निर्मम हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत: प्रेमिका के ढाई साल के बच्चे का सिर कर दिया था धड़ से अलग, कोर्ट ने कही ये बात
प्रेमिका के ढाई साल के बच्चे की निर्मम हत्या करने के दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषी प्रेमिका के बच्चे को अपने साथ नहीं रखना चाहता था। जज ने मामला दुर्लभतम मानते हुए कहा कि मासूम ने जिंदगी देखी नहीं थी उसका क्या कसूर था।
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हरियाणा के हिसार में प्रेमिका के ढाई साल के बच्चे की निर्मम हत्या करने के करीब पौने चार साल पुराने मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह वधवा की अदालत ने दोषी गैबीपुर गांव निवासी हेमराज को फांसी की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने मामला दुर्लभतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस) मानते हुए कहा कि मासूम ने जिंदगी देखी नहीं थी, उसका क्या कसूर था। अदालत ने हेमराज को 7 मार्च को दोषी करार दिया था।
इस मामले में बरवाला थाना पुलिस ने 16 जून 2018 को गैबीपुर गांव के तत्कालीन सरपंच अर्जुन मेहता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हेरामज को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच के अनुसार बरवाला के सरपंच ने 16 जून 2018 को फोन कर बरवाला पुलिस को बताया कि हेमराज के खेत में एक बच्चे का शव पड़ा था।
इसके बाद पुलिस मौके पर आई तो हेमराज ने बताया कि उसने तेलूराज अग्रवाल के खेत को 17 वर्षों से ठेके पर लिया हुआ। घटना वाली सुबह जब वह खेत में गया तो बच्चे का शव मिट्टी में दबा देखा। शव का सिर अलग था और वह नग्न हालत में था। बाद में पुलिस ने खेत के पास नाले में बच्चे का कटा सिर बरामद किया था।
शक के आधार पर पुलिस ने हेमराज से पूछताछ की तो उसने बताया कि मार्च 2018 में उत्तरप्रदेश की रहने वाली सुमन से मुलाकात हुई थी। सुमन अपने पति से अलग रहती थी और उसका ढाई साल का बेटा शिवा उसके साथ था। उसने बताया कि सुमन को शादी का झांसा देकर वह 14 अप्रैल 2018 को उसे गैबीपुर गांव में ले गया।
कुछ दिन बाद उसने सुमन से कहा कि वह शिवा को अपने साथ नहीं रखेगा। 16 जून 2018 की रात को वह शिवा को अपने साथ ले गया और उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद कस्सी से उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया। बाद में धड़ को खेत में दबा दिया।
पहले पानी में डूबोया, फिर सड़क पर पटका और फिर कस्सी से काट कर सिर को धड़ से कर दिया था अलग
फांसी की सजा की पैरवी करने वाले सरकारी वकील नरेश कुमार जांगड़ा ने बताया कि हेमराज ने शिवा की हत्या करने के लिए पहले उसको पानी में डुबोया, फिर उसे सड़क पर पटका और फिर कस्सी से एक ही हमला कर सिर को धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद उसके कपड़े, सिर व धड़ को अलग-अलग जगह छिपा दिया। इसलिए यह मामला दुर्लभतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस) की श्रेणी में आता है।