{"_id":"5a77605e4f1c1b462c8b6235","slug":"151517772894-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम में रिकार्ड दस्तावेज गायब करने पर हेड क्लर्क समेत तीन कर्मियों पर गबन का केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निगम में रिकार्ड दस्तावेज गायब करने पर हेड क्लर्क समेत तीन कर्मियों पर गबन का केस दर्ज
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पुलिस ने आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर गुमराह करने और रिकॉर्ड के कुछ दस्तावेज गायब करने के आरोप में नगर निगम के एक हेड क्लर्क समेत तीन कर्मचारियों पर गबन का केस दर्ज किया गया है। इनमें से एक कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुका है। निगम आयुक्त द्वारा दी गई शिकायत पर निगम के सेवानिवृत्त हेड क्लर्क राजकुमार, आंकड़ा लिपिक सुरेश कुमार और अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज कड़वासरा ने निगम प्रशासन से डेथ-बर्थ शाशा के रिकॉर्ड को ऑनलाइन किए जाने के टेंडर को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने आरटीआई के तहत यह काम किस एजेंसी को दिया गया, क्या शर्तें रखी गईं, इस बारे मेें जानकारी मांगी थी। उनको आधी-अधूरी सूचना दी गई। एजेंसी से किए गए एग्रीमेंट की कॉपी भी गुम बताई जा रही है। आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप है कि आयुक्त के आदेश के बावजूद उनको फाइल नहीं दिखाई गई। इस पर उन्होंने आयुक्त के सामने तीनों की शिकायत भी की थी। आयुक्त ने एसपी को तीनों कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
डेथ-बर्थ ब्रांच के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के टेंडर की जानकारी मांगी थी। अधूरी सूचना दी गई। एग्रीमेंट की कॉपी भी नहीं दी गई थी।
-मनोज कड़वासरा, आरटीआई एक्टिविटिस्ट
विज्ञापन
हिसार।
पुलिस ने आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर गुमराह करने और रिकॉर्ड के कुछ दस्तावेज गायब करने के आरोप में नगर निगम के एक हेड क्लर्क समेत तीन कर्मचारियों पर गबन का केस दर्ज किया गया है। इनमें से एक कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुका है। निगम आयुक्त द्वारा दी गई शिकायत पर निगम के सेवानिवृत्त हेड क्लर्क राजकुमार, आंकड़ा लिपिक सुरेश कुमार और अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज कड़वासरा ने निगम प्रशासन से डेथ-बर्थ शाशा के रिकॉर्ड को ऑनलाइन किए जाने के टेंडर को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने आरटीआई के तहत यह काम किस एजेंसी को दिया गया, क्या शर्तें रखी गईं, इस बारे मेें जानकारी मांगी थी। उनको आधी-अधूरी सूचना दी गई। एजेंसी से किए गए एग्रीमेंट की कॉपी भी गुम बताई जा रही है। आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप है कि आयुक्त के आदेश के बावजूद उनको फाइल नहीं दिखाई गई। इस पर उन्होंने आयुक्त के सामने तीनों की शिकायत भी की थी। आयुक्त ने एसपी को तीनों कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
डेथ-बर्थ ब्रांच के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के टेंडर की जानकारी मांगी थी। अधूरी सूचना दी गई। एग्रीमेंट की कॉपी भी नहीं दी गई थी।
-मनोज कड़वासरा, आरटीआई एक्टिविटिस्ट