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डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट: 24 साल बाद फिर नई कवायद शुरू, नगर निगम ने 50 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 03:46 AM IST
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Dairy Plaza Project: New exercise started again after 24 years, Municipal Corporation made an estimate of Rs 50 crore and sent it to the headquarters.
मुल्तानी चौक के पास सड़क पर बंधे पशु।  संवाद 
हिसार। शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बनीं पशु डेयरियों को शिफ्ट करने का मसौदा 24 साल बाद भी वहीं का वहीं है। इस दौरान तमाम कागजी घोड़े दौड़ाए गए और अब फिर से वही कवायद शुरू की जा रही है। डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने 50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय भेजा जाएगा। हालांकि डेयरी प्लाजा के पुराने ले आउट व प्लॉटों की बोली रद्द करने से पहले मुख्यालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए 42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी थी। उम्मीद है अब यह प्रक्रिया गति पकड़ेगी और लोगों को सड़कों पर घूमने वाले पशुओं से निजात मिलेगी।
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नगर निगम प्रशासन ने बगला रोड पर चयनित करीब 50 एकड़ जमीन पर डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का ले आउट प्लान बनाकर कुछ प्लॉटों की बोली भी कर दी थी। मगर इसी बीच मुख्यालय ने ले आउट पर आपत्ति जता दी। इसके बाद निगम प्रशासन ने यह कहते हुए प्लाॅट की बोली को रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। इसके बाद इस प्रोजेक्ट की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर दी गई। इसके तहत दोबारा से प्रोजेक्ट का ले आउट प्लान तैयार कर मंजूर करवाया गया। अब दोबारा से एस्टीमेट तैयार किया गया है और प्लॉटों की बोली भी फिर से करवाई जाएगी।
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24 साल पहले हुई थी डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा
24 साल पहले पहली बार डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा इनेलो सरकार में वर्ष 2000 में हुई थी। निगम ने इसके लिए धान्सू रोड पर जमीन ली थी। मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे भी हुआ था, जिसमें 292 डेयरियां संचालित मिलीं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ सात कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। 29 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की घोषणा की गई है। मगर अलग-अलग जमीन नहीं मिली। आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल हुई।
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पोर्टल के माध्यम से करवाई जाएगी प्लॉट की बोली
अब डेयरी प्लॉटों की बोली पोर्टल के माध्यम से करवाई जाएगी। इसे लेकर मुख्यालय की तरफ से पोर्टल तैयार किया जाएगा। पुराने ले आउट प्लान में कॉमर्शियल प्लॉट भी थे। मगर नए ले आउट प्लान में कॉमर्शियल प्लॉट का प्रावधान नहीं है। पुराने ले आउट प्लान में कुल 410 प्लॉट थे, जिनमें कॉमर्शियल प्लाॅट व डेयरी प्लॉट शामिल थे। इसके अलावा शहर में संचालित पशु डेयरियों को भी नए सिरे से सर्वे करवाया गया है। हालांकि अभी तक इस सर्वे पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।

ये होंगी सुविधाएं :
डेयरी प्लाजा में पशुओं के लिए तालाब, चारामंडी, गोबर गैस प्लांट, कम्युनिटी सेंटर, कैटल हॉस्टल, चिलिंग प्लांट, ऑटोमेटिक मिल्किंग प्लांट, मिल्क कलेक्शन सेंटर, शॉपिंग सेंटर, कैफेटेरिया, वेटरनरी अस्पताल व एसटीपी प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
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