सीपीएस का पुतला फूंकने वालों की दुकानों के आगे निगम ने डलवाया कूड़ा, बाजार बंद,
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिक्रमण को लेकर निगम अधिकारियों और व्यापारियों में चलने वाले चूहे बिल्ली के खेल ने आंदोलन का रूप ले लिया। अतिक्रमण हटाने को लेकर रोष स्वरूप मंगलवार को जिन व्यापारियों ने सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता का पुतला फूंका था। नगर निगम ने पुतला फूंकने वाले उन्हीं दुकानदारों की दुकानों के सामने वीरवार सुबह साढ़े सात बजे 6 दुकानों के सामने कचरा डलवा दिया। कचरा डालते देख मौके से गुजर रहे एक व्यक्ति ने दुकान पर लगे बोर्ड पर लिखे फोन नंबर पर फोन कर इसकी सूचना दुकानदार को दे दी। सूचना मिलते ही दुकानदार तुरंत पहुंच गए। एक महिला दरोगा प्रकाशो मौके पर कर्मचारियों को लेकर ऐसा करवा रही थी। उन्होंने उनकी वीडियो बना ली। रोष स्वरूप दुकानदार एकत्रित हो गए और उन्होंने सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक पूरी मार्केट बंद करवा दी। दोपहर को व्यापारी सिटी थाना पहुंचे। उन्होंने कचरा डालवाने वाले उच्च अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और लिखित शिकायत दी। उधर, रोड पर धरना लगाने वाले व्यापारियों के खिलाफ एक व्यापारी ने भी पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। देर शाम को रोष स्वरूप व्यापारियों ने फिर से सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता का पुतला भी फूंका।
बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष को मौके से वापस भेजा, लगाए बीजेपी के खिलाफ नारे
मामले की सूचना मिलते ही व्यापारी एवं बीजेपी जिला उपाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल रोष जता रहे व्यापारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं जिम्मेवारी लेता हूं कि गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी आप दुकानें खोल लें। व्यापारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सीपीएस तो ऐसा करवा रहे हैं। आप यहां से चले जाओ। पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान की भी व्यापारियों ने एक नहीं सुनी। दोनों वापस लौट गए।
सचिव पहुंचे कचरा उठवाने व्यापारियों ने नहीं उठाने दिया
मामले की सूचना जैसे ही पार्षद प्रतिनिधि को पता चली उन्होंने सूचना कमिश्नर को दी। कमिश्नर अशोक बंसल ने सचिव राजेश महता को सफाई कर्मचारियों के साथ मौके पर भेजा। सचिव ने कहा कि अभी कचरा उठवा देते हैं। व्यापारियों ने कचरा उठाने नहीं दिया। उन्होंने सचिव को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि उस अधिकारी का नाम बताया जाए जिन्होंने ऐसा किया है उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाओ तभी आंदोलन खत्म करेंगे। सचिव को उन्होंने उन छह दुकानों का हाल दिखाया जहां कचरा फेंका हुआ था। व्यापारी इसके बाद बाजारों में चक्कर लगाकर बाजार बंद करवा डाला। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की मगर श्रवण चप्पल स्टोर के सामने धूप में ही व्यापारी दरी बिछाकर बैठ गए। 12 बजे के बाद उन्होंने वहां से धरना उठा लिया और रामचाट भंडार के सामने जाकर धरने पर बैठ गए।
विधायक गंगवा भी पहुंचे समर्थन देने बताया गलत
विधायक रणबीर गंगवा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को समर्थन देते हुए कहा कि प्रशासन का यह रवैया गलत है। प्रशासन को ऐसे नहीं करना चाहिए। अतिक्रमण की जो समस्या है उसे व्यापारियों के सहयोग से ही हटवाए न कि अड़ियल रवैये से।
