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Hisar News: दूरस्थ शिक्षा के विद्यार्थी 500 रुपये शुल्क के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करवा सकेंगे दस्तावेज सत्यापन
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के दूरस्थ शिक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को अपने मूल प्रमाणपत्र को दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम से सत्यापित कराने होंगे। दूरस्थ शिक्षा कार्यालय से मूल प्रमाणपत्र सत्यापन होने के बाद मूल प्रमाणपत्रों की सुरक्षित वापसी के लिए विद्यार्थियों को 55 रुपये के डाक टिकट वाला लिफाफा साथ में भेजना होगा, जिस पर विद्यार्थी का पता लिखा होना जरूरी है। विद्यार्थी के किसी कारण वश न आने और अनुरोध करने के मामले में निदेशक (डीई) से अप्रूवल लेकर संबंधित कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर की सिफारिश पर छात्र को 500 रुपये के विशेष शुल्क के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मूल दस्तावेज के ऑनलाइन सत्यापन की अनुमति दी जाएगी।
दूरस्थ शिक्षा के सभी पाठ्यक्रमों के लिए सत्यापन करवाने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। इसके बाद विद्यार्थियों को विलंब शुल्क देना पड़ेगा। इसके अलावा पहली बार प्रमाणपत्र सत्यापन के मामले में यदि छात्र प्रथम श्रेणी सरकारी अधिकारी से सत्यापित दस्तावेज अपलोड करेगा तो मूल दस्तावेज सत्यापन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इसको लेकर विवि ने साइट पर नोटिफिकेशन भी जारी किया हुआ है। इसके लिए 30 नवंबर की अंतिम तिथि निर्धारित की है। इसके बाद परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले तक 2000 रुपये का विलंब शुल्क लिया जाएगा। अगर इसके बाद भी कोई विद्यार्थी अपने मूल प्रमाणपत्रों को वेरिफाई नहीं करवाता है तो उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द मानी जाएगी। वास्तविक मामलों में 5000 के जुर्माने के साथ सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के अधीन निदेशक, दूरस्थ शिक्षा की सिफारिशों के साथ उम्मीदवारी बहाल की जा सकती है।
दस्तावेजों के सत्यापन के मामले में यदि छात्र प्रथम श्रेणी के सरकारी अधिकारी से सत्यापित दस्तावेज अपलोड करेगा तो उसे मूल दस्तावेज सत्यापन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। ऐसा विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए किया गया है। - डॉ. खजान सिंह, डायरेक्टर, डिस्टेंस एजुकेशन, जीजेयू।
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के दूरस्थ शिक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को अपने मूल प्रमाणपत्र को दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम से सत्यापित कराने होंगे। दूरस्थ शिक्षा कार्यालय से मूल प्रमाणपत्र सत्यापन होने के बाद मूल प्रमाणपत्रों की सुरक्षित वापसी के लिए विद्यार्थियों को 55 रुपये के डाक टिकट वाला लिफाफा साथ में भेजना होगा, जिस पर विद्यार्थी का पता लिखा होना जरूरी है। विद्यार्थी के किसी कारण वश न आने और अनुरोध करने के मामले में निदेशक (डीई) से अप्रूवल लेकर संबंधित कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर की सिफारिश पर छात्र को 500 रुपये के विशेष शुल्क के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मूल दस्तावेज के ऑनलाइन सत्यापन की अनुमति दी जाएगी।
दूरस्थ शिक्षा के सभी पाठ्यक्रमों के लिए सत्यापन करवाने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। इसके बाद विद्यार्थियों को विलंब शुल्क देना पड़ेगा। इसके अलावा पहली बार प्रमाणपत्र सत्यापन के मामले में यदि छात्र प्रथम श्रेणी सरकारी अधिकारी से सत्यापित दस्तावेज अपलोड करेगा तो मूल दस्तावेज सत्यापन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इसको लेकर विवि ने साइट पर नोटिफिकेशन भी जारी किया हुआ है। इसके लिए 30 नवंबर की अंतिम तिथि निर्धारित की है। इसके बाद परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले तक 2000 रुपये का विलंब शुल्क लिया जाएगा। अगर इसके बाद भी कोई विद्यार्थी अपने मूल प्रमाणपत्रों को वेरिफाई नहीं करवाता है तो उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द मानी जाएगी। वास्तविक मामलों में 5000 के जुर्माने के साथ सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के अधीन निदेशक, दूरस्थ शिक्षा की सिफारिशों के साथ उम्मीदवारी बहाल की जा सकती है।
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दस्तावेजों के सत्यापन के मामले में यदि छात्र प्रथम श्रेणी के सरकारी अधिकारी से सत्यापित दस्तावेज अपलोड करेगा तो उसे मूल दस्तावेज सत्यापन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। ऐसा विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए किया गया है। - डॉ. खजान सिंह, डायरेक्टर, डिस्टेंस एजुकेशन, जीजेयू।
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