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Hisar News: डीजी हेल्थ ने माना... ओपीडी पर्ची पर अस्पष्ट तरीके से दवाइयां लिख रहे चिकित्सक
Sun, 23 Mar 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 23 Mar 2025 11:28 PM IST
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हिसार। चाहे सरकारी हो या निजी अस्पताल के चिकित्सक। वे मरीजों की ओपीडी पर्ची पर दवाइयों के नाम अस्पष्ट तरीके से लिख रहे हैं। साथ ही जेनेरिक दवाइयां लेने की सलाह देने से भी बच रहे हैं, जो कि नियमानुसार गलत है। इस बारे में डीजी हेल्थ ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।
उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा कि सभी चिकित्सक ओपीडी पर्ची पर दवाइयों के नाम स्पष्ट तरीके से लिखें और अधिक से अधिक जेनेरिक दवाइयां मरीजों को लेने की सलाह दें। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अक्सर सामने आता है कि जेनेरिक दवाइयां लिखने के बजाय चिकित्सक फार्मा या ब्रांड की दवाइयां लिखते हैं, जोकि हर मरीज के लिए खरीदना संभव नहीं होता है, जिसे खरीदने के लिए उसे जेब ढीली करनी पड़ती है। अब सरकार ने सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि मरीजों को सरकारी हो या फिर निजी अस्पतालों की दवाइयां मिल सकें।
केवल एमएलआर रिपोर्ट पर आधारित हैं आदेश : आईएमए
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान डॉ. अजय महाजन ने बताया कि ये आदेश केवल एमएलआर अर्थात मेडिकल लीगल रिपोर्ट पर आधारित है, क्योंकि एमएलआर रिपोर्ट में कई बार चिकित्सक तेज लिखने के चक्कर में कई अक्षर स्पष्ट तरीके से नहीं लिख पाते हैं, जिस पर मुख्यालय ने आदेश दिए हैं। अब पोर्टल खोला गया है, जिस पर हर एमएलआर रिपोर्ट को पंजीकृत किया जाता है, जिसमें अब लिखावट का चक्कर नहीं है। दूसरा जेनेरिक दवाइयां लिखने की बात है तो कई बार चिकित्सक जेनेरिक व फार्मा की दवाइयां का कंबिनेशन लिख देते हैं।
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हमारे कार्यालय की तरफ से पत्र जारी किया है कि सभी चिकित्सक दवाइयों के नाम स्पष्ट तरीके से लिखे और जेनेरिक दवाइयां लिखें। समस्त सिविल सर्जन को आदेश दे भी दिए हैं। - डॉ. मनीष बंसल, डीजी हेल्थ, पंचकूला।
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उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा कि सभी चिकित्सक ओपीडी पर्ची पर दवाइयों के नाम स्पष्ट तरीके से लिखें और अधिक से अधिक जेनेरिक दवाइयां मरीजों को लेने की सलाह दें। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अक्सर सामने आता है कि जेनेरिक दवाइयां लिखने के बजाय चिकित्सक फार्मा या ब्रांड की दवाइयां लिखते हैं, जोकि हर मरीज के लिए खरीदना संभव नहीं होता है, जिसे खरीदने के लिए उसे जेब ढीली करनी पड़ती है। अब सरकार ने सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि मरीजों को सरकारी हो या फिर निजी अस्पतालों की दवाइयां मिल सकें।
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केवल एमएलआर रिपोर्ट पर आधारित हैं आदेश : आईएमए
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान डॉ. अजय महाजन ने बताया कि ये आदेश केवल एमएलआर अर्थात मेडिकल लीगल रिपोर्ट पर आधारित है, क्योंकि एमएलआर रिपोर्ट में कई बार चिकित्सक तेज लिखने के चक्कर में कई अक्षर स्पष्ट तरीके से नहीं लिख पाते हैं, जिस पर मुख्यालय ने आदेश दिए हैं। अब पोर्टल खोला गया है, जिस पर हर एमएलआर रिपोर्ट को पंजीकृत किया जाता है, जिसमें अब लिखावट का चक्कर नहीं है। दूसरा जेनेरिक दवाइयां लिखने की बात है तो कई बार चिकित्सक जेनेरिक व फार्मा की दवाइयां का कंबिनेशन लिख देते हैं।
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हमारे कार्यालय की तरफ से पत्र जारी किया है कि सभी चिकित्सक दवाइयों के नाम स्पष्ट तरीके से लिखे और जेनेरिक दवाइयां लिखें। समस्त सिविल सर्जन को आदेश दे भी दिए हैं। - डॉ. मनीष बंसल, डीजी हेल्थ, पंचकूला।