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दबंगई : हाथों में डंडे लेकर आए लोग, पुलिसकर्मियों को धमका रस्सी खोल छुड़वा ले गए अपने 10 पशु
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युवक को पशुओं की रस्सी खोलने से रोकने का प्रयास करता पुलिस कर्मचारी।
- फोटो : Hisar
हिसार। जिले में बेसहारा पशुओं के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। लोगों के बढ़ते रोष के बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से पशु पकड़ो अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को निगम की टीम ने नई सब्जी मंडी एरिया में 13 पशुओं को पकड़ा। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान बारिश के बीच कुछ लोग हाथों में डंडे लेकर आए और दबंगई दिखाते हुए पुलिस कर्मियों को धमकाया और रस्सी खोल अपने 10 पशु छुड़वाकर ले गए।
घटना के बाद निगम प्रशासन की ओर से एसपी को पशु छुड़वाने वाले आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में निगम कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। बता दें कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
सुबह 6 बजे शुरू कर दिया था अभियान
निगम की पशु पकड़ने वाली पहली टीम ने शुक्रवार सुबह 6 बजे सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई के नेतृत्व में अभियान की शुरुआत की। इस दौरान टीम के साथ तीन पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने बालसमंद रोड पर एचएयू के गेट नंबर दो के सामने से चार बेसहारा पशुओं को पकड़ा। इसके बाद टीम नई सब्जी मंडी पहुंची। बारिश के कारण वहां काफी संख्या में पशु शेड के नीचे बैठे मिले। टीम ने एएसआई राहुल के नेतृत्व में वहां से 10 पशुओं को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और उन्हें गाड़ी में चढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान 10-15 लोग हाथों में डंडे लेकर आए और पुलिस व टीम के सदस्यों को धमकाते हुए अपने पशुओं को छुड़वा ले गए। हालांकि टीम ने मंडी के तीनों गेटों को बंद करवा दिया था। इस दौरान एक गेट पर राइडर, दूसरे पर पीसीआर और तीसरे गेट पर पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया था।
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पशुपालक करते हैं टीम की रेकी
निगम कर्मचारियों के अनुसार टीम के निगम कार्यालय से निकलते ही पशुपालक टीम की रेकी शुरू कर देते हैं। जहां भी टीम पशु पकड़ने का अभियान शुरू करती है वहां तुरंत रेकी करने वाले लोग पशुपालकों को फोन के माध्यम से सूचित कर देते हैं। इसके बाद पशुपालक मौके पर पहुंच जाते हैं।
घटना के बाद फिर एक टीम बनाई
घटना के बाद निगम प्रशासन ने दोनों टीमों को फिर से मिलाकर एक टीम बना दिया। शनिवार से यही टीम शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ेगी। निगम अधिकारियों के अनुसार दो टीम के बनने से पुलिस कर्मचारी भी दो टीमों में बंट गए थे, जिससे टीम के साथ रहने वाले पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम हो गई थी। अब टीम के साथ छह पुलिस कर्मचारी और एक राइडर रहेगा।
वीडियो से की पशुपालकों की पहचान
पशु छुड़वाने की घटना के दौरान निगम कर्मचारियों ने पूरी घटना की वीडियो बना ली थी। बाद में इसी वीडियो की मदद से उन पशुपालकों की पहचान की गई, जिन्होंने टीम के कब्जे से पशुओं को छुड़वाया था। निगम की तरफ से एसपी को दी गई शिकायत में इन सभी पशुपालकों का नाम लिखा गया है। जिन पशुपालकों की पहचान टीम ने की है, उनमें पप्पू गुर्जर, सतीश, विनोद उर्फ गुप्ची, गोलू, नरेश गुर्जर उर्फ कालिया, अजीत गुर्जर, एक 10-12 वर्षीय बच्चा व एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है।
कब-कब हुई पशु छुड़वाने की घटनाएं
22 जून : सेक्टर-14 में बाइक सवार पशुपालकों ने टीम से कई पशु छुड़वाए।
23 जून : सेक्टर-14 में पशुपालकों ने झगड़ा कर टीम के कब्जे से पशु छुड़वाए।
19 जून : कमला नगर में पशुपालक ने छुरे से रस्सा काटकर पशु छुड़वाया।
आरोप : पड़ाव चौकी को बाइक इंपाउंड करने को कहा, हेलमेट का चालान कर छोड़ा
एक दिन पहले पशु पकड़ने की टीम के साथ तैनात पुलिस कर्मचारियों ने अभियान में बाधा डालने वाले एक पशुपालक की बाइक जब्त की थी। इसके बाद बाइक पड़ाव चौकी के सुपुर्द कर इंपाउंड करने को कहा। मगर चौकी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने बाइक चालक का नो हेलमेट का चालान कर बाइक छोड़ दी। चौकी इंचार्ज एएसआई मनमोहन ने बताया कि बाइक मालिक ने बाइक के सभी कागजात प्रस्तुत कर दिए थे। चूंकि उसने हेलमेट नहीं पहना हुआ था तो उसका चालान कर बाइक को छोड़ दिया गया।
पार्षद ने सूची में शामिल पशुपालकों पर कार्रवाई की मांग की
