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प्रद्युम्न मामले में फजीहत के बाद फूंक-फूंक कर कदम रख रही पुलिस
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उकलाना मंडी।
मासूम के हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस की एसआईटी दिनभर फाइल खंगालती रही। गुरुग्राम में प्रद्युम्न मामले में फजीहत के बाद पुलिस बिना पुख्ता सबूत किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाना चाहती।
एसपी मनीषा चौधरी केस को हल कराने के लिए सोमवार को पूरा दिन उकलाना थाने में रही। सुबह 11 बजे थाना पहुंच गई थीं। इसके बाद एसआईटी को लगातार निर्देश देती रही। एरिया के मोबाइल धारकों की आईडी की शिनाख्त की गई। मुगलपुरा के रामचंद्र, सोनू, कुलदीप, सतबीर से जानकारी ली गई। प्लॉट मालिक कृष्ण कबाड़ी से भी आठ घंटे पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। कृष्ण ने मीडिया को बताया कि जब उनसे पूछताछ की जा रही थी, तब 15-16 लड़के वहां थे। इन सभी से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की जा रही थी। पड़ोसी बलवंत ने बताया कि परसों से ही मेरे लड़के से पूछताछ चल रही है। पड़ोस में दहशत का माहौल बना हुआ है। माया ने बताया उसके बेटे वीरेंद्र को भी पुलिस ने बुलाया है।
कल हाईकोर्ट जाएंगे रजत कल्सन
अधिवक्ता रजन कल्सन ने कहा परिवार को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं रहा। हम बुधवार को याचिका दायर करेंगे। गुरुग्राम के प्रद्युम्न हत्याकांड में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही थी। इस मामले में सीबीआई जांच से ही होनी चाहिए।
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लीगल अथॉरिटी की अधिवक्ता पहुंची
पीड़ित परिवार से जिला लीगल अॅथारिटी सर्विस की ओर से अधिवक्ता अमला देवी ने भी मुलाकात की। पीड़ित परिवार की कानूनी-प्रशासनिक मदद उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया।
मृतका की मां की तबीयत बिगड़ी
मृतका की मां की तबीयत खराब रही। सरकारी चिकित्सक राजेश और एक निजी चिकित्सक ने जांच करने के बाद बच्ची की माता को दवाइयां दीं। कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार को कंबल, खाने का सामान और आर्थिक मदद दी।
मानव अधिकार आयोग की टीम पहुंची
मानवाधिकार आयोग की टीम के स्टेट को-आर्डिनेटर मनीषा मशाल ने परिवार से मिलकर मदद कर भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आयोग हर स्तर पर मदद करेगा।
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उकलाना मंडी।
मासूम के हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस की एसआईटी दिनभर फाइल खंगालती रही। गुरुग्राम में प्रद्युम्न मामले में फजीहत के बाद पुलिस बिना पुख्ता सबूत किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाना चाहती।
एसपी मनीषा चौधरी केस को हल कराने के लिए सोमवार को पूरा दिन उकलाना थाने में रही। सुबह 11 बजे थाना पहुंच गई थीं। इसके बाद एसआईटी को लगातार निर्देश देती रही। एरिया के मोबाइल धारकों की आईडी की शिनाख्त की गई। मुगलपुरा के रामचंद्र, सोनू, कुलदीप, सतबीर से जानकारी ली गई। प्लॉट मालिक कृष्ण कबाड़ी से भी आठ घंटे पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। कृष्ण ने मीडिया को बताया कि जब उनसे पूछताछ की जा रही थी, तब 15-16 लड़के वहां थे। इन सभी से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की जा रही थी। पड़ोसी बलवंत ने बताया कि परसों से ही मेरे लड़के से पूछताछ चल रही है। पड़ोस में दहशत का माहौल बना हुआ है। माया ने बताया उसके बेटे वीरेंद्र को भी पुलिस ने बुलाया है।
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कल हाईकोर्ट जाएंगे रजत कल्सन
अधिवक्ता रजन कल्सन ने कहा परिवार को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं रहा। हम बुधवार को याचिका दायर करेंगे। गुरुग्राम के प्रद्युम्न हत्याकांड में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही थी। इस मामले में सीबीआई जांच से ही होनी चाहिए।
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लीगल अथॉरिटी की अधिवक्ता पहुंची
पीड़ित परिवार से जिला लीगल अॅथारिटी सर्विस की ओर से अधिवक्ता अमला देवी ने भी मुलाकात की। पीड़ित परिवार की कानूनी-प्रशासनिक मदद उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया।
मृतका की मां की तबीयत बिगड़ी
मृतका की मां की तबीयत खराब रही। सरकारी चिकित्सक राजेश और एक निजी चिकित्सक ने जांच करने के बाद बच्ची की माता को दवाइयां दीं। कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार को कंबल, खाने का सामान और आर्थिक मदद दी।
मानव अधिकार आयोग की टीम पहुंची
मानवाधिकार आयोग की टीम के स्टेट को-आर्डिनेटर मनीषा मशाल ने परिवार से मिलकर मदद कर भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आयोग हर स्तर पर मदद करेगा।