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Hisar News: तालीम पर तारीखों का ताला
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हिसार। स्कूल भवन जर्जर होने के कारण नाकारा है और बच्चे कहीं खुले में तो कहीं आसपास के अन्य स्कूलों में कक्षाएं लगा रहे हैं। हालत यह है कि ऐसे भवनों को तोड़ने की नीलामी तय समय सीमा बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। पुराने भवन हटें तब तक जाकर उनकी जगह नए बनें। जब तक ऐसा नहीं होगा बच्चों की पढ़ाई भी सुचारू नहीं हो सकती। शिक्षा विभाग नीलामी का तारीख दर तारीख बढ़ा रहा है। सितंबर तक 123 कंडम भवनों की नीलामी होनी थी लेकिन अक्तूबर में भी 43 भवनों की प्रक्रिया बाकी है। अब संबंधित स्कूलों को जरूरत की डिमांड भेजने के लिए 12 अक्तूबर तक का समय दिया गया है।
जर्जर स्कूल भवनों में जलभराव की भी समस्या है। हिसार के 45 और हांसी क्षेत्र के 12 स्कूल इससे प्रभावित हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि किसी स्कूल में स्थायी जलभराव की समस्या नहीं है। बारिश के दौरान ही विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी होती है। हिसार के प्रभावित स्कूलों में आदमपुर और अग्रोहा क्षेत्र के 10 स्कूलों में व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है। अन्य स्कूलों के लिए एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजे गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को बीडीपीओ, एबीईओ और ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर जलभराव का समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा रही है। 13 अक्तूबर को मुख्यमंत्री की बैठक में महानिदेशक स्तर पर जलभराव की स्थिति और अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
कंडम भवनों की जगह नए निर्माण का इंतजार
कंडम भवन हटाने के बाद विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार नए स्कूल भवन या अतिरिक्त कक्षा-कक्ष बनाने के एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
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धान्सू-सातरोड भवन भी अधूरे
धान्सू और सातरोड के निर्माणाधीन स्कूल भवनों का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शिक्षा विभाग इन्हें अगले चार माह में पूरा करने का दावा कर रहा है। वहीं निदेशालय ने सभी डीईओ और डीईईओ से उन स्कूलों की जानकारी मांगी है जिनकी जमीन अभी शिक्षा विभाग या सरकार के नाम दर्ज नहीं है।
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जर्जर स्कूल भवनों में जलभराव की भी समस्या है। हिसार के 45 और हांसी क्षेत्र के 12 स्कूल इससे प्रभावित हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि किसी स्कूल में स्थायी जलभराव की समस्या नहीं है। बारिश के दौरान ही विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी होती है। हिसार के प्रभावित स्कूलों में आदमपुर और अग्रोहा क्षेत्र के 10 स्कूलों में व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है। अन्य स्कूलों के लिए एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजे गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को बीडीपीओ, एबीईओ और ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर जलभराव का समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा रही है। 13 अक्तूबर को मुख्यमंत्री की बैठक में महानिदेशक स्तर पर जलभराव की स्थिति और अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
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कंडम भवनों की जगह नए निर्माण का इंतजार
कंडम भवन हटाने के बाद विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार नए स्कूल भवन या अतिरिक्त कक्षा-कक्ष बनाने के एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
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धान्सू-सातरोड भवन भी अधूरे
धान्सू और सातरोड के निर्माणाधीन स्कूल भवनों का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शिक्षा विभाग इन्हें अगले चार माह में पूरा करने का दावा कर रहा है। वहीं निदेशालय ने सभी डीईओ और डीईईओ से उन स्कूलों की जानकारी मांगी है जिनकी जमीन अभी शिक्षा विभाग या सरकार के नाम दर्ज नहीं है।