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धोखाधड़ी में मत्स्य विभाग के अधिकारी समेत सात को तीन-तीन साल की कैद
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने धोखाधड़ी और जालसाजी करने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी जयगोपाल समेत सात अन्य लोगों को तीन-तीन साल की कैद और 18-18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जिनको सजा सुनाई है, उनमें जयगोपाल के अलावा कैमरी रोड हिसार का साधुराम, बरवाला का रामफल, रणबीर सिंह, ढाणी बुखारी का रामेश्वर, गुराना का हरपाल सिंह और कुलदीप सिंह शामिल हैं। आठवां आरोपी गुराना का राजेश फैसले के दिन गैरहाजिर हो गया। अभियोग के अनुसार एक आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की सिसाय शाखा से लोन लिया था। बैंक ने जांच की तो फ्रॉड निकला था। बैंक मैनेजर ने इस बारे में 15 दिसंबर 2005 को हांसी सदर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कराया था। न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत में आरोपी बरी हो गए थे। पीएनबी ने उस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
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हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने धोखाधड़ी और जालसाजी करने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी जयगोपाल समेत सात अन्य लोगों को तीन-तीन साल की कैद और 18-18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जिनको सजा सुनाई है, उनमें जयगोपाल के अलावा कैमरी रोड हिसार का साधुराम, बरवाला का रामफल, रणबीर सिंह, ढाणी बुखारी का रामेश्वर, गुराना का हरपाल सिंह और कुलदीप सिंह शामिल हैं। आठवां आरोपी गुराना का राजेश फैसले के दिन गैरहाजिर हो गया। अभियोग के अनुसार एक आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की सिसाय शाखा से लोन लिया था। बैंक ने जांच की तो फ्रॉड निकला था। बैंक मैनेजर ने इस बारे में 15 दिसंबर 2005 को हांसी सदर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कराया था। न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत में आरोपी बरी हो गए थे। पीएनबी ने उस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।