दोपहर ढाई बजे फिर कचरा उठवाने गए सचिव, व्यापारियों ने लगाए नारे
दोपहर ढाई बजे सचिव राजेश महता दुकानों के आगे से कचरा उठवाने के लिए टीम को लेकर गए। व्यापारियों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी और कचरा उठाने नहीं दिया। सचिव राजेश महता ने कहा तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है आप लोग आंदोलन खत्म करो। व्यापारियों ने कहा कि उन तीनों का क्या कसूर है। अगर महिला दरोगा को सस्पेंड किया तो हम आंदोलन जारी रखेंगे और महिला दरोगा के पक्ष में आ जाएंगे। हमें उस अधिकारी पर कार्रवाई चाहिए जिन्होंने इन्हें आदेश दिए हैं।
कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश
देर शाम सचिव व कमिश्नर सहित सभी अधिकारियों व सफाई कर्मचारी यूनियन की बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों को राहत देने की बात हुई। हालांकि कमिश्नर ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की खूब खिंचाई की। उन्होंने इस मामले में जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
निगम की तरफ से किसी अधिकारी या कर्मचारी के इशारे पर ऐसा नहीं हुआ। ये किसी की साजिश है जो निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान फेल करना चाहते हैं। निगम ने फिर भी तीन कर्मचारी जिनमें एसआई राजेश, एएससआई विकास व दरोगा प्रकाशो का स्पष्टीकरण मांगा है।
-राजेश महता, सचिव नगर निगम।
कमिश्नर की दो टूक कहा, अतिक्रमण में 1 प्रतिशत राहत नहीं
कमिश्नर अशोक बंसल ने कहा कि अतिक्रमण में व्यापारियों को एक प्रतिशत राहत की छूट नहीं मिलेगी। अगर व्यापारी ये सोचते हैं कि उनके आंदोलन से हम डर जाएंगे। मैं चाहे यहां नो दिन रहूं या दो दिन जब तक रहूंगा एक इंच बरामदे नहीं दूंगा। रही बात कचरा डालने वालों की तो उनके खिलाफ भी हर हालात में कार्रवाई होगी। जिन कर्मचारियों ने ये किया है वह गलत है। मैंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
व्यापारियों ने उच्च अधिकारियों के खिलाफ कचरा डलवाने बारे शिकायत दी है। जिसमें एडीए की राय ली जाएगी। जो नियम बनेगा उसके हिसाब से कार्रवाई होगी। रही बात दूसरे व्यापारी की उसने भी शायद एसपी ऑफिस में शिकायत दी है। थाना में शिकायत पहुंचने के बाद उस पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- ललित कुमार, एसएचओ सिटी थाना।
एसोसिएशन के समर्थन को लेकर हुई मीटिंग
व्यापारियों की देर शाम को मीटिंग हुई मीटिंग में समृतिपत्र तैयार किया गया। एसोसिएशन व ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों ने इस समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किए।
बंद में शामिल नहीं हुए बड़े शोरूम वाले, हुई बहस भी
राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से किए गए रोष स्वरूप आंदोलन में बड़े शो रूम वाले व्यापारी शामिल नहीं हुए। गोल मार्केट के अलाव जो भी बड़े दुकानदार थे उन्होंने अपनी दुकानें खुली रखीं। व्यापारियों ने दुकानें बंद करवाने के लिए बाजार के भी चक्कर लगाए। मगर व्यापारियों की आपस में बहस भी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आप लोग राजनीति चमका रहे हो ये व्यापारी हित नहीं राजनीतिक हित के लिए हो रहा है। कुछ व्यापारियों ने इसे इनेलो की सोची समझी चाल भी बताया।
ये रहे पुतला फूंकने वालों में शामिल
दोबारा से वीरवार को सीपीएस का पुतला फूंकने वालों में प्रधान अक्षय मलिक, बिश्नोई मंदिर मार्केट प्रधान राजेंद्र चुटानी, रवि महता, टीनू आहूजा, राजकुमार नागपाल, अंकुर गोयल, नवीन, सुभाष मित्तल, रवि आहूजा, राजेंद्र असीजा प्रधान इंद्रा मार्केट।