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Hisar News: निजी स्कूलों को मान्यता देने मामले में हरकत में आए डीईओ, बोले-सोमवार से शुरू होगी दस्तावेज की जांच
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हिसार। निजी स्कूलों की मान्यता की जांच मामले में शिक्षा विभाग के जिले के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। इसके फलस्वरूप आला अधिकारी समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों की मीटिंग लेंगे, जिसके बाद नई रणनीति बनाकर यूडीआईडी सहित अन्य दस्तावेज की जांच की जाएगी। यह काम सोमवार से शुरू हो जाएगा।
पहली से 8वीं कक्षा और 9वीं से 12वीं कक्षा तक के निजी स्कूलों की दो लिस्ट तैयार होंगी। गौरतलब है कि बीते 2024-25 में जिले में 895 सरकारी स्कूल व निजी स्कूल 789 पंजीकृत थे। अब देखना यह है कि शिक्षा निदेशालय के आदेश पर जिले स्तर के अधिकारी किस प्रकार गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट तैयार करेंगे और कब रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे।
ये है कारण
निजी स्कूलों की मान्यता की जांच-पड़ताल मामले में न सरकार और न ही शिक्षा निदेशालय गंभीर था। इसको लेकर प्रदेश स्तर पर 250 से अधिक निजी स्कूल चल रहे हैं। जब यह बात हाईकोर्ट में पहुंची तो सरकार व शिक्षा निदेशालय को सख्ती से आदेश दिए हैं कि वे गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार कर पेश करें। अगली पेशी में शिक्षा निदेशालय निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी।
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अभिभावक रहते हैं गुमराह
निजी स्कूलों की मान्यता मामले में अधिकांश तौर पर अभिभावक गुमराह रहते हैं। कारण यह है कि न तो निजी स्कूल संचालक उन्हें मान्यता मामले में गहनता से जानकारी देते हैं और न ही खंड शिक्षा कार्यालय अभिभावकों के सवालों का सही ढंग से जवाब दे पाते हैं। जिस कारण अभिभावक मजबूरन जानकारी के अभाव में भटकता रहता है। इसके बाद वह बच्चों का दाखिला करवा देता था, जिससे उसका भविष्य कई बार दांव पर भी लग जाता था।
मामला मेरे संज्ञान में है। पहले समस्त बीईओ की मीटिंग ली जाएगी। इसके बाद रणनीति बनाकर निजी स्कूलों की मान्यता से लेकर दस्तावेज की जांच की जाएगी। किसी भी सूरत में गैर-मान्यता वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। - वेद सिंह दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
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पहली से 8वीं कक्षा और 9वीं से 12वीं कक्षा तक के निजी स्कूलों की दो लिस्ट तैयार होंगी। गौरतलब है कि बीते 2024-25 में जिले में 895 सरकारी स्कूल व निजी स्कूल 789 पंजीकृत थे। अब देखना यह है कि शिक्षा निदेशालय के आदेश पर जिले स्तर के अधिकारी किस प्रकार गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट तैयार करेंगे और कब रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे।
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ये है कारण
निजी स्कूलों की मान्यता की जांच-पड़ताल मामले में न सरकार और न ही शिक्षा निदेशालय गंभीर था। इसको लेकर प्रदेश स्तर पर 250 से अधिक निजी स्कूल चल रहे हैं। जब यह बात हाईकोर्ट में पहुंची तो सरकार व शिक्षा निदेशालय को सख्ती से आदेश दिए हैं कि वे गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार कर पेश करें। अगली पेशी में शिक्षा निदेशालय निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी।
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अभिभावक रहते हैं गुमराह
निजी स्कूलों की मान्यता मामले में अधिकांश तौर पर अभिभावक गुमराह रहते हैं। कारण यह है कि न तो निजी स्कूल संचालक उन्हें मान्यता मामले में गहनता से जानकारी देते हैं और न ही खंड शिक्षा कार्यालय अभिभावकों के सवालों का सही ढंग से जवाब दे पाते हैं। जिस कारण अभिभावक मजबूरन जानकारी के अभाव में भटकता रहता है। इसके बाद वह बच्चों का दाखिला करवा देता था, जिससे उसका भविष्य कई बार दांव पर भी लग जाता था।
मामला मेरे संज्ञान में है। पहले समस्त बीईओ की मीटिंग ली जाएगी। इसके बाद रणनीति बनाकर निजी स्कूलों की मान्यता से लेकर दस्तावेज की जांच की जाएगी। किसी भी सूरत में गैर-मान्यता वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। - वेद सिंह दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार