{"_id":"579666e94f1c1b2e6421e6b5","slug":"electric-depart-je-lineman-10thousands-bribe-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों के जुर्माना का भय दिखाकर जेई व लाइनमैन ने मांगी 10 हजार की रिश्वत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लाखों के जुर्माना का भय दिखाकर जेई व लाइनमैन ने मांगी 10 हजार की रिश्वत
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
विजिलेंस
- फोटो : buraeau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाखों रुपये बिजली बिल का भय दिखाकर 10 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप पर सोमवार को हिसार की विजिलेंस टीम ने बिजली निगम कार्यालय में छापा मारा। इंस्पेक्टर भूपेन्द्र शर्मा ने बताया कि विजिलेंस टीम को शिकायत मिली थी कि बिजली निगम का जेई भीम सिंह व लाइनमैन राजेंद्र किसी दुकानदार से मीटर का लोड बढ़ाने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। इस छापामार कार्रवाई में भीम सिंह व राजेंद्र मौके से भाग निकले। टीम ने कहा कि स्थिति को देख कर ऐसा माना जा रहा है कि छापेमारी की शायद उन्हें पहले ही भनक लग गई।
विजिलेंस टीम को दी गई शिकायत में पुराना बस स्टैंड रोड पर स्थित कथूरिया कैफे के संचालक सुमित ने बताया कि उनकी दुकान का मीटर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से है। उन्हें अपनी दुकान के मीटर का लोड बढ़वाना था व मीटर अपने नाम पर करवाना था। इसके लिए उन्होंने बिजली निगम में अप्रैल माह में आवेदन भी किया था। कई बार चक्कर काटने के बाद बिजली कर्मी उनकी दुकान का मीटर बदलने आया। सुमित का कहना है कि कर्मी नया मीटर लगाकर पुराना मीटर अपने साथ ले गया, लेकिन न तो मीटर का लोड बढ़ा और न मीटर उसके नाम हुआ।
सुमित ने बताया कि अगले दिन उनके पास जेई भीम का फोन आया और उसने उन्हें दफ्तर में बुलाया। दफ्तर में पहुंचने पर जेई ने कहा कि तुम्हारे मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है व मीटर की सील टूटी हुई है, इसे जांच के लिए लैब में भेजना होगा। इस पर जेई ने सुमित के समक्ष फर्जी एलएल-1 भरी और उसके हस्ताक्षर करवाए, लेकिन जेई ने एलएल-1 का कॉलम खाली छोड़ दिया। सुमित ने आरोप लगाते हुए कहा कि जेई ने उसे ब्लैकमेल करते हुए कहा कि अगर फार्म में 1 किलो वाट लिखकर भेजना है तो इसके लिए 10 हजार खर्चा लगेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फार्म में 4 किलोवाट लिखकर भेज दूंगा, जिससे तुम्हें लाखों का जुर्माना भरना पड़ेगा। सुमित का कहना है कि यह सब जेई व लाइनमैन राजेन्द्र की उपस्थिति में हुआ। हालांकि जेई ने एलएल-1 आगे जमा करवाने की बजाए अपने पास रख ली।
विज्ञापन
इसके बाद सुमित ने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम को कर दी। टीम ने योजना के तहत चिन्हित किए गए नोट सुमित को दिए और पैसे देने के लिए सुमित को अकेले भेजा। इसके बाद जब सुमित बिजली निगम पहुंचा तो वहां कोई नहीं था। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद राजेंद्र के अलावा एक अन्य लाइनमैन मौके पर आया। इसके बाद सुमित ने मौके पर फोन कर विजिलेंस टीम को मौके पर बुला लिया। लाइनमैन से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि जेई भीम सिंह छुट्टी पर है व लाइनमैन की ड्यूटी किसी ग्रामीण क्षेत्र में है।
विजिलेंस टीम ने जेई के रूम में पड़े रिकार्ड को अपने कब्जे में ले लिया व मीटर को अपने साथ ले गई। दोनों कर्मियों का मौके पर न होना ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें पहले से ही टीम की छापेमार कार्रवाई के बारे में पता था।
वहीं इस संबंध में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें कोई एलएल-1 फार्म नहीं मिला है। जेई व लाईनमैन पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश आरंभ कर दी है।
6 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार
तहसील परिसर में एक किसान से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पटवारी पर मामला दर्ज कर लिया है, जिसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। कापड़ो निवासी किसान कृष्ण पुत्र रामकुमार ने विजिलेंस हिसार में शिकायत दी कि उसके ताऊ महेंद्र व उसकी ताई का देहांत हो चुका है। उनकी कोई औलाद नहीं रही और उस जमीन का इंतकाल करवाने के लिए उन्होंने प्रार्थना पत्र नारनौंद तहसील में दी तो पटवारी सत्यवान ने इंतकाल करवाने के एवज में छह हजार रुपये मांगे। किसान ने आरोप लगाया कि पैसे के लिए वो मुझे काफी परेशान भी करता रहा।
