नैनीताल हादसा: किसी मां का इकलौता चिराग बुझा तो किसी से मां का आंचल छूटा, सात परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हिसार की स्कूल बस खाई में गिरने से सात परिवारों ने अपने-अपने सदस्यों को खो दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों के पैरों तले की जमीन खिसक गई। सभी अपनो से मिलने के लिए नैनीताल रवाना हो गए।
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नैनीताल-कालाढूंगी रोड पर खाई में स्कूल बस गिरने से सात परिवारों पर अपनों को खोने का दुखों का पहाड़ टूटा पड़ा है। हादसे में किसी मां का इकलौता चिराग बुझ गया, किसी से मां का आंचल छूट गया तो किसी का हमसफर साथ छोड़ गया। इन परिवारों में मातम छाया हुआ है। पारिवारिक सदस्य एक दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं। पटेल नगर में रहने वाली शिक्षिका की मां हादसे की खबर सुनते ही बेहोश हो गई। देर रात तक सभी सातों शव हिसार पहुंचे।
पढ़ाने के साथ एमए की पढ़ाई कर रही थी पूनम
पटेल नगर में पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाले राम चावला ने बताया कि 29 साल की बेटी पूनम अविवाहित थी और आर्य नगर व शाहपुर मार्ग पर न्यू मानव इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी। पांच साल से वह स्कूल में पढ़ाने जा रही थी। बेटी घर के खर्च में हाथ बंटाती थी। बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ वह एमए की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार शाम को स्कूल की अन्य शिक्षिकों के साथ स्कूल बस से नैनीताल घूमने के लिए गई थी। बेटी ने फोन पर बताया था कि यहां का नजारा काफी खूबसूरत है। रविवार शाम 7 बजे मां ऊषा के पास फोन कर कहा कि आपके लिए कुछ खरीदा है, आकर दिखाऊंगी। रात करीब 8 बजे बेटी के पास फोन किया लेकिन फोन बंद आया। रात 1 बजे स्कूल डायरेक्टर के जानकार ने फोन कर कहा कि पूनम अब इस दुनिया में नहीं रही।
रात एक बजे रविंद्र कौर की मौत की मिली जानकारी
पटेल नगर की मनोहर कॉलोनी में रहने वाले गुरविंद्र ने बताया कि भाई जितेंद्र की पत्नी रविंद्र कौर दो साल से स्कूल में पढ़ाने जाती थी। भाई की एक बेटी 13 साल की कमलप्रीत कौर और 18 साल का बेटा मनप्रीत है। शनिवार शाम सात बजे स्कूल की बस रविंद्र को लेने के लिए आई थी। रविंद्र कौर अपने साथ 13 की बेटी कमलप्रीत को भी नैनीताल लेकर गई थी। रविवार शाम 7 बजे रविंद्र कौर ने जितेंद्र के पास व्हाट्सएप कॉल कर कहा था कि बस में बैठ चुके हैं और बस चलने वाली थी। रात को एक बजे फोन पर सूचना मिली कि हादसे में रविंद्र कौर की मौत हो चुकी है और कमलप्रीत कौर घायल है। मां की मौत से अनजान बेटी की जख्मी आंखें उनका इंतजार कर रही हैं।
रातभर फोन मिलाता रहा संगीता का पति
मिलगेट एरिया में रहने वाले आशीष ने बताया कि वह सेवक सभा अस्पताल में काम करता है। 36 साल की पत्नी संगीता दो साल से स्कूल में पढ़ा रही थी। सात साल की बेटी है। शनिवार शाम को पत्नी स्कूल टूर पर घूमने के लिए नैनीताल गई थी। बेटी को भी साथ ले जाना चाहती थी लेकिन उसे मना कर दिया और बेटी को नानी के पास भेज दिया। रविवार दोपहर 3 बजे पत्नी से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा कि था कि अभी जू में घूम रहे हैं, यहां घूमने के बाद वापस चलेंगे।
शाम सात बजे पत्नी का व्हाट्सएप पर मैसेज आया। उसमें लिखा था बस में बैठ गए हैं और रिटर्न टू होम। ये भी लिखा था कि जब हिसार पहुंच जाऊंगी को फोन कर दूंगी, आकर मुझे ले जाना। इसके बाद 8 बजे जब फोन किया तो फोन बंद आया। रात भर फोन मिलता रहा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। साथ में गई उसकी सहेलियों के फोन भी बंद आ रहे थे। आशीष का कहना है कि स्कूल वाले जब लेकर गए हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भी उनकी बनती है। सुबह साढ़े छह बजे पता चला कि पत्नी की मौत हो गई है।
हादसे में अमरजीत ने बेटे को खो दिया
मात्रश्याम के रहने वाले रमन गांव में सीएससी चलाता है। उसकी पत्नी अमरजीत अपने बेटे मनमीत के साथ घूमने पर गई थी। हादसे में मनमीत की मौत हो गई। अमरजीत स्कूल में पिछले डेढ़ साल से पढ़ा रही है। रविवार को दोनों की बात परिजनों से हुई थी। नैनीताल से चलने से पहले भी उसकी रमन से बात हुई थी। इसके बाद से लगातार फोन बंद आ रहा था। हादसे में उसके 7 साल के बेटे मनमीत की मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि पिछले माह भी रमन अपनी पत्नी के साथ कुल्लू-मनाली घूमने के लिए गया था।