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मिड-डे-मिल वर्करों से अभद्र व्यवहार करने पर ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला, आरोप मौके पर आए एसएचओ बोले, धरना उठाओ नहीं तो जूत म

Tue, 31 Jul 2018 12:54 AM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:54 AM IST
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मिड-डे-मिल वर्करों से अभद्र व्यवहार करने पर ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला, आरोप मौके पर आए एसएचओ बोले, धरना उठाओ नहीं तो जूत म

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार/बालसमंद।
गांव मंगाली के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दो अध्यापिकाओं पर मिड-डे-मील वर्कर्स और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने स्कूल की संस्कृत अध्यापिका सुदेश और पीटीआई सुशीला पर आरोप लगाए। सूचना पाकर शिक्षा विभाग की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। विभाग की टीम ने पांच घंटे तक ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ से बातचीत करके दोनों अध्यापिकाओं के तबादले की सिफारिश की। दोपहर बाद तबादले के लिखित आश्वासन पर ग्रामीणों को समझाकर ताला खुलवाया गया। ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि मौके पर सदर थाना प्रभारी ने आते ही ग्रामीणों से कहा कि धरना उठाओ, वरना जूत मारकर केस दर्ज कर दूंगा। इस पर ग्रामीण और भड़क गए। बाद में मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी गई।

कई दिन से वर्कर्स के साथ चल रहा था भेदभाव
जानकारी के अनुसार गांव की चार महिलाएं ममता, नीलम रानी, कमलेश और नीलम स्कूल में मिड-डे-मील कर्मी हैं। आरोप है कि इन महिला कर्मियों के साथ स्कूल की दोनों अध्यापिकाएं अभद्र व्यवहार करती हैं और इन्हें जातिसूचक गाली देती रहती थीं, जबकि मिड-डे मील इंचार्ज अन्य अध्यापिका हैं। आरोप है कि महिला अध्यापिकाएं जातिगत भेदभाव करती थीं और गालियां देती हैं। कई बार स्कूल स्टाफ को शिकायत की गई, लेकिन अध्यापिकाएं इन महिलाओं पर हावी होती गई। इसके बाद मिड-डे-मील कर्मियों ने पुलिस और उपायुक्त को शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिरकार सोमवार को ग्रामीणों ने दोनों अध्यापिकाओं के तबादले और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग को लेकर स्कूल को ताला लगा दिया। ताला लगाने की सूचना पर बीईओ गौतम कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब पांच घंटो तक ग्रामीणों और स्टाफ सदस्यों से बातचीत की। इसके बाद करीब दो बजे दोनों अध्यापिकाओं के आंतरिक तबादले की सिफारिश पर स्कूल का ताला खुलवाया।
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सदर थाना प्रभारी के खिलाफ एसपी से मिलेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों के धरने पर सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजेंद्र सिहाग अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर सिहाग ने धरनास्थल पर बैठे सरपंच, चेयरमैन, पंच और ग्रामीणों को तुरंत धरना उठाने के लिए कहा और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि धरना उठाओ, नहीं तो जूत मारकर केस दर्ज कर दूंगा।
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पहले भी हो चुकी थीं पंचायतें
इन दोनों अध्यापिकाओं के खिलाफ इस मामले में ग्राम पंचायतें कई बार स्कूल प्रशासन से मिल चुकी हैं। स्कूल स्तर पर मामला न सुलझने पर मिड-डे-मील कर्मियों ने अध्यापिकाओं की शिकायत पुलिस को दी थी। मंगाली चौकी में इस मामले में पंचायत हुई तो दोनों अध्यापिकाओं ने भरी पंचायत में कुर्सी उठाकर मारने की कोशिश की थी।

दोनों अध्यापिकाएं थीं छुट्टी पर, बुलाया गया
ग्रामीणों के सोमवार को प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए महिला अध्यापिका सुदेश और सुशीला ने छुट्टी ले ली थी। शिक्षा विभाग की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची तो टीम ने दोनों अध्यापिकाओं को मौके पर बुलाया। इन अध्यापिकाओं को नजदीक के एक प्राइमरी स्कूल में बुलाया गया।

650 छात्राओं की पढ़ाई बाधित
सोमवार को ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रदर्शन से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 650 छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो गई। इस दौरान मंगाली महोब्बत सरपंच प्रतिनिधि सतपाल, मंगाली आकलन सरपंच राकेश गांधी, मंगाली सुरतिया सरपंच संदीप धायल, मंगाली झारा सरपंच प्रतिनिधि लीलूराम, ढाणी जाटान सरपंच प्रतिनिधि विनोद, पूर्व चेयरमैन सत्यनारायण, ब्लॉक चेयरमैन बलजीत, विजय, हरिओम शर्मा, सतीश, कृष्ण, गुलाब, निहाल सिंह, मुकेश के अलावा गांव की कई महिलाएं भी धरने पर डटी रही।

ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर गए। दोनों अध्यापिकाओं के आंतरिक तबादले की सिफारिश की गई है। ग्रामीणों को लिखित आश्वासन देकर स्कूल का ताला खुलवा दिया गया है। छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।

-गौतम कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, हिसार प्रथम


जूत मारकर केस दर्ज करने जैसी कोई बात मैंने ग्रामीणों से नहीं कही। आरोप तो कोई भी लगा सकता है। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि लॉ एंड आर्डर की स्थिति खराब नहीं होनी चाहिए। अगर किसी ने भी स्थिति खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे ज्यादा कोई बात नहीं हुई।
-इंस्पेक्टर विजेंद्र सिहाग, प्रभारी, सदर थाना पुलिस
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