पार्षद अमित ग्रोवर ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर मांग की है कि जो लोग बाइक पर पशु दौड़ा कर ले जाते हैं, उन पर पुलिस कार्रवाई की जाए। उन्होंने 53 लोगों की लिस्ट की भी मांग की है जो निगम अधिकारियों व पुलिस प्रशासन ने बनाई थी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-16-17 और न्यू मॉडल टाउन में एचएसवीपी व रेलवे की जमीन पर अवैध पशु बाड़े चल रहे हैं, वहीं से पशु इन सभी क्षेत्रों में छोड़े जाते हैं।
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घटना के बाद निगम प्रशासन की ओर से एसपी को पशु छुड़वाने वाले आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में निगम कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। बता दें कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
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सुबह 6 बजे शुरू कर दिया था अभियान
निगम की पशु पकड़ने वाली पहली टीम ने शुक्रवार सुबह 6 बजे सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई के नेतृत्व में अभियान की शुरुआत की। इस दौरान टीम के साथ तीन पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने बालसमंद रोड पर एचएयू के गेट नंबर दो के सामने से चार बेसहारा पशुओं को पकड़ा। इसके बाद टीम नई सब्जी मंडी पहुंची। बारिश के कारण वहां काफी संख्या में पशु शेड के नीचे बैठे मिले। टीम ने एएसआई राहुल के नेतृत्व में वहां से 10 पशुओं को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और उन्हें गाड़ी में चढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान 10-15 लोग हाथों में डंडे लेकर आए और पुलिस व टीम के सदस्यों को धमकाते हुए अपने पशुओं को छुड़वा ले गए। हालांकि टीम ने मंडी के तीनों गेटों को बंद करवा दिया था। इस दौरान एक गेट पर राइडर, दूसरे पर पीसीआर और तीसरे गेट पर पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया था।
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पशुपालक करते हैं टीम की रेकी
निगम कर्मचारियों के अनुसार टीम के निगम कार्यालय से निकलते ही पशुपालक टीम की रेकी शुरू कर देते हैं। जहां भी टीम पशु पकड़ने का अभियान शुरू करती है वहां तुरंत रेकी करने वाले लोग पशुपालकों को फोन के माध्यम से सूचित कर देते हैं। इसके बाद पशुपालक मौके पर पहुंच जाते हैं।
घटना के बाद फिर एक टीम बनाई
घटना के बाद निगम प्रशासन ने दोनों टीमों को फिर से मिलाकर एक टीम बना दिया। शनिवार से यही टीम शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ेगी। निगम अधिकारियों के अनुसार दो टीम के बनने से पुलिस कर्मचारी भी दो टीमों में बंट गए थे, जिससे टीम के साथ रहने वाले पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम हो गई थी। अब टीम के साथ छह पुलिस कर्मचारी और एक राइडर रहेगा।
वीडियो से की पशुपालकों की पहचान
पशु छुड़वाने की घटना के दौरान निगम कर्मचारियों ने पूरी घटना की वीडियो बना ली थी। बाद में इसी वीडियो की मदद से उन पशुपालकों की पहचान की गई, जिन्होंने टीम के कब्जे से पशुओं को छुड़वाया था। निगम की तरफ से एसपी को दी गई शिकायत में इन सभी पशुपालकों का नाम लिखा गया है। जिन पशुपालकों की पहचान टीम ने की है, उनमें पप्पू गुर्जर, सतीश, विनोद उर्फ गुप्ची, गोलू, नरेश गुर्जर उर्फ कालिया, अजीत गुर्जर, एक 10-12 वर्षीय बच्चा व एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है।
कब-कब हुई पशु छुड़वाने की घटनाएं
22 जून : सेक्टर-14 में बाइक सवार पशुपालकों ने टीम से कई पशु छुड़वाए।
23 जून : सेक्टर-14 में पशुपालकों ने झगड़ा कर टीम के कब्जे से पशु छुड़वाए।
19 जून : कमला नगर में पशुपालक ने छुरे से रस्सा काटकर पशु छुड़वाया।
आरोप : पड़ाव चौकी को बाइक इंपाउंड करने को कहा, हेलमेट का चालान कर छोड़ा
एक दिन पहले पशु पकड़ने की टीम के साथ तैनात पुलिस कर्मचारियों ने अभियान में बाधा डालने वाले एक पशुपालक की बाइक जब्त की थी। इसके बाद बाइक पड़ाव चौकी के सुपुर्द कर इंपाउंड करने को कहा। मगर चौकी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने बाइक चालक का नो हेलमेट का चालान कर बाइक छोड़ दी। चौकी इंचार्ज एएसआई मनमोहन ने बताया कि बाइक मालिक ने बाइक के सभी कागजात प्रस्तुत कर दिए थे। चूंकि उसने हेलमेट नहीं पहना हुआ था तो उसका चालान कर बाइक को छोड़ दिया गया।
पार्षद ने सूची में शामिल पशुपालकों पर कार्रवाई की मांग की
पार्षद अमित ग्रोवर ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर मांग की है कि जो लोग बाइक पर पशु दौड़ा कर ले जाते हैं, उन पर पुलिस कार्रवाई की जाए। उन्होंने 53 लोगों की लिस्ट की भी मांग की है जो निगम अधिकारियों व पुलिस प्रशासन ने बनाई थी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-16-17 और न्यू मॉडल टाउन में एचएसवीपी व रेलवे की जमीन पर अवैध पशु बाड़े चल रहे हैं, वहीं से पशु इन सभी क्षेत्रों में छोड़े जाते हैं।

रस्सी खोलकर पशुओं का छुड़वाता पशुपालक।- फोटो : Hisar

नई सब्जी मंडी से पकड़ी गईं दुधारू गाय।- फोटो : Hisar