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Hisar News: डिजिटल होगी पढ़ाई...रुचि-समझ गढ़ेगी पाठ्यक्रम का प्रत्येक पन्ना

Sun, 20 Sep 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 20 Sep 2026 01:13 AM IST
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Education goes digital... every page of the curriculum will shape interest and understanding.
हिसार। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सामाजिक विज्ञान के शिक्षण को महज रटने की परंपरा से मुक्त कर अधिक प्रभावी बनाने के लिए टेक्स्टबुक डिजाइनिंग का एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया है। पाठ्यक्रम का हर पन्ना बच्चों की रुचि, उम्र और समझ के स्तर ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
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विद्यार्थियों को पोस्टर, ऑडियो-वीडियो सामग्री, ग्राफिक्स, डिजिटल रील्स और वर्कशीट जैसे माध्यमों का उपयोग सिखाया जाएगा। इससे कठिन विषयों को उदाहरणों और गतिविधियों के जरिये विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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20 क्रेडिट के इस कार्यक्रम में शिक्षकों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को डिजिटल सामग्री तैयार करने, नई तरह की अभ्यास सामग्री विकसित करने और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सामाजिक विज्ञान को विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रतिभागियों को पोस्टर, ऑडियो-वीडियो सामग्री, ग्राफिक्स, डिजिटल रील्स और वर्कशीट जैसे माध्यमों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे इतिहास, भूगोल और समाज से जुड़े कठिन विषयों को उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से सरलता से समझाने में मदद मिलेगी।

चार पाठ्यक्रमों में बांटा गया कार्यक्रम :

कार्यक्रम में चार मुख्य पाठ्यक्रम होंगे और प्रत्येक पांच क्रेडिट का रहेगा। इसमें सामाजिक विज्ञान की सामग्री तैयार करने, उसे विद्यार्थियों के स्तर के अनुरूप ढालने और आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत करने की जानकारी दी जाएगी। असाइनमेंट और मूल्यांकन के माध्यम से प्रतिभागियों की समझ भी परखी जाएगी।

सरकारी और निजी क्षेत्र के लोगों को मिलेगा अवसर :

कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाले निजी क्षेत्र के पेशेवर, प्रकाशन संस्थानों से जुड़े लोग, सरकारी शैक्षणिक एजेंसियों के कर्मचारी, राज्यों की संबंधित एजेंसियों और एनसीईआरटी से जुड़े लोग भी भाग ले सकेंगे।

तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण:

प्रमाणपत्र कार्यक्रम तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में पाठ्यक्रम और सामग्री निर्माण की बुनियादी जानकारी, दूसरे में डिजाइनिंग और डिजिटल संसाधनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। छह महीने के विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में सामाजिक विज्ञान के शिक्षण को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष ध्यान रहेगा।

पांच वर्ष का अनुभव जरूरी :

सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र से जुड़े अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। सामाजिक विज्ञान के शिक्षक तथा कॉलेज-विश्वविद्यालयों के शिक्षक भी पात्र होंगे। आवेदन के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य है।


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एनसीईआरटी का यह पाठ्यक्रम सामाजिक विज्ञान के शिक्षण को आधुनिक और विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डिजिटल सामग्री, ग्राफिक्स, ऑडियो-वीडियो और वर्कशीट के माध्यम से शिक्षक कठिन विषयों को सरल तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे पाठ्यपुस्तक निर्माण और कक्षा शिक्षण, दोनों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। -राकेश चराया, खंड शिक्षा अधिकारी
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