फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Excess water coming from other districts through canals can cause havoc, officials are busy in preventing it

Hisar News: नहरों के रास्ते दूसरे जिलों से आया अतिरिक्त पानी मचा सकता है तबाही, रोकथाम में जुटे अधिकारी

Thu, 26 Jun 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 26 Jun 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
Excess water coming from other districts through canals can cause havoc, officials are busy in preventing it
मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन गांव बापोड़ा के पास का दृश्य। संवाद
भिवानी। नहरों के रास्ते आने वाला दूसरे जिलों का अतिरिक्त पानी लोगों की आफत बढ़ा सकता है। मानसून में बाढ़ के पानी से तबाही को रोकने के लिए सिंचाई अधिकारियों ने खास बंदोबस्त किए हैं। करोड़ों का बजट खर्च कर सिंचाई विभाग ने मुख्य नहरों और ड्रेनों में पाइप लाइन के जरिए पानी की निकासी और प्रवेश (इनलेट और आउटलेट) की व्यवस्था की है। जिसका करीब 90 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

जिले के उन बड़े गांवों में भी बारिश के पानी की निकासी के बंदोबस्त हुए हैं, जिनमें हर साल बारिश के दौरान जलभराव झेलना पड़ता था। हालांकि जिले की मुख्य नहरों और ड्रेनों में हिसार और जींद के कुछ गांवों के बरसाती पानी की निकासी होती है। जिसकी वजह से नहरों और ड्रेनों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग ने करीब साढ़े 11 हजार एकड़ भूमि से बरसाती पानी की निकासी के लिए 42 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई है। करीब 48 करोड़ के बजट से इस परियोजना का करीब 90 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

जिनमें मुख्य चार ड्रेन भिवानी-घग्गर, मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन, समाण-धनाना लिंक ड्रेन और मुंढाल-तालू लिंक ड्रेन शामिल हैं। इसके अलावा सुंदर सब ब्रांच नहर जो हांसी के कुछ गांवों को भी पानी की आपूर्ति कराती है। बारिश के दौरान इनमें पानी की निकासी और प्रवेश सिस्टम को चालू किया है। जिसमें जरूरत के अनुसार इस नहर से पानी लिया जा सके और बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी की निकासी हो सके। ये नहर जिले की लाइफ लाइन भी कहलाती हैं, क्योंकि इसी नहर से जूई, मिताथल फीडर सहित अन्य छोटी नहरों को पानी की आपूर्ति होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------------------------------------------------------------------

मुख्य ड्रेनों से जुड़े हैं जिले के 25 से अधिक बड़े गांव
जिले की मुख्य चार ड्रेनों से जिले के 25 से अधिक बड़े गांव जुड़े हैं। जिनमें किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति और बारिश के दौरान पानी की निकासी का प्रबंध किया गया है। भिवानी-घग्गर ड्रेन से गांव बापोड़ा, सूई, रामपुरा, अलखपुरा, किरावड़, दाईमा, रतेरा की करीब 7500 एकड़ कृषि भूमि से बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डाली गई है। मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन से छह मुख्य गांव बड़ेसरा, मिताथल, घुसकानी, तिगड़ाना, गुजरानी और प्रेमनगर की करीब साढ़े 2800 एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी पाइप लाइन के जरिए ड्रेन तक पहुंचेगा। सामाण-धनाना लिंक ड्रेन से गांव सुखपुरा, जताई, धनाना, मंढाना, जाटू लुहारी की करीब साढ़े 3200 एकड़ कृषि भूमि से बारिश के पानी की निकासी होगी। मुंढाल-तालू लिंक ड्रेन से पांच गांव की कृषि भूमि जुड़ी है। जिसमें मुंढाल कलां, बांडाहेड़ी, तालू, कुुंगड़, अलखपुरा के 2300 एकड़ कृषि भूमि से जलभराव के पानी की निकासी होगी।

----------------------------------------------------------------------------
नहरों के किनारे किए मजबूत, बड़े तालाब व झील भी नहरों से जोड़ी
सिंचाई विभाग ने खेतों से बारिश के पानी की निकासी सीधे ड्रेनों तक करा दी है, इसी के साथ यह व्यवस्था भी कराई है कि अगर ड्रेनों में अतिरिक्त पानी हो जाए तो उसे नजदीकी बड़े तालाब और झीलों में संग्रहित किया जा सके। इसके लिए जिले के कुछ बड़े तालाब और झील सीधे नहरों से जुड़े हैं। जिनमें बाढ़ के अतिरिक्त पानी को भंडारित किया जा सकता है। जिससे नहरों के टूटने की नौबत से निजात मिलेगी वहीं इस पानी का भी सदुपयोग होगा।

फोटो: 05
90 फीसदी काम पूरा हो चुका
सिंचाई विभाग जलभराव संभावित इलाकों में पाइप लाइन डालकर मुख्य ड्रेनों और नहरों को जोड़ने का काम कर रहा है। करीब 90 फीसदी काम पूरा भी हो चुका है। इस कार्य के बाद अब दूसरे जिलों से बाढ़ का अतिरिक्त पानी आता है तो इसे बड़े जोहड़ों और झीलों में भंडारित कराया जाएगा। जिसके लिए सिंचाई विभाग ने नहरों में इनलेट और आउटलेट का चैनल तैयार कराया है ताकि जरूरत के दौरान इस पानी का इस्तेमाल हो सके और नहर के अतिरिक्त पानी को निश्चित जगह पर भंडारित किया जा सके।
-जितेंद्र मान कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर डिविजन सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed