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Haryana: मुश्किल में टी-20 वर्ल्डकप जिताने वाले जोगेंद्र शर्मा, हिसार में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला

Thu, 04 Jan 2024 10:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 04 Jan 2024 10:11 PM IST
सार

पूर्व क्रिकेटर DSP जोगेंद्र शर्मा सहित 6 पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज हुआ है। दो जनवरी की सुबह पवन नाम के युवक का शव घर पर फंदे पर लटका मिला था। 

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Case registered against former cricketer DSP Joginder Sharma in Hisar
International Cricketer and DSP Joginder Sharma - फोटो : Social Media

विस्तार

भारत को टी-20 वर्ल्डकप जिताने वाले पूर्व क्रिकेटर जोगेंद्र शर्मा पर हरियाणा के हिसार में केस दर्ज हो गया है। केस दर्ज होने से वह मुश्किलों में आ सकते हैं। दरअसल, पूर्व क्रिकेटर जोगेंद्र शर्मा हरियाणा के अंबाला के डीएसपी भी हैं। पहले वह हिसार जिले में भी तैनात थे।
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अब हरियाणा के हिसार के डाबड़ा गांव निवासी पवन (27) के आत्महत्या प्रकरण में अंबाला के डीएसपी एवं पूर्व क्रिकेटर जोगेंद्र शर्मा समेत 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने गुरुवार को शव उठाने से इन्कार कर दिया। इस दौरान परिजन व ग्रामीण नागरिक अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए।
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वहीं, आजादनगर थाने में मृतक की मां सुनीता ने तत्कालीन डीएसपी जोगेंद्र शर्मा सहित 6 पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज कराया। नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के पास डाबड़ा गांव निवासी मृतक पवन के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
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ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पर डीएसपी अशोक कुमार धरनास्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी एक न सुनी। इस दौरान परिजन एएसपी राजेश कुमार मोहन को धरनास्थल पर बुलाने पर अड़े रहे। दोपहर बाद 3:30 बजे एएसपी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में तत्कालीन डीएसपी सहित आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़कर केस दर्ज किया है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों कि गिरफ्तारी नहीं हो जाती, शव नहीं उठाएंगे। इस पर डीएसपी ने कहा कि ऐसे गिरफ्तारी नहीं होती। पहले मामले की जांच की जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, धरनास्थल पर बैठी मृतक की बहन को चक्कर आ गए और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मकान खाली करवाने का बना रहे थे दबाव
धरने पर बैठी डाबड़ा गांव निवासी मृतक की मां सुनीता ने बताया कि उसके दो बेटे और दो बेटी हैं। सभी अविवाहित हैं। बेटा पवन सबसे बड़ा था। गांव में जिस मकान में रहते हैं उस मकान को लेकर अजयवीर, ईश्वर झाझड़िया, प्रेम, राजेंद्र सिहाग और हिसार के तत्कालीन डीएसपी जोगेंद्र शर्मा के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है। इस बात को लेकर बेटा पवन परेशान रहता था। करीब एक सप्ताह पहले अजयवीर और उसका बेटा अर्जुन खेत में मिले थे। उन्होंने पवन को रास्ते में रोक कर मकान खाली करने की धमकी दी थी।

इससे परेशान पवन ने कमरे में पंखे से तार का फंदा लगाकर जान दे दी। दो जनवरी को उसका शव लटका मिला था। परिजनों की शिकायत पर आजाद नगर थाना पुलिस ने हिसार के तत्कालीन एवं वर्तमान मे अंबाला के डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, अजयबीर, ईश्वर, प्रेम, राजेंद्र, अर्जुन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज था। अब पुलिस ने मामले में एससी-एसटी की धारा जोड़कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

केस दर्ज नहीं किया रपट लिखी थी
धरने पर पहुंचे बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. प्रदीप ने बताया कि मृतक पवन की मां ने 6 अक्तूबर 2020 को आजाद नगर थाना पुलिस में उक्त लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। उस मामले की जांच तत्कालीन डीएसपी जोगेंद्र शर्मा ने की थी। 6 नवंबर 2020 को आरोपी डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, अजयबीर, ईश्वर, प्रेम, राजेंद्र आदि पवन के घर गए थे। सभी ने पवन की बहन कविता को डराया धमकाया था, जिस कारण वह परेशान रहने लगी थी। 9 नवंबर को उसने चूहे मार दवा खा लिया था। हालांकि उसकी जान बच गई थी। इसके बाद 12 नवंबर को सभी के खिलाफ आजाद नगर थाना में शिकायत दी थी। पुलिस ने केवल रपट लिखी एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद अदालत में इस्तगासा दायर किया, अभी अदालत में केस विचाराधीन है।


ये हैं मुख्य मांगें
  • सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
  • पीड़ित परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
  • परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर 50 लाख रुपये मुआवजा मिले।
  • परिवार को मकान बनाने के लिए स्थायी जमीन दी जाए।
  • सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस दिया जाए।
  • एक बेटा और बेटी की शिक्षा संबंधित मदद दी जाए।

छह आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़कर केस दर्ज किया है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, जो पहले वाले केस की बात है उसकी फिर से जांच करवाई जाएगी। - राजेश कुमार मोहन, एएसपी, हिसार
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