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Hisar News: दिल्ली रोड बरसाती नाला दो विभागों में फंसा, कोई सफाई को तैयार नहीं
Fri, 16 May 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 16 May 2025 01:45 AM IST
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हिसार में दिल्ली रोड पर नाले के लिए जेसीबी से खुदाई करते मजदूर।
हिसार। मानसून आने में लगभग डेढ़ माह का समय बचा है, लेकिन दिल्ली रोड बरसाती नाले की सफाई अब तक शुरू नहीं करवाई गई है। खास बात यह है कि इस नाले को न तो नगर निगम और न ही बीएंडआर अपने अधीन लेने को तैयार है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नाले की सफाई नहीं हुई तो बारिश के पानी की निकासी कैसे होगी। हर साल की तरह इस बार भी जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा।
वर्ष 2019 में शहर के औद्योगिक क्षेत्र से लेकर कैमरी रोड तक दोनों तरफ बरसाती नाला बनाया गया था और इस पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आई थी। यह नाला इस तरह से बनाया गया कि औद्योगिक क्षेत्र और डाबड़ा चौक की तरफ से पानी आकर जिंदल चौक पर एकत्रित होगा। यहां से इस पानी को जिंदल अस्पताल रोड पर पहले से बने नाले के जरिये तोशाम रोड पर बने डिस्पोजल तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि जिस समय यह नाला बनाया गया, उसी समय डिजाइन को लेकर विवादों में आ गया था।
दो विभागों के बीच फंसा नाला
दिल्ली रोड नाले का निर्माण बीएंडआर ने करवाया था। मगर कभी भी खुद इस नाले का जिम्मा नहीं लिया। विभाग के अधिकारी यही कहते रहे कि बजट नगर निगम ने उपलब्ध करवाया था, वह तो सिर्फ निर्माण एजेंसी थी। इस लिहाज से नगर निगम ही इस नाले का मालिक है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग भी इस नाले को अपने अधीन लेने से मना करता है। हालांकि पिछले साल बीएंडआर को मुख्यालय से आदेश मिले कि वह सभी बरसाती नालों को नगर निगम को सौंप दे, भविष्य में निगम ही इनका रखरखाव करेगा। इसमें दिल्ली रोड बरसाती नाला भी शामिल है। बीएंडआर ने नगर निगम को इस बारे में पत्र लिखा तो निगम अधिकारियों ने इसे अपने अधीन लेने से मना कर दिया। पिछले दिनों निगम कार्यालय में हुई एक बैठक में यह मुद्दा उठा तो निगम अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि यह नाला चालू हालत में नहीं है। इस पर निगमायुक्त नीरज ने दोनों विभागों के अधिकारियों को नाला हस्तांतरण की औपचारिकता को पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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वर्तमान में बरसाती नाले के हालात
यह नाला जगह-जगह से ब्लॉक है। स्लैब भी जगह-जगह टूटकर नाले में ही गिरी हुई हैं। चूंकि निर्माण के समय नए नाले का कुछ हिस्सा बनाया नहीं गया और पुराने नाले में ही जोड़ दिया गया, जो अंडरग्राउंड बना हुआ है। अब बीएंडआर इस पुराने नाले के ऊपर ही नया नाला बना रहा है, जिसका काम इस माह के आखिर तक पूरा होगा।
यह कहना है लोगों का
दिल्ली रोड शहर की नब्ज है। मगर हर साल मानसून के सीजन में जलभराव के कारण यह नब्ज ब्लॉक रहती है। संबंधित विभाग मानसून से पहले इस नाले की अच्छी तरह से सफाई करवाए।
- जसवंत कुमार।
यह नाला शुरू से ही विवादों में रहा है। सबसे पहले यह तय किया जाए कि इस नाले का मालिक कौन है। फिर उस विभाग को आदेश दिए जाए कि इस नाले की कमियों को ठीक करवाए ताकि बारिश के दौरान कम से कम समय में पानी की निकासी हो सके।
- सवाई राम।
बरसाती नालाें में लोग सीवर के कनेक्शन कर लेते हैं। इस नाले में भी ऐसे कनेक्शन मिलेंगे। उन कनेक्शन को हटाया जाए। नाला काफी जगह से टूटा है और उसका मलबा भी नाले में पड़ा है। इसके लिए नाले की ठीक ढंग से सफाई करवाई जानी चाहिए।
- सुरेश शर्मा।
इस नाले में कुछ फैक्टरी वाले भी पानी छोड़ते हैं, जिससे यह ओवरफ्लो हो जाता है। यही पानी सड़क पर आ जाता है। इस पर रोक लगाई जाए।
