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...जब फाइनेंसरों ने रुपये लौटाने से मना किया तो लगा ली फांसी
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:25 AM IST
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आत्महत्या
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सैनियान मोहल्ला के शिव चौक पर डेयरी चलाने वाले जींद के गांव राजपुरा भैण के 30 वर्षीय रामबीर सिंह ने शनिवार रात यहां घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव शिव चौक पर मकान की तीसरी मंजिल के कमरे में निवार के फंदे में पंखे के हुक में लटकता मिला।
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पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। जिन लोगों पर केस दर्ज हुआ है, वे मृतक के परिचित हैं।
राजपुरा भैण के जयभगवान ने बताया कि उसका अविवाहित छोटा भाई रामबीर सिंह ग्रेजुएट था और उसके साथ सैनियान मोहल्ले में शिव चौक पर दूध की डेयरी चलाता था। वे शिव चौक पर किराये के मकान में रह रहे हैं।
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उसने बताया कि मैंने रविवार सुबह तीसरी मंजिल पर रामबीर का शव पंखे में निवार के फंदे में झूलता देखा और फिर पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि मृतक की जेब से तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला है। जो परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया।
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मृतक के भाई ने बताया कि उसके भाई ने सुसाइड नोट में खांडा के फाइनेंसर सतनारायण उर्फ सत्ता से 10 लाख रुपये और दो लाख रुपये की दुकान, खांडा के प्रदीप से पौने दो लाख रुपये और जींद के बीबीपुर के रिंटू से 60 हजार रुपये लेना बताया है।
रामबीर तीनों से अपने रुपये लौटाने की बात कहता था। लेकिन तीनों रुपये लौटाने की बजाय उसे उल्टा जान से मारने की धमकी देते थे। जिससे आहत होकर उसके भाई ने आत्महत्या कर ली।
डोगरान मोहल्ला चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर खांडा के सत्ता, प्रदीप और बीबीपुर के रिंटू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
अलग-अलग तीन पन्नों में यह लिखा रामबीर ने
सुसाइड नोट में रामबीर ने अलग-अलग तीन पन्नों में पूरी दास्तां लिखी है। ....मेरी मौत के अहम जिम्मेवार सत्ता राणा फाइनेंसर, रिंटू कुमार बीबीपुर और प्रदीप खांडा हैं। सत्ता राणा में 10 लाख रुपये और दो लाख की एक दुकान मांगता हूं।
प्रदीप में मैं 1.40 लाख रुपये और 35 हजार रुपये अलग से मांगता हूं। रिंटू को मैंने 60 हजार रुपये दे रखे हैं। ये तीनों बंदे न मेरे पैसे वापस दे रहे हैं और न मेरे साथ ढंग से बात कर रहे हैं।
इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मैंने चार साल में सभी कमा-कमाकर सारा पैसा सत्ता फाइनेंसर और प्रदीप को दे दिया। वे आज मेरा पैसा वापस नहीं लौटा रहे हैं। सामने आते ही मुझे ही धमकी पे धमकी दे रहे हैं। सत्ते ने मेरी शॉप ली। न पैसे दिये और न शॉप दी। इसी 22 जून को दो लाख रुपये में ली थी। आज का टाइम था पैसे देने का। न पैसे दिये, मुझे ही धमकी दे गया।
मेरी आत्महत्या के जिम्मेवार रिंटू बीबीपुर और सत्ता राणा हैं। इन्होंने मुझको बहुत मजबूर किया है हर समय। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी आत्महत्या के दोषी ये तीनों बंदे हैं। क्योंकि सत्ते को मैं पहले भी लगभग दस लाख रुपये दे चुका हूं। इन्होंने मेरे साथ गद्दारी की है। - रामबीर सिंह