पीड़ित ने इसकी शिकायत हिसार विजिलेंस एसपी को दी। उन्होंने जींद विजिलेंस के इंचार्ज देवीलाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर डीडीपीओ हिसार सेकेंड रमेश कुमार को नियुक्त किया। पटवारी ने कृष्ण से रुपये लेने के लिए नारनौंद तहसील में बुलाया। जैसे ही कृष्ण ने पटवारी सत्यवान को पैसे दिए तो उसने विजिलेंस की टीम की तरफ इशारा कर दिया। विजिलेंस की टीम ने पटवारी को मौके पर ही धर लिया और रिश्वत के 6 हजार रुपये बरामद कर लिए।
जींद के विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल ने बताया कि पटवारी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
विजिलेंस टीम को दी गई शिकायत में पुराना बस स्टैंड रोड पर स्थित कथूरिया कैफे के संचालक सुमित ने बताया कि उनकी दुकान का मीटर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से है। उन्हें अपनी दुकान के मीटर का लोड बढ़वाना था व मीटर अपने नाम पर करवाना था। इसके लिए उन्होंने बिजली निगम में अप्रैल माह में आवेदन भी किया था। कई बार चक्कर काटने के बाद बिजली कर्मी उनकी दुकान का मीटर बदलने आया। सुमित का कहना है कि कर्मी नया मीटर लगाकर पुराना मीटर अपने साथ ले गया, लेकिन न तो मीटर का लोड बढ़ा और न मीटर उसके नाम हुआ।
विज्ञापन
सुमित ने बताया कि अगले दिन उनके पास जेई भीम का फोन आया और उसने उन्हें दफ्तर में बुलाया। दफ्तर में पहुंचने पर जेई ने कहा कि तुम्हारे मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है व मीटर की सील टूटी हुई है, इसे जांच के लिए लैब में भेजना होगा। इस पर जेई ने सुमित के समक्ष फर्जी एलएल-1 भरी और उसके हस्ताक्षर करवाए, लेकिन जेई ने एलएल-1 का कॉलम खाली छोड़ दिया। सुमित ने आरोप लगाते हुए कहा कि जेई ने उसे ब्लैकमेल करते हुए कहा कि अगर फार्म में 1 किलो वाट लिखकर भेजना है तो इसके लिए 10 हजार खर्चा लगेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फार्म में 4 किलोवाट लिखकर भेज दूंगा, जिससे तुम्हें लाखों का जुर्माना भरना पड़ेगा। सुमित का कहना है कि यह सब जेई व लाइनमैन राजेन्द्र की उपस्थिति में हुआ। हालांकि जेई ने एलएल-1 आगे जमा करवाने की बजाए अपने पास रख ली।
विज्ञापन
इसके बाद सुमित ने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम को कर दी। टीम ने योजना के तहत चिन्हित किए गए नोट सुमित को दिए और पैसे देने के लिए सुमित को अकेले भेजा। इसके बाद जब सुमित बिजली निगम पहुंचा तो वहां कोई नहीं था। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद राजेंद्र के अलावा एक अन्य लाइनमैन मौके पर आया। इसके बाद सुमित ने मौके पर फोन कर विजिलेंस टीम को मौके पर बुला लिया। लाइनमैन से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि जेई भीम सिंह छुट्टी पर है व लाइनमैन की ड्यूटी किसी ग्रामीण क्षेत्र में है।
विजिलेंस टीम ने जेई के रूम में पड़े रिकार्ड को अपने कब्जे में ले लिया व मीटर को अपने साथ ले गई। दोनों कर्मियों का मौके पर न होना ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें पहले से ही टीम की छापेमार कार्रवाई के बारे में पता था।
वहीं इस संबंध में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें कोई एलएल-1 फार्म नहीं मिला है। जेई व लाईनमैन पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश आरंभ कर दी है।
6 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार
तहसील परिसर में एक किसान से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पटवारी पर मामला दर्ज कर लिया है, जिसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। कापड़ो निवासी किसान कृष्ण पुत्र रामकुमार ने विजिलेंस हिसार में शिकायत दी कि उसके ताऊ महेंद्र व उसकी ताई का देहांत हो चुका है। उनकी कोई औलाद नहीं रही और उस जमीन का इंतकाल करवाने के लिए उन्होंने प्रार्थना पत्र नारनौंद तहसील में दी तो पटवारी सत्यवान ने इंतकाल करवाने के एवज में छह हजार रुपये मांगे। किसान ने आरोप लगाया कि पैसे के लिए वो मुझे काफी परेशान भी करता रहा।
पीड़ित ने इसकी शिकायत हिसार विजिलेंस एसपी को दी। उन्होंने जींद विजिलेंस के इंचार्ज देवीलाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर डीडीपीओ हिसार सेकेंड रमेश कुमार को नियुक्त किया। पटवारी ने कृष्ण से रुपये लेने के लिए नारनौंद तहसील में बुलाया। जैसे ही कृष्ण ने पटवारी सत्यवान को पैसे दिए तो उसने विजिलेंस की टीम की तरफ इशारा कर दिया। विजिलेंस की टीम ने पटवारी को मौके पर ही धर लिया और रिश्वत के 6 हजार रुपये बरामद कर लिए।
जींद के विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल ने बताया कि पटवारी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।