाएगी। खाद के लिए पहले ही प्रबंध करने चाहिए थे। - सुशीला, किसान, बगला रोड निवासी
10 व 11 नवंबर को जिले में पहुंचेगी 1800 मीट्रिक टन डीएपी
हिसार। उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि 10 व 11 नवंबर को जिले में 1800 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच जाएगी। मंगलवार को जिले में 150 मीट्रिक टन (एनएफएल) डीएपी का वितरण किया गया। किसानों को गेंहू की बिजाई के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध करवाई जाएगी। 10 नवंबर को 1300 मीट्रिक टन (चंबल) डीएपी का सातरोड में रैक लग जाएगा। 10 व 11 नवंबर को 500 मीट्रिक टन (इफ्को) का फतेहाबाद जिले के भट्टू में रैक लगेगा।
एक खाद विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
कृषि विभाग की टीम ने खाद वितरण में अनियमितता मिलने पर हांसी में खाद विक्रेता का लाइसेंस 14 दिन के लिए निलंबित कर दिया है। चौधरी खाद भंडार का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए गठित की गई टीमें नियमित रूप से दुकान/गोदाम की चेकिंग कर रही हैं। इससे पहले भी हांसी में एक लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।