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Hisar: पत्नी के हत्यारे HIV पॉजिटिव को आजीवन कारावास, नियमित तौर पर जीवन रक्षक दवा उपलब्ध कराने के निर्देश
Fri, 18 Nov 2022 10:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 18 Nov 2022 10:02 PM IST
सार
अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि दोषी को नियमित तौर पर जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं। वहीं मामले में जुर्माना अदा न करने की स्थिति में सजा की अवधि दो माह अतिरिक्त बढ़ा दी जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
हरियाणा के हिसार जिले में अंगोछे से पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के करीब सवा दो साल पुराने मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने एचआईवी पॉजिटिव दोषी व्यक्ति को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में सजा की अवधि दो माह अतिरिक्त बढ़ा दी जाएगी।
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इस बारे में आजाद नगर थाना पुलिस ने 3 जुलाई 2020 को मृतका महिला के चचेरे भाई की शिकायत पर मृतका के पति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद सजा में दया की अपील करते हुए दोषी ने कहा कि उसकी मां बीमार है और बिस्तर पर रहती है तथा पिता 82 वर्ष की उम्र के हैं बेटा नाबालिग है जिसके कारण उसके अलावा परिजनों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसने कहा कि वह एचआईवी पॉजिटिव भी है और जेल में जीवन रक्षक दवइयों का कोई प्रावधान नहीं है।
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इस पर अभियोजन पक्ष ने कहा कि दोषी ने जघन्य अपराध किया है, इसलिए सजा में दया नहीं बरतनी चाहिए। अदालत ने सजा सुनाते हुए जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि दोषी को नियमित तौर पर जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं।
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पुलिस प्राथमिकी के अनुसार शादी के बाद पति-पत्नी में अक्सर घरेलू कलह के चलते झगड़ा होता रहता था। इस बात से परेशान होकर महिला ने तलाक का केस दायर कर दिया लेकिन बाद में पंचायत में समझौता हो गया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी हिसार में रहने लगे। आरोप है कि महिला के ससुर ने घर अपने नाम करवा लिया था, जबकि वह घर को अपने नाम करवाना चाहती थी। इसी बात को लेकर अक्सर झगड़ा होने लगा।
घटना वाले दिन 3 जुलाई 2020 को महिला ने अपने भतीजे के पास फोन किया और बताया कि उसका पति उसकी हत्या करने की योजना बना रहा है, इसलिए अपने पिता को हिसार भेज दो। बाद में शाम को चार बजे उसको सूचना मिली कि आरोपी ने अपनी पत्नी की अंगोछे से गला घोटकर हत्या कर दी है। इसके बाद वह घर पहुंचा तो महिला का शव बेड पर पड़ा हुआ था।
बेटे ने मां को बताया चरित्रहीन, अदालत ने नहीं किया विश्वास
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने बचाव में अपने 18 वर्षीय बेटे की गवाही करवाई जिसमें उसने कहा कि उसकी मां के पास तीन-चार व्यक्ति अक्सर आते थे और उसकी प्रतिष्ठा अच्छी नहीं थी। घटना वाले दिन भी तीन व्यक्ति उसकी मां के पास आए थे और उसकी मां ने उसको गांव में अपने पिता के पास जाने के लिए कहा था।
उसने कहा कि जब उसको उसकी मां की हत्या की सूचना मिली तो वह गांव में था और उसके पिता व दादा भी उसके साथ थे। इस पर अदालत ने कहा कि 18 वर्ष की उम्र में बेटा अपनी मां के चरित्र पर उंगली उठा रहा है जिससे पता चलता है कि उसको उसके पिता व दादा ने सिखाया है। इसके अलावा इस तरह की बात ना तो आरोपी ने अपने स्टेटमेंट में कही और न ही गवाहियों के दौरान इस तरह का कोई सुझाव दिया गया।