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पशुधन फार्म में टेंडर घोटालों की जांच करेगी डीसी की हाई पावर कमेटी
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हिसार। हरियाणा पशुधन विकास फार्म के टेंडर घोटालों के मामले पर प्रशासन ने संज्ञान ले लिया है। टेंडर घोटालों के मामले में फर्जीवाड़े की जांच का जिम्मा उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने एडीसी की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी को सौंपा है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी इसी माह के अंत तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी ने अभी तक पशुधन विकास फार्म के आला अधिकारियों के बयान दर्ज करते हुए पूरा रिकार्ड तलब कर लिया है। पशुधन विकास फार्म ने टेंडर मामलों का रिकार्ड जमा करवाने के लिए 10 जनवरी तक का समय मांगा है। टेंडर घोटालों में अधिकारी की संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पशुधन विकास फार्म में अलग-अलग कामों के लिए जारी किए गए टेंडर के फर्जीवाड़े के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
टेंडर फर्जीवाड़े के ये मामले आ चुके हैं सामने
फार्म के अलग-अलग काम के लिए दिए गए टेंडर में अप्रैल माह से लगातार शिकायतें हो रही हैं। इन मामले में फार्म की सिक्योरिटी का टेंडर, जमीन जोतने का टेंडर, खेत से चारा काटकर लाने का टेंडर व कटा चार खोर तक पहुंचाने का टेंडर मामले में शिकायत हो चुकी हैं। शिकायत होने के बाद फार्म द्वारा सिक्योरिटी का टेंडर रद्द कर दिया गया है, वहीं जमीन जोतने के टेंडर मामले में दो के खिलाफ सदर थाने में फर्जीवाड़ा का केस दर्ज हो चुका है।
एक और नए मामलेे में शिकायत
फार्म के एक और टेंडर में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में बताया गया है कि फार्म की तरफ से जेसीबी किराए पर लेने के लिए टेंडर मांगे गए थे, लेकिन यह टेंडर किसी लोडर वाले को दे दिया गया, जबकि यह लोडर थी टेंडर लेने वाले का नहीं है। उसने यह खुद के पास किराए पर दिखाया है। ऑनलाइन रिपोर्ट में लोडर की पासिंग भी खत्म हो चुकी है। इस बारे में पशुधन फार्म चीफ सुपरिंटेंडेंट श्रीकिशन बागौरिया के अनुसार लोडर के कागजात जांच के लिए कंपनी के फरीदाबाद ऑफिस में भेजे गए हैं।
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डॉ. गहलावत ने उठाया था इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कदम
इन फर्जीवाड़ों खिलाफ फार्म के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र गहलावत ने कदम उठाया था। डॉ. गहलावत सितंबर 2015 से जनवरी 2018 तक डिप्टी डायरेक्टर के पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने सभी टेंडर से शर्तें हटाकर ओपन करवा दिया था। शर्तें हटने के कारण टेंडर पुराने ठेकेदारों को नहीं मिल पाए। जनवरी 2018 में डॉ. गहलावत का तबादला होने के बाद फार्म ने नए टेंडरों में फिर से शर्तें लगा दीं।
पशुधन फार्म के बयान दर्ज किए गए हैं। टेेंडर मामलों में कागजात जमा करवाने के लिए उन्होंने 10 जनवरी तक का समय मांगा है। कमेटी इन मामलों में जनवरी के लास्ट तक अपनी जांच रिपोर्ट जमा करवा देगी।
-अमरजीत सिंह मान, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार
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टेंडर फर्जीवाड़े के ये मामले आ चुके हैं सामने
फार्म के अलग-अलग काम के लिए दिए गए टेंडर में अप्रैल माह से लगातार शिकायतें हो रही हैं। इन मामले में फार्म की सिक्योरिटी का टेंडर, जमीन जोतने का टेंडर, खेत से चारा काटकर लाने का टेंडर व कटा चार खोर तक पहुंचाने का टेंडर मामले में शिकायत हो चुकी हैं। शिकायत होने के बाद फार्म द्वारा सिक्योरिटी का टेंडर रद्द कर दिया गया है, वहीं जमीन जोतने के टेंडर मामले में दो के खिलाफ सदर थाने में फर्जीवाड़ा का केस दर्ज हो चुका है।
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एक और नए मामलेे में शिकायत
फार्म के एक और टेंडर में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में बताया गया है कि फार्म की तरफ से जेसीबी किराए पर लेने के लिए टेंडर मांगे गए थे, लेकिन यह टेंडर किसी लोडर वाले को दे दिया गया, जबकि यह लोडर थी टेंडर लेने वाले का नहीं है। उसने यह खुद के पास किराए पर दिखाया है। ऑनलाइन रिपोर्ट में लोडर की पासिंग भी खत्म हो चुकी है। इस बारे में पशुधन फार्म चीफ सुपरिंटेंडेंट श्रीकिशन बागौरिया के अनुसार लोडर के कागजात जांच के लिए कंपनी के फरीदाबाद ऑफिस में भेजे गए हैं।
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डॉ. गहलावत ने उठाया था इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कदम
इन फर्जीवाड़ों खिलाफ फार्म के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र गहलावत ने कदम उठाया था। डॉ. गहलावत सितंबर 2015 से जनवरी 2018 तक डिप्टी डायरेक्टर के पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने सभी टेंडर से शर्तें हटाकर ओपन करवा दिया था। शर्तें हटने के कारण टेंडर पुराने ठेकेदारों को नहीं मिल पाए। जनवरी 2018 में डॉ. गहलावत का तबादला होने के बाद फार्म ने नए टेंडरों में फिर से शर्तें लगा दीं।
पशुधन फार्म के बयान दर्ज किए गए हैं। टेेंडर मामलों में कागजात जमा करवाने के लिए उन्होंने 10 जनवरी तक का समय मांगा है। कमेटी इन मामलों में जनवरी के लास्ट तक अपनी जांच रिपोर्ट जमा करवा देगी।
-अमरजीत सिंह मान, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार