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Hisar News: जांच कमेटी के समक्ष गजुटा ने रखे तथ्य, एटीआर को बताया तथ्यहीन
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में विश्वविद्यालय अधिनियम, स्टेट्यूट्स, यूजीसी विनियमों और सुशासन से जुड़े मुद्दों की जांच के दौरान गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (गजुटा) ने जांच कमेटी के समक्ष अपना विस्तृत पक्ष रखा। गजुटा अध्यक्ष विनोद गोयल ने विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि इसमें अधिकांश बिंदुओं पर केवल सामान्यीकृत उत्तर दिए गए हैं।
जांच अधिकारी को सौंपे प्रतिवेदन में उन्होंने कहा कि मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में वैधानिक शासन, पारदर्शिता, लोकतांत्रिक संस्थाओं के संचालन और शिक्षकों के सेवा अधिकारों से जुड़ा है। गजुटा ने चेयरपर्सन व डीन नियुक्तियों, कार्यकारी परिषद चुनावों में देरी, सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान, यूजीसी रेगुलेशन-2018 के तहत सीनियर पदनाम एवं करिअर एडवांसमेंट स्कीम, पुनर्नियोजित शिक्षकों को प्रशासनिक दायित्व देने, संविदा नियुक्तियों, वेतन निर्धारण, आवास आवंटन और हालिया संविदा भर्ती विज्ञापन से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की मांग की है।
संघ ने संबंधित फाइलें, वरिष्ठता सूची, नोटशीट, कानूनी राय, चयन रिकॉर्ड, ऑडिट आपत्तियां और अन्य अभिलेख जांच के लिए तलब करने की मांग भी की है।
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विश्वविद्यालय का कोई भी कर्मचारी यदि विवि की छवि खराब करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।
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जांच अधिकारी को सौंपे प्रतिवेदन में उन्होंने कहा कि मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में वैधानिक शासन, पारदर्शिता, लोकतांत्रिक संस्थाओं के संचालन और शिक्षकों के सेवा अधिकारों से जुड़ा है। गजुटा ने चेयरपर्सन व डीन नियुक्तियों, कार्यकारी परिषद चुनावों में देरी, सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान, यूजीसी रेगुलेशन-2018 के तहत सीनियर पदनाम एवं करिअर एडवांसमेंट स्कीम, पुनर्नियोजित शिक्षकों को प्रशासनिक दायित्व देने, संविदा नियुक्तियों, वेतन निर्धारण, आवास आवंटन और हालिया संविदा भर्ती विज्ञापन से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की मांग की है।
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संघ ने संबंधित फाइलें, वरिष्ठता सूची, नोटशीट, कानूनी राय, चयन रिकॉर्ड, ऑडिट आपत्तियां और अन्य अभिलेख जांच के लिए तलब करने की मांग भी की है।
विश्वविद्यालय का कोई भी कर्मचारी यदि विवि की छवि खराब करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।