चरखी दादरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक किरण चौधरी ने इसे चुनावी स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश व पंजाब समेत कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने यह कानून वापसी की घोषणा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से एमएसपी को कानून का रूप देने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग भी की है।
किरण चौधरी ने कहा कि कृषि कानून वापस लेने में केंद्र सरकार ने बहुत देर कर दी। एक साल तक किसान कड़ाके की ठंड और गर्मी में जमे रहे। इस दौरान 700 से ज्यादा किसानों को जान गंवानी पड़ी। इस समयावधि में किसानों ने तो प्रताड़ना झेली हैं, उनकी भरपाई अब संभव नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री को स्टंटमैन और इस फैसले को चुनावी स्टंट करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों में विधानसभा चुनाव में भाजपा की स्पष्ट हार देखकर केंद्र सरकार ने कृषि कानून वापस लिए हैं। भाजपा को यह आभास हो गया कि उत्तर प्रदेश व पंजाब में भाजपा की सरकार नहीं बन रही है इसलिए यह पैंतरा चलाया है।