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सोने के बिस्कुट खाने की चाह पुलिसवालों को पड़ी महंगी: अष्टधातु की मूर्ति को समझा सोना, ADGP ने किया ये खुलासा

Fri, 17 Mar 2023 03:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 17 Mar 2023 03:43 PM IST
सार

यूपी के शाहजांहपुर निवासी बबलू से पुलिस ने प्राचीन जैन मूर्ति हड़पी थी। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने मामला सामने आने पर कड़े आदेश दिए हैं। पुलिस ने मूर्ति का पिघलाकर बिस्कुट बनवा लिए थे।

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Policemen trapped in greed, mistook the Ashtadhatu idol for gold, ADGP Gave order to FIR
यह थी मुर्ति, जानकादी देते एडीजीपी - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के हिसार में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पुलिस वालों को लालच भारी पड़ गया। एडीजीपी हिसार श्रीकांत जाधव ने बड़ा खुलासा किया है। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने यूपी के शाहजहांपुर जिले के निवासी युवक से बेशकीमती प्राचीन मूर्ति हड़पने के आरोपी सीआईए-2 हांसी के इंचार्ज सहित सभी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सीआईए टीम ने धातु की इस मूर्ति को पिघलाकर 8 बिस्कुट बना लिए थे। हांसी सीआईए की टीम इन बिस्कुट को सोने के हिसाब से बेचना चाहती थी। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है।

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एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने हांसी सीआईए-2 की पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। इस मामले की जांच के लिए हांसी के डीएसपी राजीव को नियुक्त किया गया है। पुलिस ने इस केस में दो अलग-अलग एफआईआर का निर्णय किया है। जिसमें हांसी सीआईए 2 के इंचार्ज नितिन, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल सहित कुल 7 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। दूसरी एफआईआर उस सुनार पर की जाएगी। जिसने मूर्ति को पिघंलाकर बिस्कुट बनाए। एसआईटी पूरी सीआईए टीम की भूमिका की जांच करेगी।
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यह था मामला..
यूपी के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद तहसील के राजपुरा नांगला निवासी बबलू पुत्र हरिनाथ ने बताया है कि वह भिवानी जिले के सिकंदरपुर स्थित पटाखा फैक्टरी में काम करता था। बीते दिसंबर माह में वह अपने घर गया था, जहां दोस्त बाबा रामदास ने एक प्राचीन मूर्ति के बारे में बताया। मूर्ति देखने में किसी धातु की लग रही थी। एक जानकार विवेक पाटिल से जो ज्वैलर्स की दुकान पर काम करता था, उससे मूर्ति की जांच करने की बात हुई। विवेक पाटिल ने उसे हिसार में बुलाया तो वह 10 जनवरी को मूर्ति लेकर पहुंचा।
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रेलवे स्टेशन के नजदीक होटल शिवम में विवेक ने जांच कर बताया कि मूर्ति में 79 प्रतिशत सोना है। दो दिन होटल में रुकने के बाद वह हांसी आ गया। हांसी बस अड्डे पर पहुंचते ही विवेक व कुछ अन्य लोग उसे सीआईए-2 के दफ्तर ले गए। वहां पर मूर्ति छीन ली गई और विरोध करने पर पूरी रात पीटा गया। विवेक ने उससे कहा कि मूर्ति उसने 14 लाख रुपये देकर सीआईए-2 से ली है और अभी 18 लाख रुपये और देने हैं। फिलहाल वह मूर्ति विवेक व सीआईए हांसी के कब्जे में है।

शिकायतकर्ता बबलू ने एडीजीपी को बताया कि उसने इस संबंध में एक दरखास्त 6 मार्च 2023 को तत्कालीन आईजी को दी थी। उन्होंने वह दरखास्त एसपी हांसी को भेज दी। आज तक उस दरखास्त पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 13 मार्च को हांसी सीआईए-2 के प्रभारी नितिन कुमार ने उसे हांसी छोड़कर भाग जाने की धमकी दी। दोबारा आने पर पिटाई करने व बंद करने की धमकी दी गई। इससे पहले 10 मार्च को सीआईए-2 के मोबाइल नंबर से जगबीर सिहाग का उसके मोबाइल पर फोन भी आया था।


मूर्ति में नहीं मिला सोना
पुलिस जांच में पता लगा कि मूर्ति में सोने की मात्रा बेहद कम है। मूर्ति कितनी पुरानी है इसकी जांच के लिए मूर्ति का कुछ हिस्सा कार्बन रेटिंग जांच के लिए भेजा जाएगा।जिसके बाद पता लग सकेगा कि मूर्ति कितनी पुरानी है। वहीं मूर्ति चोरी की थी या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।

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