- राकेश।
बीएंडआर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम अधिकारियों के साथ मिलकर इस नाले का निरीक्षण कर लें। कहीं कोई कमी मिलती है तो दूर कर इसे निगम को हस्तांतरित कर दें। मानसून से पहले निगम के अधीन आने वाले सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी। - नीरज, निगमायुक्त।
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वर्ष 2019 में शहर के औद्योगिक क्षेत्र से लेकर कैमरी रोड तक दोनों तरफ बरसाती नाला बनाया गया था और इस पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आई थी। यह नाला इस तरह से बनाया गया कि औद्योगिक क्षेत्र और डाबड़ा चौक की तरफ से पानी आकर जिंदल चौक पर एकत्रित होगा। यहां से इस पानी को जिंदल अस्पताल रोड पर पहले से बने नाले के जरिये तोशाम रोड पर बने डिस्पोजल तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि जिस समय यह नाला बनाया गया, उसी समय डिजाइन को लेकर विवादों में आ गया था।
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दो विभागों के बीच फंसा नाला
दिल्ली रोड नाले का निर्माण बीएंडआर ने करवाया था। मगर कभी भी खुद इस नाले का जिम्मा नहीं लिया। विभाग के अधिकारी यही कहते रहे कि बजट नगर निगम ने उपलब्ध करवाया था, वह तो सिर्फ निर्माण एजेंसी थी। इस लिहाज से नगर निगम ही इस नाले का मालिक है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग भी इस नाले को अपने अधीन लेने से मना करता है। हालांकि पिछले साल बीएंडआर को मुख्यालय से आदेश मिले कि वह सभी बरसाती नालों को नगर निगम को सौंप दे, भविष्य में निगम ही इनका रखरखाव करेगा। इसमें दिल्ली रोड बरसाती नाला भी शामिल है। बीएंडआर ने नगर निगम को इस बारे में पत्र लिखा तो निगम अधिकारियों ने इसे अपने अधीन लेने से मना कर दिया। पिछले दिनों निगम कार्यालय में हुई एक बैठक में यह मुद्दा उठा तो निगम अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि यह नाला चालू हालत में नहीं है। इस पर निगमायुक्त नीरज ने दोनों विभागों के अधिकारियों को नाला हस्तांतरण की औपचारिकता को पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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वर्तमान में बरसाती नाले के हालात
यह नाला जगह-जगह से ब्लॉक है। स्लैब भी जगह-जगह टूटकर नाले में ही गिरी हुई हैं। चूंकि निर्माण के समय नए नाले का कुछ हिस्सा बनाया नहीं गया और पुराने नाले में ही जोड़ दिया गया, जो अंडरग्राउंड बना हुआ है। अब बीएंडआर इस पुराने नाले के ऊपर ही नया नाला बना रहा है, जिसका काम इस माह के आखिर तक पूरा होगा।
यह कहना है लोगों का
दिल्ली रोड शहर की नब्ज है। मगर हर साल मानसून के सीजन में जलभराव के कारण यह नब्ज ब्लॉक रहती है। संबंधित विभाग मानसून से पहले इस नाले की अच्छी तरह से सफाई करवाए।
- जसवंत कुमार।
यह नाला शुरू से ही विवादों में रहा है। सबसे पहले यह तय किया जाए कि इस नाले का मालिक कौन है। फिर उस विभाग को आदेश दिए जाए कि इस नाले की कमियों को ठीक करवाए ताकि बारिश के दौरान कम से कम समय में पानी की निकासी हो सके।
- सवाई राम।
बरसाती नालाें में लोग सीवर के कनेक्शन कर लेते हैं। इस नाले में भी ऐसे कनेक्शन मिलेंगे। उन कनेक्शन को हटाया जाए। नाला काफी जगह से टूटा है और उसका मलबा भी नाले में पड़ा है। इसके लिए नाले की ठीक ढंग से सफाई करवाई जानी चाहिए।
- सुरेश शर्मा।
इस नाले में कुछ फैक्टरी वाले भी पानी छोड़ते हैं, जिससे यह ओवरफ्लो हो जाता है। यही पानी सड़क पर आ जाता है। इस पर रोक लगाई जाए।
- राकेश।
बीएंडआर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम अधिकारियों के साथ मिलकर इस नाले का निरीक्षण कर लें। कहीं कोई कमी मिलती है तो दूर कर इसे निगम को हस्तांतरित कर दें। मानसून से पहले निगम के अधीन आने वाले सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी। - नीरज, निगमायुक्त।