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Hisar News: मिलर से अनुबंध न होने से खरीद न उठान, बारिश में भीगा खुले में रखा धान
Wed, 01 Oct 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 01 Oct 2025 11:50 PM IST
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हांसी। अनाज मंडी में मिलर के साथ अनुबंध न होने के कारण बुधवार को धान की खरीद नहीं हुई। अनुबंध न होने के कारण अब तक धान की उठान का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। इस कारण मंडी में धान की आवक तो हो रही है, लेकिन खरीद और उठान कार्य पूरी तरह रुका हुआ है। वहीं, बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। बुधवार शाम को हुई बारिश के चलते मंडी में खुले में सुखाने के लिए रखा धान भीग गया। किसानों और आढ़तियों ने तिरपाल से ढककर धान को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कई ढेरियां फिर भीग गईं।
मंडी में पहुंच रहा धान नियमानुसार 17 फीसदी के बजाय 23 फीसदी तक नमी लिए हुए है। खेतों में जलभराव के कारण धान में नमी अधिक है। इसे कम करने के लिए किसान मंडी में धान को खुले में सुखा रहे हैं। बारिश के कारण दोबारा से धान सुखाने में समय और मेहनत दोनों बढ़ेगी। इस बार हांसी मंडी में पीआर धान और बाजरा की खरीद हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा की जा रही है। सिसाय में यह कार्य हैफेड के जिम्मे है।
मिलर से अनुबंध न होने के कारण खरीद नहीं
प्रशासन के अनुसार, पीआर धान की खरीद सरकारी स्तर पर तभी शुरू होगी जब मिलर्स के साथ अनुबंध हो जाएगा। अनुबंध के तहत मिलर्स धान को मंडी से उठाकर अपने मिल में ले जाते हैं, जहां चावल निकालकर उसे एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) को भेजा जाता है। वीरवार को अवकाश के कारण अब अगले कार्यदिवस तक खरीद की कोई संभावना नहीं है।
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धान की एमएसपी और बिक्री दर
पीआर धान की एमएसपी : 2320 रुपये प्रति क्विंटल
1509 धान (निजी बिक्री): 3000 रुपये प्रति क्विंटल (पिछले वर्ष से अधिक)
खरीद के आंकड़े
मंडी में कुल पीआर धान : 2854 क्विंटल
अब तक खरीदा पीआर धान : 959 क्विंटल
1509 व अन्य किस्मों की धान की आवक : 2200 क्विंटल
बाजरा की निजी खरीद : 1223 क्विंटल
बाजरा की सरकारी खरीद : 414 क्विंटल
भावांतर योजना में कटौती से किसान नाराज
किसानों को गेट पास कटने के साथ ही भावांतर योजना के तहत बाजरा पर दी जाने वाली भरपाई पहले 625 रुपये उनके बैंक खाते में आने थे। सरकार ने 50 रुपये घटाकर 575 रुपये कर दिया है, जिससे किसानों में रोष है। हालांकि, बाजरा का एमएसपी 2775 रुपये ही है, लेकिन अब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद होगी। फसल खराब होने पर 2200 रुपये से कम मूल्य पर बाजरा की खरीद की जा सकती है।
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मिलर का अनुबंध कल तक होने की संभावना है। डीएम की मिलर से बातचीत जारी है। मंडी में धान की उठान मिलर ही करता है। - संदीप, टेक्निकल असिसटेंट, हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन।
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मंडी में पहुंच रहा धान नियमानुसार 17 फीसदी के बजाय 23 फीसदी तक नमी लिए हुए है। खेतों में जलभराव के कारण धान में नमी अधिक है। इसे कम करने के लिए किसान मंडी में धान को खुले में सुखा रहे हैं। बारिश के कारण दोबारा से धान सुखाने में समय और मेहनत दोनों बढ़ेगी। इस बार हांसी मंडी में पीआर धान और बाजरा की खरीद हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा की जा रही है। सिसाय में यह कार्य हैफेड के जिम्मे है।
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मिलर से अनुबंध न होने के कारण खरीद नहीं
प्रशासन के अनुसार, पीआर धान की खरीद सरकारी स्तर पर तभी शुरू होगी जब मिलर्स के साथ अनुबंध हो जाएगा। अनुबंध के तहत मिलर्स धान को मंडी से उठाकर अपने मिल में ले जाते हैं, जहां चावल निकालकर उसे एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) को भेजा जाता है। वीरवार को अवकाश के कारण अब अगले कार्यदिवस तक खरीद की कोई संभावना नहीं है।
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धान की एमएसपी और बिक्री दर
पीआर धान की एमएसपी : 2320 रुपये प्रति क्विंटल
1509 धान (निजी बिक्री): 3000 रुपये प्रति क्विंटल (पिछले वर्ष से अधिक)
खरीद के आंकड़े
मंडी में कुल पीआर धान : 2854 क्विंटल
अब तक खरीदा पीआर धान : 959 क्विंटल
1509 व अन्य किस्मों की धान की आवक : 2200 क्विंटल
बाजरा की निजी खरीद : 1223 क्विंटल
बाजरा की सरकारी खरीद : 414 क्विंटल
भावांतर योजना में कटौती से किसान नाराज
किसानों को गेट पास कटने के साथ ही भावांतर योजना के तहत बाजरा पर दी जाने वाली भरपाई पहले 625 रुपये उनके बैंक खाते में आने थे। सरकार ने 50 रुपये घटाकर 575 रुपये कर दिया है, जिससे किसानों में रोष है। हालांकि, बाजरा का एमएसपी 2775 रुपये ही है, लेकिन अब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद होगी। फसल खराब होने पर 2200 रुपये से कम मूल्य पर बाजरा की खरीद की जा सकती है।
मिलर का अनुबंध कल तक होने की संभावना है। डीएम की मिलर से बातचीत जारी है। मंडी में धान की उठान मिलर ही करता है। - संदीप, टेक्निकल असिसटेंट, हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन।